\r\n\r\n\r\n\r\n@khabreelal_news 35 साल का 'साथ' पल भर में जमींदोज: मेरठ के शास्त्रीनगर सेंट्रल मार्केट में 22 दुकानें ध्वस्त, बुलडोजर के सामने फूट-फूटकर रोए व्यापारी
\r\n— MK Vashisth (@vadhisth) October 25, 2025
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\r\nसुप्रीम कोर्ट के आदेश पर 1990 में बने अवैध कॉम्प्लेक्स पर बड़ा एक्शन pic.twitter.com/pLXAe1Y0jJ
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आवास के लिए आवंटित जमीन पर अवैध कॉम्प्लेक्स
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- \r\n जमीन का आवंटन: यह 288 वर्ग मीटर का भूखंड संख्या 661/6 स्कीम नंबर सात के तहत काजीपुर के वीर सिंह को आवासीय प्रयोग के लिए 30 अगस्त 1986 को आवंटित किया गया था।\r\n \r\n
- \r\n अवैध निर्माण की शुरुआत: 1990 में, विनोद अरोड़ा नामक व्यक्ति ने 'पावर ऑफ अटॉर्नी' का दुरुपयोग करते हुए इस आवासीय जमीन पर 22 दुकानों का अवैध रूप से कॉम्प्लेक्स खड़ा कर दिया, जिसका नाम सेंट्रल मार्केट रख दिया गया, जबकि परिषद के दस्तावेजों में 'सेंट्रल मार्केट' नाम से कोई बाजार नहीं था।\r\n \r\n
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सुप्रीम कोर्ट की अंतिम मुहर और पुलिस का कड़ा पहरा
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- \r\n कोर्ट का आदेश: सुप्रीम कोर्ट की खंडपीठ ने 17 दिसंबर 2024 को सख्त आदेश दिया था कि इस कॉम्प्लेक्स को तीन माह के भीतर खाली कराया जाए और ध्वस्त किया जाए। यह कार्रवाई उसी आदेश के अनुपालन में की जा रही है।\r\n \r\n
- \r\n कार्रवाई का विवरण: शनिवार सुबह साढ़े 11 बजे प्रशासन की टीम मौके पर पहुँची और ध्वस्त करने की कार्रवाई शुरू की।\r\n \r\n
- \r\n सुरक्षा व्यवस्था: घटनास्थल पर चार थानों की पुलिस फोर्स और एक कंपनी PAC (प्रादेशिक आर्म्ड कॉन्स्टेबुलरी) तैनात की गई है। इसके अलावा एटीएस के ड्रोन से हर गतिविधि पर कड़ी नजर रखी जा रही है, जिससे कोई अप्रिय घटना न हो।\r\n \r\n

सेंट्रल मार्केट का अस्तित्व नहीं
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अंतिम बार देखने की अपील
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- \r\n भावुक अपील: दुकानदारों और उनके परिवारों ने रोते हुए अपील की कि "कम से कम आखिरी बार हमें अपनी दुकानें देखने की अनुमति तो दी जाए।"\r\n \r\n
- \r\n सोशल मीडिया: इस घटना को #MeerutNews और #BulldozerAction के साथ साझा किया जा रहा है, जहाँ लोग कानून के सम्मान और कारोबारियों की दुर्दशा के बीच अपनी राय व्यक्त कर रहे हैं।\r\n \r\n
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Sabse pehle comment karne wale banein.