उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद जिले से एक बेहद दर्दनाक और विचलित करने वाली घटना सामने आई है, जिसने शिक्षा प्रणाली और बच्चों पर पड़ रहे मानसिक दबाव को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। जिले के विजयनगर थाना क्षेत्र स्थित गौर सिद्धार्थम सोसाइटी में मंगलवार शाम 10वीं कक्षा की एक 16 वर्षीय छात्रा ने 15वीं मंजिल से कूदकर अपनी जान दे दी। मृतका की पहचान शनाया बिष्ट के रूप में हुई है, जो इंदिरापुरम पब्लिक स्कूल में पढ़ती थी। इस दुखद घटना के बाद परिवार में कोहराम मचा हुआ है।
'मैं पढ़ाई का प्रेशर नहीं झेल सकती' पुलिस को घटनास्थल से दो पेज का एक मार्मिक सुसाइड नोट बरामद हुआ है। इस सुसाइड नोट में शनाया ने अपनी मौत का कारण स्पष्ट रूप से पढ़ाई के भारी दबाव को बताया है। उसने लिखा है, "मैं पढ़ाई का प्रेशर नहीं झेल सकती। पढ़ाई के दबाव की वजह से सुसाइड कर रही हूं। इसके लिए किसी को दोष नहीं देती, मैं खुद जिम्मेदार हूं। मम्मी-पापा… I Love You।"
इसके अलावा, शनाया ने अपने माता-पिता से अपनी छोटी बहन रिद्धि और दादी का ख्याल रखने की भावुक अपील भी की है। उसने अपने दोस्तों और रिश्तेदारों से भी माफी मांगते हुए उन्हें खुश रहने को कहा है। उसने सुसाइड नोट में लिखा, "रिद्धि और मिष्ठी सॉरी यार, तुम लोग भी मेरे बारे में ज्यादा मत सोचो। सफल बनो।"

15वीं मंजिल से गिरने पर मची चीख-पुकार घटना मंगलवार शाम करीब 6:45 बजे की है। छात्रा के 15वीं मंजिल से नीचे गिरने की तेज आवाज सुनकर सोसाइटी के गार्ड और आसपास के लोग तुरंत मौके पर दौड़ पड़े। शनाया को लहूलुहान हालत में देखकर लोगों के होश उड़ गए। घटना के तुरंत बाद बदहवास परिजन भी नीचे आ गए। इसी दर्दनाक मंजर के बीच जब कुछ लोग घटना का वीडियो बनाने लगे, तो परिजनों का गुस्सा फूट पड़ा और उन्होंने इसका कड़ा विरोध करते हुए लोगों को फटकार लगाई।
Follow the Khabreelal News channel on WhatsApp Join ›पुलिस कर रही सुसाइड नोट की हैंडराइटिंग की जांच घटना की सूचना मिलते ही विजयनगर पुलिस मौके पर पहुंची। एसीपी कोतवाली उपासना पांडेय ने बताया कि मंगलवार शाम करीब सात बजे डायल-112 के माध्यम से गौर सिद्धार्थम सोसाइटी में एक बच्ची के गिरने की सूचना प्राप्त हुई थी। पुलिस ने तुरंत छात्रा को नजदीकी अस्पताल पहुंचाया, लेकिन वहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
फिलहाल, पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया है। पुलिस उस दो पेज के सुसाइड नोट और उसकी हैंडराइटिंग की बारीकी से जांच कर रही है। इसके साथ ही परिजनों और सोसाइटी के लोगों से भी पूछताछ की जा रही है ताकि उन परिस्थितियों को पूरी तरह से समझा जा सके, जिनके चलते इस होनहार छात्रा ने इतना खौफनाक कदम उठाया। इस घटना ने एक बार फिर अभिभावकों को सचेत किया है कि वे बच्चों पर पढ़ाई का अत्यधिक दबाव न डालें और उनके मानसिक स्वास्थ्य का ध्यान रखें।
Sabse pehle comment karne wale banein.