उत्तर प्रदेश के मेरठ जनपद में हुए रोंगटे खड़े कर देने वाले Amit Kashyap Murder Case में अदालत ने कड़ा रुख अपनाते हुए बड़ा फैसला सुनाया है। अपर सत्र न्यायाधीश जयवीर नागर की अदालत ने अमित की हत्या के जुर्म में उसकी पत्नी रविता और उसके प्रेमी अमरदीप को फांसी (मृत्युदंड) की सजा सुनाई है। सांप से डसवाकर की गई इस खौफनाक हत्या की साजिश ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया था। अदालत ने अभियोजन पक्ष की दलीलों को स्वीकार करते हुए इसे समाज में डर पैदा करने वाला अपराध और पति-पत्नी के पवित्र विश्वास का कत्ल माना है।

सजा सुनते ही बदहवास होकर गिरी रविता, अमरदीप फूट-फूटकर रोया शुक्रवार शाम करीब तीन बजे जेल से ऑनलाइन वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से दोनों दोषियों को कोर्ट की कार्यवाही से जोड़ा गया था। सवा तीन बजे जैसे ही न्यायाधीश ने फांसी की सजा का ऐलान किया, दोनों दोषियों के होश उड़ गए। सजा के बारे में सुनते ही रविता बदहवास होकर जमीन पर गिर पड़ी। वहीं, उसका प्रेमी अमरदीप भी अपना सिर पकड़कर फर्श पर बैठ गया और फूट-फूटकर रोने लगा। स्थिति बिगड़ते देख जेल अस्पताल से तुरंत डॉक्टरों की टीम को बैरक में बुलाया गया। डॉक्टर ने तत्काल रविता का प्राथमिक उपचार किया, लेकिन इसके बावजूद दोनों के आंसू थमने का नाम नहीं ले रहे थे।

कैदी नंबर 399 और 400 आवंटित, मिले जेल के कपड़े वरिष्ठ जेल अधीक्षक वीरेश राज शर्मा ने सजा के बाद जेल की प्रक्रियाओं की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि जेल प्रशासन ने दोनों दोषियों को कैदी नंबर आवंटित कर दिए हैं। जेल में अब अमरदीप को कैदी नंबर 400 और रविता को कैदी नंबर 399 के रूप में जाना जाएगा। दोनों को सामान्य कपड़ों की जगह कैदियों वाले कपड़े (जेल मैनुअल के अनुसार) दे दिए गए हैं।

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इसके साथ ही जेल में दोनों को काम भी सौंप दिया गया है। अमरदीप को खेती-बाड़ी का काम दिया गया है, जबकि रविता को सिलाई करने की जिम्मेदारी सौंपी गई है। जेल प्रशासन ने सुरक्षा के लिहाज से दोनों को अलग-अलग बैरकों में रखा है। अमरदीप को हाल ही में एक अन्य चर्चित हत्याकांड (सौरभ राजपूत हत्याकांड) के दोषी साहिल की बैरक में रखा गया है। वहीं, रविता की तबीयत में सुधार होने के बाद उसे उसी मामले की दोषी पत्नी मुस्कान वाली बैरक में शिफ्ट कर दिया जाएगा। कुछ समय बाद इन दोनों को मेरठ से सेंट्रल जेल भेजने की प्रक्रिया शुरू होगी।

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मास्टरमाइंड थी पत्नी रविता, जमानत के बाद दोबारा पकड़ा गया अमरदीप वरिष्ठ जेल अधीक्षक के मुताबिक, मुकदमे की सुनवाई के दौरान पुलिस चार्जशीट और कोर्ट की बहसों में रविता को ही इस खौफनाक साजिश का मुख्य मास्टरमाइंड बताया गया था। इसी कानूनी प्रक्रिया के तहत अमरदीप को करीब साढ़े तीन महीने पहले कोर्ट से जमानत मिल गई थी। लेकिन 7 अक्टूबर को जब अदालत ने दोनों को दोषी करार दिया, तो उसी दिन बहसूमा पुलिस ने अमरदीप को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश कर दिया। तब से अमरदीप लगातार जेल में बंद है।

सांप का इस्तेमाल बना डर का प्रतीक, सुनियोजित थी हत्या Amit Kashyap Murder Case में सजा पर बहस के दौरान एडीजीसी (ADGC) फरजाना मकसूद ने दोनों दोषियों के लिए सख्त से सख्त सजा यानी मृत्युदंड की मांग की थी। उन्होंने अदालत में दमदार दलील दी कि यह कोई साधारण हत्या नहीं थी, बल्कि सांप का इस्तेमाल करके रची गई एक खौफनाक साजिश थी। इस वारदात ने पूरे देश में एक नए तरह के अपराध का खौफ पैदा कर दिया है। एडीजीसी ने बताया कि इस घटना के बाद हस्तिनापुर क्षेत्र में भी सांप से कटवाने की एक और आपराधिक घटना सामने आ चुकी है, जो समाज के लिए बेहद खतरनाक संकेत है।

अभियोजन पक्ष ने नीले ड्रम वाले सौरभ हत्याकांड का भी प्रमुखता से जिक्र किया, जिसमें एक पत्नी ने अपने प्रेमी के साथ मिलकर पति की बेरहमी से हत्या कर दी थी। फरजाना मकसूद ने अपनी रिपोर्ट में स्पष्ट किया कि अमित की हत्या किसी अचानक उपजे विवाद या आवेश (Sudden Provocation) का नतीजा बिल्कुल नहीं थी। यह एक सोची-समझी और सुनियोजित साजिश थी, जिसके लिए पहले से पूरी प्लानिंग की गई थी। ऐसे जघन्य अपराध की गंभीरता को देखते हुए किसी भी प्रकार की कानूनी नरमी बरतना न्याय के मूल उद्देश्य के खिलाफ होगा।

सुप्रीम कोर्ट के ऐतिहासिक फैसलों का दिया गया हवाला मृत्युदंड की मांग को कानूनी रूप से मजबूत करने के लिए एडीजीसी ने सुप्रीम कोर्ट के कई अहम फैसलों का विस्तार से हवाला दिया। इनमें 'महेश बनाम मध्य प्रदेश राज्य', 'बंटू बनाम उत्तर प्रदेश राज्य', 'खुशविंदर सिंह बनाम पंजाब राज्य' और 'धनंजय चटर्जी बनाम पश्चिम बंगाल राज्य' के ऐतिहासिक फैसले शामिल थे।

इन न्यायिक फैसलों के आधार पर अदालत के सामने अपराध की प्रकृति, उसकी गंभीरता, समाज पर पड़ने वाले नकारात्मक प्रभाव और दुर्लभतम मामलों (Rarest of Rare) में मृत्युदंड दिए जाने के कानूनी सिद्धांतों को रखा गया। अदालत को बताया गया कि Amit Kashyap Murder Case में भले ही हथियारों से क्रूरता न की गई हो, लेकिन एक पत्नी द्वारा सांप से डसवाकर पति की जान लेना दांपत्य जीवन के सबसे बड़े विश्वास का निर्मम कत्ल है, जिसके लिए फांसी की सजा ही एकमात्र उचित और मुकम्मल न्याय है।

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