गाजियाबाद: दिल्ली-एनसीआर में रहने वाले और रोजाना सफर करने वाले लोगों, खासकर गाजियाबाद के क्रॉसिंग रिपब्लिक (Crossing Republik) निवासियों के लिए एक परेशान करने वाली खबर है। राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) ने एक बड़ा फैसला लेते हुए IPEM कॉलेज के पास बने दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे कट (Delhi-Meerut Expressway Cut) को अगले छह महीनों के लिए पूरी तरह से बंद कर दिया है।Read also:-Holiday Calendar 2026: खुश खबरी! सरकार ने जारी की 2026 की छुट्टियों की लिस्ट, मिल रहे कई शानदार 'लॉन्ग वीकेंड', फटाफट चेक करें तारीखें
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प्रशासन के इस फैसले से हजारों परिवारों की दिनचर्या बिगड़ गई है। अब दिल्ली से लौटने वाले लोगों को अपने घर पहुंचने के लिए लगभग 10 किलोमीटर का अतिरिक्त चक्कर लगाना होगा। ट्रैफिक विभाग के अनुसार, यह कट जून 2026 तक बंद रहेगा।
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क्यों लिया गया कट बंद करने का फैसला?
\r\n\r\nNHAI के अधिकारियों का कहना है कि जिस उद्देश्य से यह कट खोला गया था, वह पूरा नहीं हो पा रहा था। 18.6 किलोमीटर मार्क पर स्थित यह कट एक्सप्रेसवे की सबसे बड़ी मुसीबत बन गया था।
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- \r\n बॉटलनेक की समस्या: यह कट एक 'बॉटलनेक' (संकरा रास्ता) बन गया था। यहाँ दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे (DME) से उतरने वाली तेज रफ्तार गाड़ियां और NH-9 पर चल रहा ट्रैफिक एक साथ एक ही संकरे बिंदु पर मिल रहे थे।\r\n \r\n
- \r\n रोजाना जाम: इस खराब डिजाइन के कारण पीक ऑवर्स में यहाँ किलोमीटर लंबा जाम लग रहा था। यह एक्सप्रेसवे के 'एक्सेस-कंट्रोल्ड' और नॉन-स्टॉप सफर के दावे को फेल कर रहा था।\r\n \r\n
- \r\n प्रयोग हुआ विफल: इससे पहले प्रशासन ने 1 दिसंबर से शाम 6 बजे से रात 9 बजे तक कट को आंशिक रूप से बंद करने का प्रयोग किया था, लेकिन यह विफल रहा। बैरिकेड हटते ही जाम की स्थिति फिर वही हो जाती थी।\r\n \r\n
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निवासियों का दर्द: 40 मिनट का सफर अब 2 घंटे में
\r\n\r\nक्रॉसिंग रिपब्लिक के निवासियों ने लंबी लड़ाई लड़कर एक साल पहले यह दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे कट खुलवाया था। इसके बंद होने से वे खुद को फिर उसी पुरानी स्थिति में पा रहे हैं। स्थानीय निवासी संदीप सिंह बताते हैं, "जब कट खुला था, तो दिल्ली से घर पहुंचने में मुश्किल से 35 से 40 मिनट लगते थे। लेकिन अब NH-9 की परमानेंट भीड़ के कारण यही सफर 2 घंटे या उससे ज्यादा का हो जाएगा।"
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निवासियों का कहना है कि अब उन्हें एक्सप्रेसवे से बाहर निकलने के लिए खोड़ा-इंदिरापुरम की ओर जाना पड़ेगा। वहां से NH-9 से जुड़ने और घर पहुंचने में उन्हें करीब 10 किलोमीटर की एक्स्ट्रा दूरी तय करनी होगी।
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इन 5 जगहों पर मिलेगा भीषण जाम
\r\n\r\nअधिवक्ता अमित शर्मा ने रूट की मुश्किलें समझाते हुए बताया कि कट बंद होने से अब लोगों को पुराने रास्ते का इस्तेमाल करना होगा। इस वैकल्पिक मार्ग पर कम से कम पांच ऐसे 'चोक पॉइंट्स' हैं, जहां दिनभर जाम रहता है:
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- \r\n इंदिरापुरम\r\n \r\n
- \r\n सेक्टर-62\r\n \r\n
- \r\n छिजारसी\r\n \r\n
- \r\n सिद्धार्थ विहार\r\n \r\n
- \r\n विजय नगर\r\n \r\n
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इन इलाकों को पार करके क्रॉसिंग रिपब्लिक पहुंचना किसी चुनौती से कम नहीं है। निवासियों का कहना है कि अगर जल्द कोई हल नहीं निकला तो वे दोबारा आंदोलन करने को मजबूर होंगे।
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जून 2026 तक क्या है NHAI का प्लान?
\r\n\r\nNHAI अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे कट को हमेशा के लिए बंद नहीं किया गया है, बल्कि इसे सुधारने के लिए समय लिया गया है। अगले 6 महीनों में (जून 2026 तक) यहां बड़े पैमाने पर निर्माण कार्य किया जाएगा।
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- \r\n चौड़ीकरण: DME और NH-9 के जंक्शन को चौड़ा किया जाएगा।\r\n \r\n
- \r\n लेन विस्तार: जंक्शन को 4 से 5 लेन तक विस्तारित करने की योजना है ताकि गाड़ियां बिना फंसे निकल सकें।\r\n \r\n
- \r\n बेहतर डिजाइन: स्लिप रोड को NH-9 से बेहतर तरीके से जोड़ने के लिए नई इंजीनियरिंग डिजाइन का इस्तेमाल होगा।\r\n \r\n
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क्रॉसिंग रिपब्लिक और आसपास के इलाकों में रहने वालों के लिए अगले 6 महीने धैर्य की परीक्षा लेने वाले होंगे। हालांकि, NHAI का दावा है कि जून 2026 के बाद जब यह दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे कट दोबारा खुलेगा, तो यह जाम मुक्त होगा और सफर को सुगम बनाएगा। तब तक यात्रियों को वैकल्पिक मार्गों और अतिरिक्त समय के साथ ही यात्रा की योजना बनानी होगी।
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गाजियाबाद में IPEM कॉलेज के पास दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे का कट जाम की समस्या के कारण जून 2026 तक बंद कर दिया गया है। इससे क्रॉसिंग रिपब्लिक के निवासियों को घर पहुंचने के लिए 10 किलोमीटर का अतिरिक्त चक्कर लगाना पड़ेगा। NHAI इस दौरान जंक्शन को चौड़ा और रिडिजाइन करेगा।
Sabse pehle comment karne wale banein.