क्या आप भी बाजार से एनर्जी ड्रिंक या जूस यह सोचकर खरीदते हैं कि वह 'ORS' (Oral Rehydration Salts) है और सेहत के लिए फायदेमंद है? अगर हां, तो सावधान हो जाइए। फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया (FSSAI) ने उपभोक्ताओं की सेहत के साथ हो रहे इस खिलवाड़ पर कड़ा रुख अपनाया है। FSSAI का ORS पर सख्त एक्शन अब उन कंपनियों के लिए मुसीबत बनने वाला है, जो अपने साधारण इलेक्ट्रोलाइट ड्रिंक्स या फलों के रस को 'ORS' का लेबल लगाकर बेच रही हैं।READ ALSO:-यूपी में ठंड और कोहरा बढ़ा; गाजियाबाद बना सबसे प्रदूषित शहर, जानिए बाकी जिलों का हाल, अगले 2-3 दिनों में और लुढ़केगा न्यूनतम तापमान
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नियामक संस्था ने देश के सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के खाद्य सुरक्षा आयुक्तों (Food Safety Commissioners) को तत्काल प्रभाव से ऐसे उत्पादों के खिलाफ कार्रवाई करने का आदेश दिया है।
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क्यों लिया गया यह फैसला?
\r\n\r\nFSSAI के ध्यान में आया है कि कई बड़ी और छोटी बेवरेज कंपनियां अपने उत्पादों के नाम या लेबल में 'ORS' शब्द का धड़ल्ले से इस्तेमाल कर रही हैं। जबकि वास्तव में ये उत्पाद सिर्फ शुगर युक्त ड्रिंक्स या फलों के स्वाद वाले पेय (Fruit Based Drinks) होते हैं। FSSAI का ORS पर सख्त एक्शन लेने की मुख्य वजह यह है कि 'ORS' एक विशिष्ट औषधीय शब्द है, जो डायरिया और डिहाइड्रेशन के इलाज के लिए इस्तेमाल होने वाले 'मेडिसिन' की श्रेणी में आता है।
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आम उपभोक्ता 'ORS' लिखा देखकर इन साधारण ड्रिंक्स को दवा समझकर खरीद लेते हैं, जिससे उन्हें स्वास्थ्य लाभ के बजाय नुकसान हो सकता है। FSSAI ने साफ किया है कि किसी भी फूड प्रोडक्ट, चाहे वह कार्बोनेटेड हो या नॉन-कार्बोनेटेड, उसके साथ 'ORS' शब्द जोड़ना पूरी तरह भ्रामक और गैरकानूनी है।
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राज्यों के अधिकारियों को मिले सख्त निर्देश
\r\n\r\nFSSAI ने अपनी जांच में पाया है कि मेडिकल स्टोर से लेकर ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म, सुपरमार्केट और स्थानीय किराना दुकानों तक, हर जगह ये नकली ORS ड्रिंक्स भरे पड़े हैं। इसे रोकने के लिए FSSAI का ORS पर सख्त एक्शन प्लान तैयार है। अधिकारियों को निम्नलिखित निर्देश दिए गए हैं:
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- \r\n जांच अभियान: खाद्य सुरक्षा अधिकारी (Food Safety Officers) तुरंत बाजारों और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स पर औचक निरीक्षण करें।\r\n \r\n
- \r\n उत्पाद हटाना: जिन उत्पादों के लेबल या नाम में अनाधिकृत रूप से 'ORS' शब्द का प्रयोग किया गया है, उन्हें तुरंत शेल्फ से हटाया जाए।\r\n \r\n
- \r\n कानूनी कार्रवाई: उल्लंघन करने वाली कंपनियों के खिलाफ खाद्य सुरक्षा और मानक अधिनियम (FSS Act), 2006 की धाराओं के तहत मामला दर्ज किया जाए।\r\n \r\n
- \r\n रिपोर्टिंग: की गई कार्रवाई की विस्तृत रिपोर्ट जल्द से जल्द मुख्यालय को भेजी जाए।\r\n \r\n
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अक्टूबर 2025 के आदेश का हो रहा था उल्लंघन
\r\n\r\nगौरतलब है कि FSSAI ने इससे पहले 14 और 15 अक्टूबर 2025 को भी स्पष्ट निर्देश जारी किए थे कि फूड प्रोडक्ट्स के लिए 'ORS' शब्द बैन है। इसके बावजूद बाजार में कंपनियों की मनमानी जारी थी, जिसके बाद अब FSSAI का ORS पर सख्त एक्शन लेना अनिवार्य हो गया है।
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असली ORS और ड्रिंक्स में फर्क समझें
\r\n\r\nइस कार्रवाई के दौरान एक बड़ी कन्फ्यूजन को भी दूर किया गया है। FSSAI ने अधिकारियों को चेतावनी दी है कि वे असली ORS (जो WHO के फॉर्मूले पर आधारित होते हैं) पर कार्रवाई न करें।
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- \r\n असली ORS: ये 'ड्रग्स एंड कॉस्मेटिक्स एक्ट, 1940' के तहत आते हैं और इन्हें दवा माना जाता है। इन पर ड्रग कंट्रोलर का नियंत्रण होता है।\r\n \r\n
- \r\n नकली/भ्रामक ORS: ये FSSAI के तहत आने वाले फूड प्रोडक्ट्स हैं, जो सिर्फ स्वाद और एनर्जी का दावा करते हैं लेकिन खुद को ORS बताते हैं।\r\n \r\n
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FSSAI का ORS पर सख्त एक्शन केवल उन पेय पदार्थों पर है जो दवा नहीं हैं, फिर भी दवा होने का भ्रम फैला रहे हैं। अधिकारियों को साफ कहा गया है कि वे वैध दवा विक्रेताओं या असली ORS निर्माताओं को परेशान न करें।
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उपभोक्ताओं के लिए सलाह
\r\n\r\nग्राहकों को भी जागरूक होने की जरूरत है। अगली बार जब आप ORS खरीदें, तो पैकेट पर 'WHO Formula' जरूर चेक करें। अगर किसी टेट्रा पैक या बोतल पर 'Apple Drink with ORS' या 'ORS Energy' जैसा कुछ लिखा है, तो समझ जाएं कि यह असली दवा नहीं, बल्कि एक साधारण ड्रिंक है।
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FSSAI का ORS पर सख्त एक्शन निश्चित रूप से बाजार में पारदर्शिता लाएगा, लेकिन अपनी सुरक्षा के लिए लेबल पढ़ना आपकी जिम्मेदारी है।
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FSSAI ने उन कंपनियों के खिलाफ कमर कस ली है जो जूस और ड्रिंक्स को 'ORS' बताकर बेच रही हैं। FSSAI का ORS पर सख्त एक्शन के तहत राज्यों को ऐसे उत्पादों को जब्त करने और कंपनियों पर केस दर्ज करने का आदेश दिया गया है। हालांकि, असली WHO-फॉर्मूला वाले ORS इस कार्रवाई से बाहर रहेंगे।
Sabse pehle comment karne wale banein.