\r\n\r\n
\r\n\r\n
\r\n\r\n
सुबह 8 बजे की वो खौफनाक दास्तां
\r\n\r\nFollow the Khabreelal News channel on WhatsApp Join › \r\n\r\n
मजदूरी के लिए निकला था परिवार
\r\n\r\n\r\n\r\n\r\n\r\nप्रकरण में युवक और युवती एक ही गाँव के है और पूर्व परिचित है । युवक द्वारा 20 वर्षीय युवती को ले जाने के दौरान माँ को घायल किया गया । घायल को हॉस्पिटल ले जाया गया और युवती की बरामदगी और अभियुक्त की गिरफ्तारी के लिए पुलिस अधीक्षक ग्रामीण के नेतृत्व में पाँच पुलिस टीम गठित की गई है… pic.twitter.com/p6JZxlGAJ2
\r\n— MEERUT POLICE (@meerutpolice) January 8, 2026
\r\n\r\n
रास्ते में बिछा था जाल
\r\n\r\n\r\n\r\n
मां की गुहार और दरिंदे का वार
\r\n\r\n\r\n\r\n
खून से लथपथ मां और अस्पताल का मंजर
\r\n\r\n\r\n\r\n
एसडीएस ग्लोबल अस्पताल में जंग
\r\n\r\n\r\n\r\n
- \r\n
- \r\n डॉक्टरों की रिपोर्ट: डॉक्टरों के मुताबिक, महिला की हालत बेहद नाजुक (Critical) बनी हुई है। फरसे के वार से सिर की हड्डी में गहरी चोट आई है और काफी खून बह चुका है। उन्हें आईसीयू (ICU) में वेंटिलेटर सपोर्ट पर रखा गया है। अगले 48 घंटे उनके लिए बहुत महत्वपूर्ण बताए जा रहे हैं।\r\n \r\n
\r\n\r\n
पीड़ित परिवार का दर्द
\r\n\r\n\r\n\r\n
- \r\n
- \r\n पिता-माता: दोनों मजदूरी करते हैं।\r\n \r\n
- \r\n भाई-बहन: अपहृत युवती तीसरे नंबर की है। उसके दो बड़े भाई हैं, जो शादीशुदा हैं। सबसे बड़ा भाई बाहर काम करता है, जबकि दूसरा गांव में रहता है। सबसे छोटा भाई अभी अविवाहित है।\r\n \r\n
- \r\n पीड़िता: लड़की ने गरीबी के कारण करीब ढाई साल पहले पढ़ाई छोड़ दी थी। परिवार वाले उसकी शादी के लिए रिश्ता देख रहे थे। शायद इसी बात की भनक आरोपी को लग गई थी, जिसके बाद उसने यह कदम उठाया।\r\n \r\n
\r\n\r\n
कौन है आरोपी पारस? (प्रोफाइल और बैकग्राउंड)
\r\n\r\n\r\n\r\n
- \r\n
- \r\n पेशा: पारस गांव में ही एक निजी डॉक्टर के पास कंपाउंडर का काम करता है। कंपाउंडर होने के नाते उसे मेडिकल की थोड़ी बहुत जानकारी थी, लेकिन उसकी मानसिकता अपराधी वाली निकली।\r\n \r\n
- \r\n दूरी: आरोपी और पीड़िता का घर मात्र एक किलोमीटर की दूरी पर है। यानी वह हर रोज उन्हें आते-जाते देखता था।\r\n \r\n
- \r\n पारिवारिक स्थिति: पारस तीन भाइयों में सबसे छोटा है। घर में माता-पिता और दादा-दादी हैं। परिवार की आर्थिक स्थिति मध्यमवर्गीय है।\r\n \r\n
- \r\n संबंध का सच: पुलिस सूत्रों और ग्रामीणों के दबी जुबान से मिली जानकारी के मुताबिक, पारस और लड़की एक-दूसरे को पहले से जानते थे। कुछ ग्रामीणों का कहना है कि दोनों के बीच बातचीत थी, लेकिन परिवार का सख्त कहना है कि यह एकतरफा मामला है और आरोपी उनकी बेटी को परेशान करता था, जिसे लेकर पहले भी विवाद हो चुका था।\r\n \r\n
\r\n\r\n
\r\n\r\n
सियासी पारा चढ़ा, सपा विधायक का हंगामा
\r\n\r\n\r\n\r\n
विधायक का अल्टीमेटम और नाराजगी
\r\n\r\n\r\n\r\n
अतुल प्रधान के तीखे बोल:
\r\n\r\n\r\n\r\n\r\n"उत्तर प्रदेश में कानून व्यवस्था पूरी तरह ध्वस्त हो चुकी है। बेटी बचाओ का नारा देने वाली सरकार में बेटियां दिनदहाड़े उठाई जा रही हैं। एक बेटी को उसकी मां के सामने किडनैप कर लिया जाता है और मां को काट दिया जाता है। यह जंगलराज नहीं तो और क्या है? पुलिस क्या कर रही थी? अगर 24 घंटे के अंदर बेटी को सकुशल बरामद नहीं किया गया और आरोपी को गिरफ्तार नहीं किया गया, तो समाजवादी पार्टी सड़कों पर उतरकर बड़ा आंदोलन करेगी।"\r\n
\r\n\r\n
\r\n\r\n
पुलिस का 'एक्शन प्लान' - 5 टीमें, चौतरफा घेराबंदी
\r\n\r\n\r\n\r\n
पुलिस की रणनीति:
\r\n\r\n- \r\n
- \r\n 5 टीमों का गठन: एसएसपी ने बताया कि एसपी देहात (SP Rural) के नेतृत्व में पुलिस की 5 विशेष टीमें गठित की गई हैं। इनमें सर्विलांस सेल, एसओजी (SOG) और स्थानीय थाने के तेज-तर्रार इंस्पेक्टर शामिल हैं।\r\n \r\n
- \r\n सर्विलांस और सीडीआर: पुलिस आरोपी पारस और उसके दोस्तों के मोबाइल नंबरों की कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR) खंगाल रही है। उसकी आखिरी लोकेशन ट्रेस करने की कोशिश की जा रही है।\r\n \r\n
- \r\n दबिश: आरोपी के रिश्तेदारों और दोस्तों के घरों पर लगातार दबिश दी जा रही है। पुलिस को शक है कि वह मेरठ से बाहर भागने की फिराक में हो सकता है।\r\n \r\n
- \r\n दादा-दादी से पूछताछ: हिरासत में लिए गए दादा-दादी से कड़ाई से पूछताछ की जा रही है कि पारस के पास कितने पैसे थे और वह कहां भाग सकता है।\r\n \r\n
\r\n\r\n
\r\n\r\n
पश्चिमी यूपी में महिला सुरक्षा और दलित उत्पीड़न पर सवाल
\r\n\r\n\r\n\r\n
- \r\n
- \r\n खौफ का अंत कब? अपराधी इतने बेखौफ कैसे हैं कि दिनदहाड़े हथियार लेकर निकलते हैं और वारदात को अंजाम देते हैं? क्या उन्हें पुलिस का कोई डर नहीं है?\r\n \r\n
- \r\n दलित सुरक्षा: क्या हाशिए पर रहने वाले समाज की बेटियां अपने ही गांव में सुरक्षित नहीं हैं? आए दिन दलित युवतियों के साथ छेड़छाड़ और अपहरण की खबरें क्यों आती हैं?\r\n \r\n
- \r\n पुलिस की गश्त: सुबह के समय जब महिलाएं खेतों की ओर जाती हैं, तब ग्रामीण इलाकों में पुलिस गश्त (Patrolling) क्यों नहीं होती? अगर बीट कांस्टेबल सक्रिय होते, तो शायद यह घटना रोकी जा सकती थी।\r\n \r\n
\r\n\r\n
कानूनी पहलू - आरोपी को हो सकती है कितनी सजा?
\r\n\r\n\r\n\r\n
- \r\n
- \r\n भारतीय न्याय संहिता (BNS):\r\n\r\n
- \r\n
- \r\n धारा 109 (हत्या का प्रयास): मां पर जानलेवा हमले के लिए। इसमें आजीवन कारावास तक की सजा हो सकती है।\r\n \r\n
- \r\n धारा 137 (अपहरण): महिला का अपहरण करने के लिए।\r\n \r\n
- \r\n धारा 351 (हमला): हथियार से हमला करने के लिए।\r\n \r\n
\r\n - \r\n
- \r\n SC/ST एक्ट: चूंकि पीड़िता दलित समुदाय से है, इसलिए इस एक्ट की धाराएं आरोपी की मुश्किलें और बढ़ाएंगी। इसमें गैर-जमानती वारंट और तत्काल गिरफ्तारी का प्रावधान है।\r\n \r\n
\r\n\r\n
एक गांव, दो परिवार और अंतहीन इंतजार
\r\n\r\n\r\n\r\n
Sabse pehle comment karne wale banein.