उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद जिले से एक बेहद चौंकाने वाला मामला सामने आया है। यहां पुलिस और स्वास्थ्य विभाग की संयुक्त टीम ने एक ऐसे हाई-टेक Ghaziabad Sex Determination Gang का पर्दाफाश किया है, जो किसी अस्पताल या क्लीनिक में नहीं, बल्कि चलती कार में भ्रूण लिंग की जांच (Sex Determination) करता था। शनिवार देर रात करीब 2 बजे की गई इस बड़ी कार्रवाई में पुलिस ने गैंग के चार सदस्यों को गिरफ्तार किया है। इनके पास से एक पोर्टेबल अल्ट्रासाउंड मशीन और अन्य मेडिकल उपकरण बरामद किए गए हैं। यह घटना एक बार फिर समाज में छिपी कन्या भ्रूण हत्या जैसी गंभीर कुरीतियों पर सवाल खड़े करती है।READ ALSO:-इंस्टाग्राम पर 'डार्क कंटेंट' का कारोबार: बच्चों के यौन शोषण वाले विज्ञापनों पर सरकार सख्त, Meta को भेजा नोटिस
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इस पूरे ऑपरेशन को स्वास्थ्य विभाग के मुख्य चिकित्सा अधिकारी (CMO) की गुप्त सूचना के आधार पर अंजाम दिया गया। यह Ghaziabad Sex Determination Gang सिर्फ गाजियाबाद ही नहीं, बल्कि दिल्ली और पूरे एनसीआर (NCR) क्षेत्र में अपनी अवैध गतिविधियों को अंजाम दे रहा था।
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कैसे ऑपरेट करता था Ghaziabad Sex Determination Gang?
\r\n\r\nपुलिस की प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि यह गिरोह पुलिस की राडार से बचने के लिए बेहद शातिराना तरीके अपनाता था। यह गैंग किसी एक जगह पर टिक कर काम नहीं करता था, बल्कि गाजियाबाद, दिल्ली और एनसीआर के अलग-अलग इलाकों में घूम-घूम कर कार के अंदर ही महिलाओं के गर्भ में पल रहे बच्चे के लिंग की जांच करता था। पोर्टेबल अल्ट्रासाउंड मशीन की मदद से कार की पिछली सीट को ही एक मिनी-क्लीनिक में बदल दिया जाता था।
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8 से 10 हजार में जांच, 20 हजार में अवैध गर्भपात
\r\n\r\nपूछताछ में आरोपियों ने चौंकाने वाले खुलासे किए हैं। यह गिरोह भ्रूण लिंग की जांच करने के लिए ग्राहकों से 8 से 10 हजार रुपए वसूलता था। अगर अल्ट्रासाउंड के बाद कोई महिला या उसका परिवार गर्भपात (Abortion) कराना चाहता था, तो इसके लिए अलग से डील की जाती थी।
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गर्भपात के लिए करीब 20 हजार रुपए की अतिरिक्त मांग की जाती थी। इसके बाद, महिला को किसी सुनसान या छिपे हुए अस्थायी नर्सिंग होम में ले जाकर झोलाछाप डॉक्टरों के जरिए अवैध रूप से गर्भपात कराया जाता था। पुलिस अब उन झोलाछाप डॉक्टरों और अस्थायी नर्सिंग होम्स की भी तलाश कर रही है, जो इस Ghaziabad Sex Determination Gang के साथ मिलकर काम कर रहे थे।
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आधी रात को मुखबिर की सूचना और पुलिस का एक्शन
\r\n\r\nशहर कोतवाली क्षेत्र के नालकुआं रोड पर इस पूरी कार्रवाई को अंजाम दिया गया। शनिवार रात करीब 12 बजे सीएमओ (Chief Medical Officer) को एक मुखबिर से इस गैंग के बारे में पुख्ता सूचना मिली थी। मुखबिर ने बताया कि कुछ लोग चलती कार में भ्रूण लिंग की जांच करने वाले हैं और उन्होंने एक महिला को जांच के लिए नालकुआं रोड पर बुलाया है। वे एक कार में उस महिला का इंतजार कर रहे हैं।
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सूचना मिलते ही सीएमओ ने तुरंत एक्शन लिया और रात करीब 12:20 बजे कोतवाली पुलिस को इस मामले की जानकारी दी। सीएमओ के निर्देश पर नोडल अधिकारी की निगरानी में एक चार सदस्यीय विशेष टीम का गठन किया गया।
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रात 2 बजे कार को घेरा गया
\r\n\r\nपुलिस और स्वास्थ्य विभाग की संयुक्त टीम तुरंत मौके पर पहुंची और इलाके की घेराबंदी कर दी। रात करीब 2 बजे, मुखबिर द्वारा बताई गई कार (जिसका नंबर 4FL 9355 था) को पुलिस ने रोक लिया।
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कोतवाली SHO सचिन बालियान ने बताया कि जब चलती कार को रोककर तलाशी ली गई, तो उसमें ड्राइवर समेत चार युवक सवार मिले। कार की तलाशी के दौरान पुलिस को पोर्टेबल अल्ट्रासाउंड मशीन और भ्रूण लिंग जांच से जुड़े अन्य उपकरण मिले। इसके तुरंत बाद पुलिस ने चारों आरोपियों को हिरासत में ले लिया और सारी मशीनरी जब्त कर ली।
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मास्टरमाइंड संदीप और गैंग के अन्य सदस्यों की कुंडली
\r\n\r\nपुलिस पूछताछ के अनुसार, गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान संदीप (उम्र 35 वर्ष), सलमान (उम्र 32 वर्ष), शाहिद (उम्र 29 वर्ष) और तस्लीम (उम्र 27 वर्ष) के रूप में हुई है।
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- \r\n संदीप (मास्टरमाइंड): पूछताछ में संदीप ने कबूल किया कि वह ही इस Ghaziabad Sex Determination Gang का मास्टरमाइंड है। उसका आपराधिक इतिहास रहा है और वह पहले भी भ्रूण लिंग जांच के मामले में जेल की हवा खा चुका है।\r\n \r\n
- \r\n सलमान (क्लाइंट हंटर): गैंग में सलमान का काम ग्राहकों को फंसाना था। वह अलग-अलग स्थानों पर जाकर ऐसी महिलाओं और परिवारों से संपर्क करता था, जो भ्रूण लिंग की जांच कराना चाहते थे। ग्राहकों को कार तक लाने की पूरी जिम्मेदारी उसी की होती थी।\r\n \r\n
- \r\n शाहिद और तस्लीम: ये दोनों कार चलाने, मशीनरी को सेट करने और पुलिस से बचने के लिए रेकी करने का काम करते थे।\r\n \r\n
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डिजिटल सबूत मिटाने के लिए व्हाट्सएप कॉलिंग का सहारा
\r\n\r\nयह गैंग जानता था कि अगर वे सामान्य फोन कॉल पर बात करेंगे, तो पुलिस उन्हें आसानी से ट्रेस कर लेगी। इसलिए, पकड़े जाने से बचने के लिए वे ग्राहकों से केवल व्हाट्सएप (WhatsApp) कॉल पर ही बात करते थे। डील तय होने और काम पूरा हो जाने के बाद, वे तुरंत व्हाट्सएप कॉल की हिस्ट्री और चैट का डेटा डिलीट कर देते थे।
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संदीप ने पुलिस को यह भी बताया कि वे ग्राहकों की आर्थिक स्थिति देखकर पैसे वसूलते थे। संपन्न परिवारों से लिंग जांच और गर्भपात के लिए सामान्य से अधिक रकम ऐंठी जाती थी।
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पीसीपीएनडीटी एक्ट (PCPNDT Act) और कानूनी प्रावधान
\r\n\r\nभारत में कन्या भ्रूण हत्या को रोकने के लिए 'प्री-कंसेप्शन एंड प्री-नैटल डायग्नोस्टिक टेक्निक एक्ट' (PCPNDT Act, 1994) लागू है। इस कानून के तहत जन्म से पहले बच्चे के लिंग की जांच करना, करवाना या इससे जुड़ा कोई भी विज्ञापन देना एक गंभीर आपराधिक कृत्य है।
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इस एक्ट के प्रावधानों के अनुसार, भ्रूण का लिंग बताने वाले डॉक्टर, लैब टेक्नीशियन या किसी भी व्यक्ति को 3 से 5 साल तक की जेल हो सकती है और उन पर 10 हजार से 1 लाख रुपए तक का जुर्माना लगाया जा सकता है। इसके अलावा, जो परिवार लिंग जांच करवाता है, उन पर भी सख्त कानूनी कार्रवाई का प्रावधान है। इस Ghaziabad Sex Determination Gang के पकड़े जाने से इस बात की पुष्टि होती है कि सख्त कानूनों के बावजूद भी समाज में कुछ अपराधी चंद रुपयों के लालच में इस जघन्य अपराध को अंजाम दे रहे हैं।
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गाजियाबाद पुलिस और स्वास्थ्य विभाग की यह जॉइंट कार्रवाई बेहद सराहनीय है। चलती कार में पोर्टेबल अल्ट्रासाउंड मशीन के जरिए चल रहे इस Ghaziabad Sex Determination Gang का भंडाफोड़ होना यह दर्शाता है कि अपराधी अब तकनीकी का दुरुपयोग कर रहे हैं। समाज को कन्या भ्रूण हत्या जैसी मानसिकता से बाहर निकालने के लिए केवल पुलिस या प्रशासन का डंडा काफी नहीं है, बल्कि सामाजिक जागरूकता की भी सख्त जरूरत है। पुलिस अब इन आरोपियों को रिमांड पर लेकर यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इन्होंने अब तक कितनी महिलाओं का अवैध गर्भपात कराया है और इस सिंडिकेट में और कौन-कौन से सफेदपोश लोग शामिल हैं।
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गाजियाबाद में पुलिस ने शनिवार रात 2 बजे एक बड़ी कार्रवाई करते हुए चलती कार में भ्रूण लिंग जांच करने वाले 4 लोगों को गिरफ्तार किया है। यह गैंग पोर्टेबल अल्ट्रासाउंड मशीन के जरिए 8 से 10 हजार रुपए में जांच करता था और 20 हजार में झोलाछाप डॉक्टरों से गर्भपात कराता था। पुलिस ने गैंग के मास्टरमाइंड संदीप सहित सभी आरोपियों को जेल भेज दिया है और उनके नेटवर्क की आगे की जांच कर रही है।
Sabse pehle comment karne wale banein.