भारत ने अमेरिका के साथ एक ऐतिहासिक LPG डील की है। केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने बताया कि इससे भारत में LPG सप्लाई की कमी दूर होगी और कीमतें स्थिर रहेंगी। जानें इस 2.2 मिलियन टन सालाना डी
Published at : 17 Nov 2025, 07:12 AM
Updated at : 11 Sep 2026, 06:12 PM
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इस डील के बाद, भारत में एलपीजी की सप्लाई में कमी दूर होगी और देश के उपभोक्ताओं को जल्द ही गैस सिलेंडर की कीमतों में कटौती की उम्मीद हो सकती है।
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A historic first! \r\n \r\nOne of the largest and the world’s fastest growing LPG market opens up to the United States. \r\n \r\nIn our endeavour to provide secure affordable supplies of LPG to the people of India, we have been diversifying our LPG sourcing. \r\n \r\nIn a significant development,…
केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने सोशल मीडिया पोस्ट के माध्यम से जानकारी देते हुए बताया कि भारतीय पब्लिक सेक्टर की तेल कंपनियों (इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन लिमिटेड, भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड और हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड) ने संयुक्त राज्य अमेरिका से एलपीजी आयात करने के लिए पहली बार एक साल का लॉन्गटर्म समझौता सफलतापूर्वक पूरा कर लिया है।
मंत्री ने कहा, "दुनिया के सबसे बड़े और सबसे तेज़ी से बढ़ते एलपीजी बाज़ारों में से एक भारत, अमेरिका के लिए ओपन हो गया है।" उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि भारत अब अपनी एलपीजी सोर्सिंग में विविधता ला रहा है, ताकि देश के लोगों को एलपीजी की सुरक्षित और किफ़ायती आपूर्ति प्रदान की जा सके। यह एलपीजी डील अमेरिका भारत के ऊर्जा आयात बाजार के लिए एक महत्वपूर्ण बदलाव है।
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कितनी हुई डील और क्या है इसका महत्व?
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इस समझौते के तहत, भारतीय पब्लिक सेक्टर की तेल कंपनियां कॉन्ट्रैक्ट वर्ष 2026 के लिए लगभग 2.2 मिलियन टन प्रति वर्ष (MTPA) एलपीजी का आयात करेंगी।
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मात्रा: 2.2 एमटीपीए, जो भारत के वार्षिक एलपीजी आयात का लगभग 10 प्रतिशत है।
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सोर्सिंग: यह एलपीजी अमेरिकी खाड़ी तट (US Gulf Coast) से प्राप्त की जाएगी।
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प्राइसिंग: इस खरीद को ग्लोबल एलपीजी ट्रेड के लिए एक प्रमुख प्राइसिंग प्वाइंट माउंट बेल्वियू (Mount Belvieu) के बेंचमार्क पर रखा गया है।
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मंत्री पुरी के अनुसार, यह भारतीय बाजार के लिए अमेरिकी एलपीजी से जुड़ा पहला लॉन्गटर्म कॉन्ट्रैक्ट है, जो भारत की एलपीजी जरूरतों को पूरा करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
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कीमतों में कटौती की उम्मीद क्यों?
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यह डील भारत को ग्लोबल मार्केट में होने वाले अचानक मूल्य झटकों से बचाएगी। अमेरिकी एलपीजी से लॉन्गटर्म कॉन्ट्रैक्ट सप्लाई की गारंटी देता है, जिससे घरेलू बाजार में कमी की आशंका कम होती है।
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मंत्री ने इस बात पर भी प्रकाश डाला कि पिछले साल वैश्विक स्तर पर रसोई गैस की कीमतों में 60 प्रतिशत से अधिक की वृद्धि हुई थी। इस दौरान, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सरकार ने उपभोक्ताओं, विशेष रूप से उज्ज्वला योजना के लाभार्थियों को बचाने के लिए ₹40,000 करोड़ से अधिक का बोझ उठाया था।
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अब, सुरक्षित और विविध एलपीजी डील अमेरिका भारत के साथ होने के कारण, सरकार को अंतरराष्ट्रीय कीमतों में उतार-चढ़ाव से निपटने में आसानी होगी, जिससे आने वाले समय में घरेलू उपभोक्ताओं को, खासकर उज्ज्वला योजना से इतर उपभोक्ताओं को भी, कीमतों में कटौती का सीधा लाभ मिल सकता है।
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डील के पीछे टीमों का दौरा
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इस ऐतिहासिक समझौते को मूर्त रूप देने के लिए, इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन लिमिटेड (IOCL), भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (BPCL) और हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (HPCL) की टीमों ने हाल के महीनों में संयुक्त राज्य अमेरिका का कई बार दौरा किया। इन टीमों ने प्रमुख अमेरिकी उत्पादकों के साथ गहन चर्चा की, जिसका परिणाम यह सफल लॉन्गटर्म समझौता है। यह डील भारत और अमेरिका के बीच बढ़ते ऊर्जा सहयोग को भी दर्शाती है।
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भारत और अमेरिका के बीच हुई यह ऐतिहासिक एलपीजी डील अमेरिका भारत को 2.2 एमटीपीए एलपीजी की स्थिर आपूर्ति सुनिश्चित करती है, जो देश की ऊर्जा सुरक्षा के लिए एक बड़ा कदम है। यह लॉन्गटर्म समझौता घरेलू बाजार में एलपीजी की सप्लाई को बेहतर करेगा और उपभोक्ताओं को अंतरराष्ट्रीय मूल्य अस्थिरता से बचाएगा, जिससे भविष्य में गैस सिलेंडर की कीमतों में राहत मिलने की प्रबल संभावना है।
Sabse pehle comment karne wale banein.