बिजनौर: 06 अगस्त 2026 पवित्र श्रावण मास में आस्था के सबसे बड़े महाकुंभ 'कांवड़ यात्रा' (Kanwar Yatra 2026) का उल्लास अपने चरम की ओर बढ़ रहा है। हरिद्वार, ऋषिकेश और नीलकंठ से पवित्र गंगाजल लेकर लौटने वाले शिवभक्तों (कांवड़ियों) के जत्थों से सड़कें केसरिया रंग में रंगने लगी हैं। चूंकि बिजनौर जनपद हरिद्वार से सटा हुआ है, इसलिए यहाँ से होकर गुजरने वाले राष्ट्रीय राजमार्गों पर कांवड़ियों का भारी दबाव रहता है।READ ALSO:-बिजनौर में लम्पी वायरस (LSD) का हाई अलर्ट: पशु मेलों और परिवहन पर लगी पूर्ण रोक, जिलाधिकारी ने जारी किए सख्त निर्देश
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शिवभक्तों की इसी अटूट आस्था का सम्मान करते हुए और उनकी यात्रा को सुरक्षित, सुगम एवं निर्बाध बनाने के उद्देश्य से बिजनौर जिला प्रशासन और भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग अभिकरण (NHAI) ने कमर कस ली है। जिलाधिकारी (DM) जसजीत कौर के सख्त निर्देशों के क्रम में NHAI द्वारा राष्ट्रीय राजमार्ग-74 (NH-74) पर विशेष और व्यापक व्यवस्थाएं धरातल पर उतार दी गई हैं। आइए विस्तार से जानते हैं कि कांवड़ियों और आम राहगीरों की सुरक्षा के लिए हाईवे पर क्या-क्या नए प्रबंध किए गए हैं।
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राष्ट्रीय राजमार्ग-74 (हरिद्वार-नगीना खण्ड): दुर्घटनाओं को रोकने का मास्टर प्लान

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बिजनौर से होकर गुजरने वाला राष्ट्रीय राजमार्ग-74 (हरिद्वार-नगीना खण्ड) कांवड़ यात्रा का एक प्रमुख और बेहद व्यस्त मार्ग है। इस मार्ग पर भारी वाहनों के साथ-साथ पैदल चलने वाले और दुपहिया वाहनों पर सवार कांवड़ियों का सैलाब उमड़ता है। ऐसी स्थिति में सड़क दुर्घटनाओं की आशंका बनी रहती है। इसे रोकने के लिए एनएचएआई (NHAI) ने वैज्ञानिक तरीके से ट्रैफिक मैनेजमेंट का खाका तैयार किया है।
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परियोजना निदेशक (Project Director), एनएचएआई, संकेश शर्मा ने व्यवस्थाओं की विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता कांवड़ियों के जीवन की रक्षा करना और यातायात को बिना किसी जाम के सुचारू रखना है। इसके लिए कई महत्वपूर्ण कदम उठाए गए हैं।
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1. अवैध और खतरनाक कटों पर 'आरसीसी क्रैश बैरियर' (RCC Crash Barriers)

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हाईवे पर सबसे ज्यादा दुर्घटनाएं अचानक बीच सड़क (Median) से वाहन मोड़ने या गलत दिशा (Wrong Side) से आने वाले वाहनों के कारण होती हैं।
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    यातायात पुलिस के साथ मिलकर NHAI की टीम ने पूरे NH-74 पर ऐसे सभी अवैध और संवेदनशील 'मीडियन कटों' (Median Cuts) को चिन्हित किया है।
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    इन सभी चिन्हित स्थानों पर मजबूत आर0सी0सी0 (RCC) क्रैश बैरियर स्थापित कर दिए गए हैं, ताकि कोई भी वाहन चालक शॉर्टकट के चक्कर में असुरक्षित क्रॉसिंग न कर सके।
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    इस कदम से हाईवे पर ओवरटेक करते समय होने वाली दुर्घटनाओं की संभावना लगभग शून्य (न्यूनतम) हो जाएगी।
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2. वाटर-फिल बैरियर और स्मार्ट ट्रैफिक डायवर्जन (Water-fill Barriers & Diversion)

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कांवड़ियों की भारी भीड़ को मुख्य ट्रैफिक से अलग रखने के लिए मार्ग परिवर्तन (Route Diversion) एक अहम हिस्सा है।
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    हाईवे के विभिन्न चौराहों और तिराहों पर वाटर-फिल बैरियर (पानी से भरे प्लास्टिक बैरियर) लगाए गए हैं। ये बैरियर मजबूत होने के साथ-साथ किसी वाहन के टकराने पर कम नुकसान पहुंचाते हैं।
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    इन बैरियर्स की मदद से एक लेन को पूरी तरह से कांवड़ियों के लिए आरक्षित कर दिया गया है।
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    भारी वाहनों को शहर के बाहर से निकालने के लिए आवश्यकतानुसार डायवर्जन लागू कर दिया गया है। इससे हाईवे पर जाम नहीं लग रहा है और यातायात का संचालन बेहद सुचारु एवं सुरक्षित ढंग से हो पा रहा है।
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रात्रिकालीन यात्रा के लिए हाईवे बना 'प्रकाश पथ'

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कांवड़ यात्रा के दौरान बहुत बड़ी संख्या में शिवभक्त दिन की चिलचिलाती धूप और उमस से बचने के लिए रात के समय (Night Travel) सफर करना पसंद करते हैं। रात के अंधेरे में सड़क पर पैदल चलते कांवड़ियों को दूर से देख पाना वाहन चालकों के लिए चुनौतीपूर्ण होता है।
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इस चुनौती से निपटने के लिए NHAI के परियोजना निदेशक संकेश शर्मा ने बताया कि:

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    राष्ट्रीय राजमार्ग-74 पर रात्रिकालीन आवागमन को सुरक्षित बनाने के लिए स्ट्रीट लाइट (Street Lights) और हाई मास्ट लाइटों (High Mast Lights) के माध्यम से समुचित प्रकाश व्यवस्था सुनिश्चित की गई है।
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    पूरा हाईवे दूधिया रोशनी से जगमगा रहा है, जिससे न केवल श्रद्धालुओं को रास्ता देखने में आसानी हो रही है, बल्कि भारी वाहन चालकों को भी दूर से ही कांवड़ियों की मौजूदगी का पता चल जाता है।
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    अंधेरे के कारण होने वाली किसी भी असुविधा का श्रद्धालुओं को सामना नहीं करना पड़ेगा।
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जिलाधिकारी जसजीत कौर की अपील: "प्रशासन का सहयोग करें नागरिक"

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कांवड़ यात्रा केवल प्रशासन की नहीं, बल्कि समाज के हर वर्ग की जिम्मेदारी है। इसी भावना को ध्यान में रखते हुए बिजनौर की जिलाधिकारी जसजीत कौर ने जनपद के सभी नागरिकों, व्यापारियों और विशेष रूप से वाहन चालकों से एक भावुक और सख्त अपील की है।
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उन्होंने कहा कि:

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"कांवड़ यात्रा-2026 के दृष्टिगत प्रशासन ने अपनी ओर से सभी तैयारियां पूरी कर ली हैं। मैं जनपद के सभी आमजनों एवं वाहन चालकों से अपील करती हूं कि वे यात्रा के दौरान लागू की गई नई यातायात व्यवस्था और पुलिस प्रशासन द्वारा समय-समय पर दिए जा रहे निर्देशों का कड़ाई से पालन करें। आपका थोड़ा सा धैर्य और सहयोग कांवड़ियों की यात्रा को सुरक्षित और व्यवस्थित बनाने में बड़ा योगदान देगा।"
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आम वाहन चालकों के लिए विशेष निर्देश:

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    गति सीमा पर नियंत्रण: हाईवे पर अपनी गाड़ी की रफ्तार धीमी रखें, क्योंकि सड़क के किनारे बड़ी संख्या में कांवड़िये विश्राम कर रहे होते हैं।
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    कांवड़ लेन में प्रवेश न करें: कांवड़ियों के लिए आरक्षित (Dedicated) लेन में किसी भी सूरत में अपना वाहन न ले जाएं।
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    रॉन्ग साइड ड्राइविंग से बचें: किसी भी प्रकार के शॉर्टकट या रॉन्ग साइड ड्राइविंग से बचें।
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    मददगार बनें: यदि रास्ते में कोई कांवड़िया घायल दिखे या किसी को चिकित्सा की आवश्यकता हो, तो तुरंत डायल 112 या नजदीकी पुलिस पिकेट को सूचित करें।
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कांवड़ यात्रा एक आध्यात्मिक यात्रा है, और बिजनौर जिला प्रशासन, यातायात पुलिस व एनएचएआई (NHAI) का यह संयुक्त प्रयास यह सुनिश्चित कर रहा है कि आस्था के इस पथ पर किसी भी श्रद्धालु को कोई कंकड़ न चुभे। NH-74 पर किए गए ये व्यापक इंतजाम इस बात का प्रमाण हैं कि जब सरकारी एजेंसियां समन्वय के साथ काम करती हैं, तो बड़े से बड़ा आयोजन भी शांतिपूर्ण और सुरक्षित तरीके से संपन्न हो सकता है।
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