मेरठ (Meerut News): उत्तर प्रदेश के मेरठ शहर के सबसे प्रमुख और व्यस्त व्यावसायिक केंद्र, बेगमपुल बाजार में इन दिनों भारी तनाव का माहौल है। यह तनाव किसी बाजार की आपसी प्रतिस्पर्धा का नहीं, बल्कि बिजली विभाग की मनमानी और स्थानीय व्यापारियों के अधिकारों के बीच के टकराव का है। बेगमपुल व्यापार संघ ने बिजली विभाग के उस कदम का पुरजोर और कड़ा विरोध किया है, जिसमें विभाग के कर्मचारी दुकानों के बाहर जबरन बिजली मीटर स्थापित करने का दबाव बना रहे हैं।READ ALSO:-हापुड़ में बाबा साहेब अंबेडकर की मूर्ति तोड़ी: घूंघराला गांव में शोषित क्रांति दल का जोरदार प्रदर्शन, टेंट लगाने पर पुलिस से नोकझोंक
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व्यापारियों का साफ तौर पर आरोप है कि विभाग के ठेकेदार और कर्मचारी बिना किसी आधिकारिक लिखित आदेश के तानाशाही रवैया अपना रहे हैं और भोले-भाले दुकानदारों को धमका रहे हैं। बेगमपुल व्यापार संघ के महामंत्री पुनीत शर्मा ने इस पूरे मामले में व्यापारियों का नेतृत्व करते हुए बिजली विभाग के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है और स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि विभाग ने अपनी कार्यप्रणाली नहीं सुधारी, तो मेरठ का व्यापारी सड़क पर उतरने को मजबूर होगा।
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बिना लिखित आदेश के तानाशाही: आखिर किसके इशारे पर हो रही है जबरदस्ती?
\r\n\r\nव्यापारियों का सबसे बड़ा सवाल व्यवस्था और प्रशासन की पारदर्शिता को लेकर है। पुनीत शर्मा ने कड़े शब्दों में कहा कि प्रशासन और बिजली विभाग के किसी भी वरिष्ठ अधिकारी या बड़े नेता के पास दुकानों के बाहर मीटर लगाने का कोई स्पष्ट लिखित आदेश या शासनादेश (Government Order) उपलब्ध नहीं है। इसके बावजूद, मीटर बदलने वाले और नए मीटर लगाने वाले कर्मचारी लगातार बाजारों में घूम रहे हैं और व्यापारियों पर अनुचित दबाव बना रहे हैं।
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महामंत्री पुनीत शर्मा ने सवाल उठाया कि, "जब सरकार या विभाग के उच्चाधिकारियों ने कोई आधिकारिक सर्कुलर जारी नहीं किया है, तो निचले स्तर के कर्मचारी किस अधिकार से जनता को डरा-धमका रहे हैं? क्या यह किसी बड़े भ्रष्टाचार या ठेकेदारी प्रथा की आड़ में हो रही कोई साजिश है?" व्यापारियों का कहना है कि कर्मचारी कनेक्शन काटने की धमकी देकर दुकानों के बाहर मीटर लगाने के लिए मजबूर कर रहे हैं, जिसे अब किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
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क्यों कर रहे हैं व्यापारी विरोध? जानिए दुकानों के बाहर मीटर लगाने के असली खतरे
\r\n\r\nबिजली विभाग इसे भले ही व्यवस्था में सुधार का नाम दे रहा हो, लेकिन जमीनी हकीकत का सामना करने वाले व्यापारियों के लिए यह एक बहुत बड़ा सिरदर्द और आर्थिक नुकसान का कारण बन सकता है। बेगमपुल व्यापार संघ ने दुकानों के बाहर मीटर लगाए जाने के निम्नलिखित गंभीर और व्यावहारिक नुकसान गिनाए हैं:
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1. बिजली चोरी और छेड़छाड़ (Power Theft & Tampering)
\r\n\r\nदुकान के बाहर मीटर लगे होने का सीधा मतलब है कि वह सार्वजनिक पहुंच में होगा। पुनीत शर्मा ने बताया कि इससे मीटर के साथ छेड़छाड़ होने की पूरी संभावना है। कोई भी असामाजिक तत्व या शरारती व्यक्ति मीटर में आसानी से कुछ भी फेरबदल कर सकता है। इतना ही नहीं, रात के समय जब बाजार बंद रहता है, तो आस-पास के लोग या कोई अन्य व्यक्ति कटिया डालकर बिजली चोरी कर सकता है, जिसका भारी-भरकम बिल सीधे उस बेकसूर दुकानदार को भरना पड़ेगा जिसके नाम पर वह मीटर दर्ज है।
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2. शॉर्ट सर्किट और भयंकर आग का खतरा (Risk of Short Circuit & Fire)
\r\n\r\nमेरठ के बाजारों में पहले से ही तारों का मकरजाल फैला हुआ है। बाहर मीटर लगने से खुले तारों की संख्या और बढ़ेगी। व्यापारियों ने अपने पुराने कड़वे अनुभवों को साझा करते हुए बताया कि अक्सर रात के सन्नाटे में चोर-उचक्के और नशेड़ी इन मीटरों से तांबे के तार खींच ले जाते हैं। तार खींचे जाने या काटे जाने के कारण भयंकर शॉर्ट सर्किट होता है। बेगमपुल जैसे घनी आबादी और सघन दुकानों वाले इलाके में अगर शॉर्ट सर्किट से आग लग गई, तो करोड़ों का माल जलकर खाक हो सकता है।
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3. मौसम की मार और टूट-फूट (Weather Damage & Breakage)
\r\n\r\nबाहर लगे मीटर बारिश के पानी, तेज धूप और धूल-मिट्टी के सीधे संपर्क में आते हैं। बारिश के दिनों में मीटर में पानी जाने से करंट फैलने का खतरा रहता है। इसके अलावा, बाजार में होने वाली भीड़भाड़, सामान की लोडिंग-अनलोडिंग या किसी वाहन की टक्कर से मीटर के टूटने का भी हर समय डर बना रहेगा। अगर मीटर टूटता है, तो विभाग इसका जुर्माना भी व्यापारी से ही वसूलेगा, जो पूरी तरह से अन्यायपूर्ण है।
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'नुकसान की जिम्मेदारी ले सरकार या बिजली विभाग, तभी लगेंगे मीटर'
\r\n\r\nबेगमपुल व्यापार संघ ने अपनी स्थिति पूरी तरह से स्पष्ट कर दी है। महामंत्री पुनीत शर्मा ने दो-टूक शब्दों में कहा है कि व्यापारी तब तक अपनी दुकानों के बाहर मीटर नहीं लगवाएंगे, जब तक कि सरकार या बिजली विभाग इन सभी संभावित नुकसानों की पूरी जिम्मेदारी अपने ऊपर नहीं लेता।
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"अगर बाहर लगे मीटर से तार चोरी होते हैं, बिजली चोरी का झूठा बिल आता है, या शॉर्ट सर्किट से हमारी दुकानों में आग लगती है, तो इसका पूरा मुआवजा बिजली विभाग को देना होगा। विभाग इसका लिखित शपथ पत्र हमें दे। अगर विभाग अपनी जिम्मेदारी से भागता है, तो व्यापारी भी किसी भी हाल में अपनी दुकानों के बाहर मीटर स्थापित नहीं होने देंगे।" - पुनीत शर्मा, महामंत्री, बेगमपुल व्यापार संघ
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सरचार्ज के नाम पर 'लूट' का भी होगा कड़ा विरोध
\r\n\r\nव्यापारियों का गुस्सा केवल मीटरों की जगह बदलने तक सीमित नहीं है। उन्होंने बिजली के बिलों में लगने वाले बेतहाशा 'सरचार्ज' (Surcharge) को लेकर भी अपनी आवाज बुलंद की है। पुनीत शर्मा ने आरोप लगाया कि कमर्शियल मीटरों के बिलों में विभाग द्वारा मनमाने तरीके से सरचार्ज जोड़ा जा रहा है, जो छोटे और मध्यम वर्ग के व्यापारियों की कमर तोड़ रहा है।
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कोरोना काल और उसके बाद की मंदी से अभी तक व्यापारी पूरी तरह उबर नहीं पाए हैं। ऐसे में बिजली विभाग द्वारा जनता और व्यापारियों से की जा रही इस आर्थिक 'लूट' का अब पुरजोर विरोध किया जाएगा। संघ का कहना है कि यह कोई सेवा नहीं बल्कि खुलेआम वसूली है, जिसे तुरंत रोका जाना चाहिए।
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संयुक्त व्यापार संघ और वरिष्ठ नेताओं के साथ मिलकर बनेगी आगे की रणनीति
\r\n\r\nबेगमपुल व्यापार संघ इस लड़ाई को अब एक बड़े आंदोलन का रूप देने की तैयारी कर रहा है। पुनीत शर्मा ने बताया कि इस गंभीर मुद्दे पर मेरठ के सबसे बड़े व्यापारी संगठन 'संयुक्त व्यापार संघ' के वरिष्ठ नेताओं के साथ जल्द ही एक आपातकालीन बैठक की जाएगी। सभी व्यापारी मिलकर एक संयुक्त रणनीति तैयार करेंगे ताकि बिजली विभाग की इस तानाशाही को जड़ से उखाड़ फेंका जाए। अगर विभाग ने अपनी हठधर्मिता नहीं छोड़ी, तो जल्द ही बड़े स्तर पर धरना-प्रदर्शन और बाजार बंद जैसे कड़े कदम उठाए जाएंगे।
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इन बड़े अधिकारियों और व्यापारी नेताओं को दी गई है खुली सूचना/चेतावनी:
\r\n\r\nबेगमपुल व्यापार संघ ने अपनी इस शिकायत और विरोध पत्र को मेरठ के संबंधित बिजली अधिकारियों और व्यापारी नेताओं को प्रेषित कर दिया है, ताकि समय रहते इस समस्या का समाधान किया जा सके:
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- \r\n एसडीओ मीटर (SDO Meter)\r\n \r\n
- \r\n एसडीओ सदर बिजली (SDO Sadar Bijli)\r\n \r\n
- \r\n जेई बिजली, बेगमपुल (JE Bijli, Begum Pul)\r\n \r\n
- \r\n श्री अजय गुप्ता जी, अध्यक्ष, संयुक्त व्यापार संघ (Ajay Gupta, President, Sanyukt Vyapar Sangh)\r\n \r\n
- \r\n श्री नवीन गुप्ता जी, अध्यक्ष, संयुक्त व्यापार संघ (Naveen Gupta, President, Sanyukt Vyapar Sangh)\r\n \r\n
- \r\n चीफ इंजीनियर, रजनीकांत मिश्रा (Chief Engineer, Rajnikant Mishra)\r\n \r\n
जारीकर्ता: पुनीत शर्मा (महामंत्री, बेगमपुल व्यापार संघ, मेरठ)
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मेरठ का बेगमपुल बाजार शहर की व्यापारिक धड़कन है। अगर यहां के व्यापारी आक्रोशित होकर सड़कों पर उतरते हैं, तो इसका सीधा असर न केवल शहर की अर्थव्यवस्था पर पड़ेगा, बल्कि प्रशासन के लिए कानून-व्यवस्था की स्थिति भी चुनौतीपूर्ण हो जाएगी। अब गेंद बिजली विभाग के पाले में है। देखना यह होगा कि चीफ इंजीनियर और अन्य अधिकारी व्यापारियों की इन जायज चिंताओं का क्या समाधान निकालते हैं, या फिर यह विवाद किसी बड़े आंदोलन की शक्ल अख्तियार कर लेगा।
Sabse pehle comment karne wale banein.