कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि को मनाया जाने वाला धनतेरस (Dhanteras) का पर्व, इस साल 18 अक्टूबर 2025, शनिवार को मनाया जाएगा। यह दिन पांच दिवसीय दीपोत्सव की शुरुआत का प्रतीक है। धनतेरस पर सोना और चांदी (Gold-silver jewellery) खरीदना अत्यंत शुभ माना जाता है, क्योंकि यह धन, समृद्धि और अक्षय पुण्य को आकर्षित करता है। धार्मिक मान्यता है कि इस दिन देवताओं के वैद्य भगवान धन्वंतरि अमृत कलश लेकर प्रकट हुए थे, इसलिए इस तिथि पर धातु खरीदना घर में सुख-समृद्धि लाता है। रिकॉर्ड ऊँचाई छू चुकी कीमतों के बावजूद, इस साल भी बाजार में Gold-silver jewellery की खरीद को लेकर भारी उत्साह देखा जा रहा है।READ ALSO:-Ola Shakti लॉन्च: अब AC चलेगा, लाइट नहीं जाएगी! ₹29,999 में Ola Electric का 'घर का पॉवरहाउस' मार्केट में धूम मचाने को तैयार
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Significance and Importance (सोना-चांदी खरीदने का महत्व)
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धनतेरस पर सोना-चांदी खरीदने की परंपरा के पीछे गहरा धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व है। 'धन' का अर्थ समृद्धि और 'तेरस' का अर्थ तेरहवीं तिथि है। इस दिन सोना, चांदी या अन्य धातुएं खरीदने से घर में स्थिर लक्ष्मी का वास होता है। सोना और चांदी, जो स्वयं पवित्र और मूल्यवान धातुएं हैं, को माता लक्ष्मी और कुबेर देवता का आशीर्वाद माना जाता है।
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    सोना (Gold): यह Gold-silver jewellery की श्रेणी में स्थायित्व, शाश्वत धन और सौभाग्य का प्रतीक माना जाता है। इसे खरीदने से निवेश सुरक्षित होता है और परिवार में समृद्धि आती है।
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    चांदी (Silver): चांदी चंद्रमा का प्रतीक है, जो शीतलता, पवित्रता और मन की शांति से जुड़ी है। चांदी के आभूषण या सिक्के खरीदने से नकारात्मक ऊर्जा दूर होती है और घर में सुख-शांति बनी रहती है।
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Date, Time, or Muhurat (शुभ मुहूर्त और खरीदारी का समय)
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इस साल धनतेरस 18 अक्टूबर 2025 को है। शुभ मुहूर्त में की गई खरीदारी कई गुना फल देती है।
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विवरण (Detail)
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तिथि/समय (Date/Time)
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धनतेरस तिथि प्रारंभ
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18 अक्टूबर 2025, शनिवार, दोपहर 12:20 बजे
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धनतेरस तिथि समाप्त
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19 अक्टूबर 2025, रविवार, दोपहर 01:52 बजे
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सोना-चांदी खरीदारी का पहला शुभ मुहूर्त (अमृत काल)
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18 अक्टूबर 2025, सुबह 08:50 बजे से 10:33 बजे तक
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सोना-चांदी खरीदारी का दूसरा शुभ मुहूर्त (लाभ-उन्नति)
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18 अक्टूबर 2025, दोपहर 01:51 बजे से 03:18 बजे तक
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धनतेरस पूजन का शुभ मुहूर्त (प्रदोष काल)
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18 अक्टूबर 2025, शाम 07:16 बजे से 08:20 बजे तक
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भक्तों को सलाह दी जाती है कि वे प्रदोष काल में भगवान धन्वंतरि, कुबेर और माता लक्ष्मी का पूजन अवश्य करें।
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Ritual Details or Customs (ज्वैलरी खरीद पर बाजार का हाल)
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इस धनतेरस पर सोने और चांदी की कीमतें (gold silver jewellery) रिकॉर्ड स्तर पर हैं। इसके बावजूद, वैश्विक अनिश्चितताओं और मजबूत मांग के कारण, निवेश के रूप में सोने की तरफ लोगों का रुझान बरकरार है।
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    ज्वैलरी बाजार में रौनक: दिल्ली, मुंबई, हैदराबाद, और जयपुर जैसे बड़े शहरों के ज्वैलरी बाजारों में ग्राहकों की भीड़ उमड़ रही है। ग्राहकों का फोकस अब लाइट-वेट Gold-silver jewellery पर अधिक है, जिसमें हल्के कंगन, ब्रेसलेट और कुंडल पहली पसंद बने हुए हैं।
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    निवेशकों के लिए विकल्प: कीमतें अधिक होने के कारण कई निवेशक भौतिक सोना (physical gold) खरीदने की बजाय डिजिटल गोल्ड (Digital Gold) या गोल्ड ईटीएफ (Gold ETF) में निवेश करना पसंद कर रहे हैं।
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    विशेष ऑफर और छूट: ग्राहकों को आकर्षित करने के लिए बड़े ज्वैलर्स मेकिंग चार्ज (making charges) पर 5% से 30% तक की आकर्षक छूट दे रहे हैं। कुछ स्टोर हर खरीद पर निश्चित उपहार या लकी कूपन भी प्रदान कर रहे हैं।
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Devotee Response or Crowd (लोगों की प्रतिक्रिया और बाजार का उत्साह)
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बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, इस साल भी Dhanteras पर आभूषणों की बिक्री में पिछले वर्षों की तुलना में वृद्धि की उम्मीद है। भारतीय परिवारों के लिए सोना केवल निवेश नहीं, बल्कि एक भावनात्मक और धार्मिक परंपरा है। ग्राहक मानते हैं कि शुभ मुहूर्त में की गई खरीदारी, भले ही कम मात्रा में हो, पूरे साल बरकत लाती है। ज्वैलरी शॉप्स पर एडवांस बुकिंग कराने वालों की संख्या में भी खासा इजाफा हुआ है, जो इस पर्व के प्रति अटूट आस्था को दर्शाता है।
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Next Event or Tradition (दीपावली का महा उत्सव)
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धनतेरस के बाद दीपावली का उत्सव छोटी दिवाली (नरक चतुर्दशी) के साथ आगे बढ़ता है। Gold-silver jewellery खरीदने की यह परंपरा अगले दिन छोटी दिवाली और मुख्य दीपावली तक जारी रहती है, जहां मां लक्ष्मी का विधिवत पूजन किया जाता है। धनतेरस पर शुरू हुई खरीदारी की यह शुभ परंपरा, दीपोत्सव के दौरान घर-घर में सुख-समृद्धि और उल्लास का माहौल बनाती है।
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