मेरठ: उत्तर प्रदेश के मेरठ शहर में रसोई गैस (LPG) को लेकर चल रहे हालिया संकट ने शहरवासियों के बीच एक बड़ा बदलाव ला दिया है। एलपीजी सिलेंडरों की किल्लत, डिलीवरी में होने वाली देरी और कीमतों में उतार-चढ़ाव से परेशान होकर अब मेरठ के लोग तेजी से पाइप्ड नेचुरल गैस (PNG - Piped Natural Gas) की तरफ रुख कर रहे हैं।READ ALSO:-उन्नाव में रोंगटे खड़े करने वाला हादसा: तेज रफ्तार ट्रक ने स्कूटी को मारी टक्कर, पहिए के नीचे आने से महिला का सिर धड़ से अलग
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हालात यह हैं कि पीएनजी गैस की आपूर्ति करने वाली कंपनी 'गेल गैस लिमिटेड' (GAIL Gas Limited) पर अचानक से भारी दबाव बढ़ गया है। जहां कुछ समय पहले तक कंपनी के कर्मचारी घर-घर जाकर लोगों से पीएनजी कनेक्शन लेने की मिन्नतें करते थे, वहीं अब लोग कनेक्शन जल्द लगवाने के लिए नेताओं और जनप्रतिनिधियों से सिफारिशें लगवा रहे हैं। आइए इस विस्तृत रिपोर्ट में समझते हैं कि मेरठ में अचानक पीएनजी की मांग में इतना बड़ा उछाल क्यों आया है और गेल गैस लिमिटेड इससे निपटने के लिए क्या रणनीतियां अपना रहा है।
\r\n\r\nएलपीजी संकट ने बदला माहौल: पीएनजी के लिए लगी होड़
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बीते कुछ हफ्तों से घरेलू एलपीजी सिलेंडरों की आपूर्ति में आ रही बाधाओं ने आम गृहिणियों की रसोई का बजट और रूटीन दोनों बिगाड़ दिया है। बुकिंग के कई दिनों बाद भी सिलेंडर की डिलीवरी न होने के कारण लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इसी संकट ने मेरठ के नागरिकों को पीएनजी (PNG) के सुरक्षित और निर्बाध विकल्प की ओर धकेल दिया है।
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गेल गैस लिमिटेड के कार्यालयों में इन दिनों नए कनेक्शन के लिए आवेदनों की बाढ़ सी आ गई है। लोग न केवल ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से आवेदन कर रहे हैं, बल्कि बड़ी संख्या में ग्राहक ऑफलाइन फॉर्म जमा करने के लिए भी गेल गैस के दफ्तरों के चक्कर काट रहे हैं।
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30 दिनों में 1200 नए कनेक्शन: आंकड़ों में देखें उछाल
\r\n\r\nपीएनजी की बढ़ती लोकप्रियता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि महज एक महीने के भीतर कंपनी ने रिकॉर्ड तोड़ नए कनेक्शन जारी किए हैं।
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- \r\n मार्च से पहले की स्थिति: शहर में गेल गैस के लगभग 55,000 घरेलू कनेक्शन सक्रिय थे।\r\n \r\n
- \r\n वर्तमान स्थिति (एक महीने बाद): नए आवेदनों की बाढ़ के बाद यह आंकड़ा बढ़कर 56,200 के पार पहुंच गया है।\r\n \r\n
- \r\n यानी सिर्फ 30 दिनों के भीतर 1200 नए परिवारों ने एलपीजी छोड़कर पीएनजी को अपना लिया है।\r\n \r\n
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नेताओं की सिफारिशों का बढ़ा दबाव: मांग इतनी ज्यादा है कि कंपनी का मौजूदा इंफ्रास्ट्रक्चर और मैनपावर कम पड़ने लगा है। ऐसे में जो लोग लाइन में नहीं लगना चाहते या जिन्हें तुरंत कनेक्शन चाहिए, वे स्थानीय विधायकों, सांसदों और अन्य जनप्रतिनिधियों से गेल गैस के अधिकारियों को फोन करवा रहे हैं। वीआईपी सिफारिशों के इस बढ़ते दबाव को देखते हुए गेल गैस लिमिटेड ने भी अपनी तकनीकी टीमों की संख्या बढ़ा दी है और काम में तेजी लाने की तैयारी शुरू कर दी है।
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मेरठ छावनी (Cantonment) पर विशेष फोकस: डीएम को लिखा पत्र
\r\n\r\nघरेलू उपभोक्ताओं के अलावा, गेल गैस लिमिटेड अब बड़े और कमर्शियल उपभोक्ताओं को भी पीएनजी नेटवर्क से जोड़ने की एक बड़ी योजना पर काम कर रहा है। इसी कड़ी में मेरठ के विशाल छावनी (Cantonment) क्षेत्र पर विशेष फोकस किया जा रहा है।
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गेल गैस लिमिटेड के मेरठ के महाप्रबंधक (GM) विनय कुमार ने बताया कि कंपनी की ओर से मेरठ के जिलाधिकारी (DM) को एक औपचारिक पत्र भेजकर अनुरोध किया गया है। इस पत्र में डीएम से अपील की गई है कि वे छावनी क्षेत्र में मौजूद सरकारी प्रतिष्ठानों को पीएनजी कनेक्शन अपनाने के लिए प्रेरित करें।
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छावनी में पीएनजी के फायदे का गणित:
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- \r\n छावनी क्षेत्र में वर्तमान में लगभग 300 सरकारी रसोई और कैंटीन संचालित होती हैं।\r\n \r\n
- \r\n इन रसोइयों में हर महीने लगभग 600 से अधिक कमर्शियल एलपीजी सिलेंडरों की भारी खपत होती है।\r\n \r\n
- \r\n मेरठ छावनी क्षेत्र में पहले से ही पीएनजी की अंडरग्राउंड पाइपलाइन बिछी हुई है।\r\n \r\n
- \r\n यदि ये 300 कैंटीन पीएनजी पर शिफ्ट हो जाती हैं, तो हर महीने 600 एलपीजी सिलेंडरों की बचत होगी, जिन्हें आम जनता के लिए बाजार में डायवर्ट किया जा सकेगा।\r\n \r\n
- \r\n साथ ही, सरकार द्वारा पीएनजी पर सब्सिडी भी दी जाती है, जिससे सरकारी खजाने पर आर्थिक बोझ कम होगा और सरकार का ग्रीन एनर्जी (Green Energy) का लक्ष्य भी पूरा हो सकेगा।\r\n \r\n
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फूलबाग कॉलोनी में घर-घर जाकर जागरूकता अभियान
\r\n\r\nपीएनजी नेटवर्क के विस्तार के लिए गेल गैस लिमिटेड 'वर्ड ऑफ माउथ' (Word of Mouth) मार्केटिंग और डोर-टू-डोर कैंपेन का भी सहारा ले रही है। हाल ही में कंपनी की टीमों ने मेरठ की घनी आबादी वाली फूलबाग कॉलोनी में एक विशेष जागरूकता अभियान चलाया।
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क्या था इस अभियान का कारण? दरअसल, फूलबाग कॉलोनी में हाल ही में 3-4 परिवारों ने एलपीजी का इस्तेमाल बंद करके पीएनजी का नया कनेक्शन लगवाया था। जब पड़ोसियों ने देखा कि पीएनजी इस्तेमाल करने वाले परिवारों को सिलेंडर खत्म होने की टेंशन नहीं है और बिल भी कम आ रहा है, तो वहां पीएनजी को लेकर उत्सुकता बढ़ गई।
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इसी मौके का फायदा उठाते हुए गेल गैस की टीम ने फूलबाग कॉलोनी में घर-घर जाकर लोगों को पीएनजी के फायदों के बारे में जागरूक किया। टीम ने स्थानीय निवासियों को समझाया कि पीएनजी न केवल एलपीजी से सस्ती है, बल्कि पूरी तरह से सुरक्षित भी है।
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आखिर क्यों एलपीजी से बेहतर विकल्प है पीएनजी? (PNG vs LPG)
\r\n\r\nमेरठ में पीएनजी के प्रति इस अचानक बढ़े रुझान के पीछे सिर्फ एलपीजी का संकट ही नहीं, बल्कि पीएनजी के अपने कई व्यावहारिक फायदे भी हैं, जिन्हें अब लोग समझने लगे हैं:
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- \r\n सिलेंडर की झंझट खत्म (No Cylinder Hassle): पीएनजी सीधे पाइपलाइन के जरिए आपके गैस स्टोव तक पहुंचती है। सिलेंडर बुक करने, डिलीवरी बॉय का इंतजार करने या सिलेंडर खत्म होने पर उसे बदलने की कोई जरूरत नहीं होती। 24x7 गैस की निर्बाध सप्लाई मिलती है।\r\n \r\n
- \r\n सस्ती और किफायती (Cost-Effective): पीएनजी का बिल मीटर के हिसाब से आता है, यानी आप जितनी गैस इस्तेमाल करेंगे, आपको सिर्फ उतने का ही बिल देना होगा। एलपीजी की तुलना में पीएनजी लगभग 15% से 20% तक सस्ती पड़ती है।\r\n \r\n
- \r\n सुरक्षा के लिहाज से बेहतर (Highly Safe): पीएनजी हवा से हल्की होती है। यदि कभी पाइपलाइन में लीकेज हो भी जाए, तो यह गैस तुरंत हवा में ऊपर उठकर फैल जाती है और आग लगने का खतरा बेहद कम हो जाता है। वहीं, एलपीजी गैस भारी होने के कारण फर्श पर बैठ जाती है, जो दुर्घटना का बड़ा कारण बनती है।\r\n \r\n
- \r\n स्पेस की बचत (Saves Kitchen Space): आज के समय में फ्लैट्स और छोटे घरों में किचन स्पेस बहुत मायने रखता है। भारी-भरकम सिलेंडर रखने के लिए जगह घेरने की जरूरत नहीं पड़ती, बस दीवार पर एक छोटा सा मीटर और पाइप लगा होता है।\r\n \r\n
- \r\n पर्यावरण के अनुकूल (Eco-Friendly): पीएनजी को भविष्य का ईंधन (Fuel of the future) माना जाता है। यह एलपीजी के मुकाबले बहुत कम कार्बन उत्सर्जन (Carbon Emission) करती है, जिससे प्रदूषण कम होता है और हवा साफ रहती है।\r\n \r\n
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निष्कर्ष के तौर पर, मेरठ में रसोई गैस की तस्वीर अब तेजी से बदल रही है। जिस तरह से गेल गैस लिमिटेड ने अपने इंफ्रास्ट्रक्चर का विस्तार किया है और आम जनता पीएनजी को अपना रही है, वह दिन दूर नहीं जब मेरठ के ज्यादातर घरों में सिलेंडर इतिहास की बात हो जाएंगे। जो लोग अभी भी कनेक्शन लेने से कतरा रहे हैं, मौजूदा हालात उन्हें भी इस सुरक्षित और स्मार्ट विकल्प को चुनने के लिए मजबूर कर रहे हैं।
Sabse pehle comment karne wale banein.