उत्तर प्रदेश के बिजनौर जिले में रह रहे लाखों राशन कार्ड धारकों के लिए एक बेहद राहत भरी और महत्वपूर्ण खबर सामने आई है। राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम (NFSA-2013) के तहत जिलेभर में अगस्त 2026 के कोटे के निशुल्क खाद्यान्न वितरण का कार्य युद्धस्तर पर शुरू कर दिया गया है। जिला प्रशासन और खाद्य एवं रसद विभाग के निर्देशों के क्रम में जिला पूर्ति अधिकारी (DSO) अभय प्रताप सिंह ने स्पष्ट किया है कि जिले के सभी पात्र लाभार्थियों को निर्धारित समय सीमा के भीतर निशुल्क राशन उपलब्ध कराया जाएगा।READ ALSO:-बिजनौर न्यायालय में 12 सितंबर को सजेगी 'राष्ट्रीय लोक अदालत', सालों पुराने मुकदमों का होगा निशुल्क और त्वरित निपटारा
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यदि आपके पास भी अंत्योदय या पात्र गृहस्थी राशन कार्ड है, तो यह खबर आपके लिए बेहद जरूरी है। वितरण की अंतिम तिथि 18 अगस्त 2026 निर्धारित की गई है, इसलिए समय रहते अपनी नजदीकी उचित दर की दुकान (कोटे की दुकान) से अपना खाद्यान्न प्राप्त कर लें।
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गरीब परिवारों को आर्थिक संबल देने के लिए 5 साल तक मुफ्त अनाज की योजना

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भारत सरकार के निर्णयानुसार, देश के कमजोर और जरूरतमंद वर्गों को आर्थिक मोर्चे पर बड़ी राहत देने के लिए राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के अंतर्गत आच्छादित सभी अंत्योदय एवं पात्र गृहस्थी लाभार्थियों को 01 जनवरी 2024 से आगामी पांच वर्षों (यानी 2028 तक) के लिए पूरी तरह से निशुल्क गेहूं और चावल उपलब्ध कराया जा रहा है।
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इस योजना का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि देश के किसी भी गरीब परिवार को दो वक्त की रोटी के लिए आर्थिक तंगी का सामना न करना पड़े। जिला पूर्ति अधिकारी अभय प्रताप सिंह ने बताया कि शासन स्तर से इस बात पर विशेष जोर दिया जा रहा है कि खाद्यान्न वितरण में पूरी पारदर्शिता बरती जाए ताकि एकरूपता बनी रहे और कोई भी जरूरतमंद व्यक्ति भूखा या वंचित न रहे।
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किस कार्ड पर मिलेगा कितना राशन? जानिए पूरा कोटा

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बिजनौर जिले में प्रचलित राशन कार्डों के आधार पर सरकार ने खाद्यान्न की मात्रा स्पष्ट रूप से तय कर दी है। लाभार्थियों को निम्नलिखित मानकों के अनुसार गेहूं और चावल वितरित किया जा रहा है:
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    अन्त्योदय राशन कार्डधारक (Antyodaya Cards): समाज के सबसे अति-गरीब और जरूरतमंद परिवारों के लिए बनाए गए अंत्योदय कार्ड पर प्रति कार्ड कुल 35 किलोग्राम खाद्यान्न पूरी तरह मुफ्त दिया जा रहा है। इसमें 21 किलोग्राम गेहूं और 14 किलोग्राम चावल शामिल है।
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    पात्र गृहस्थी राशन कार्डधारक (Patra Grihasthi Cards): सामान्य गरीब परिवारों के लिए प्रति यूनिट (यानी कार्ड में दर्ज प्रत्येक सदस्य के हिसाब से) कुल 5 किलोग्राम अनाज दिया जाता है। इसमें प्रति यूनिट 3 किलोग्राम गेहूं और 2 किलोग्राम चावल का वितरण किया जा रहा है।
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'वन नेशन, वन राशन कार्ड' की पोर्टेबिलिटी सुविधा का लाभ

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आज के डिजिटल युग में सरकार ने नागरिकों की सुविधा के लिए 'वन नेशन, वन राशन कार्ड' (One Nation, One Ration Card) योजना लागू की है। बिजनौर में भी यह सुविधा पूरी तरह सक्रिय है।
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यदि कोई लाभार्थी अपने मूल निवास स्थान से बाहर है या किसी कारणवश अपने नियमित कोटेदार की दुकान तक नहीं पहुंच पा रहा है, तो उसे परेशान होने की आवश्यकता नहीं है। लाभार्थी अपनी सुविधा और उपलब्धता के अनुसार जिले या राज्य के किसी भी हिस्से में स्थित उचित दर की दुकान पर जाकर पोर्टेबिलिटी के माध्यम से अपना खाद्यान्न प्राप्त कर सकता है, बशर्ते उस दुकान पर स्टॉक उपलब्ध हो।
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अंगूठा न लगने पर मोबाइल OTP से मिलेगा राशन

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अक्सर ग्रामीण क्षेत्रों और बुजुर्गों के मामलों में देखा जाता है कि फिंगरप्रिंट (बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण) मैच न होने के कारण ई-पॉस मशीन में उनका अंगूठा स्वीकार नहीं होता। ऐसे में कई बार लोगों को निराश होकर लौटना पड़ता है।
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इस समस्या का समाधान करते हुए जिला प्रशासन ने निर्देश दिए हैं कि 18 अगस्त 2026 (वितरण की अंतिम तिथि) को विशेष व्यवस्था रहेगी। यदि किसी पात्र लाभार्थी का आधार प्रमाणीकरण तकनीकी कारणों से फेल हो जाता है, तो उसे निराश होने की जरूरत नहीं है। ऐसे लाभार्थियों को उनके मोबाइल ओटीपी (OTP) सत्यापन के माध्यम से निशुल्क खाद्यान्न उपलब्ध कराया जाएगा। यह कदम यह सुनिश्चित करता है कि तकनीकी खामी किसी भी गरीब का हक न छीन सके।
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दुकान खुलने का समय और 'शून्य मूल्य' वाली पर्ची का नियम

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वितरण व्यवस्था को सुचारू और पारदर्शी बनाने के लिए उचित दर की दुकानों के खुलने का समय भी तय कर दिया गया है।
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    दुकान का समय: सभी कोटे की दुकानें प्रतिदिन प्रातः 8:00 बजे से 12:00 बजे तक तथा अपराह्न 2:00 बजे से सायं 6:00 बजे तक ई-पॉस मशीन के संचालन के लिए खुली रहेंगी।
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    शून्य मूल्य पर्ची (Zero Price Receipt): ई-पॉस मशीन से जब राशन निकाला जाएगा, तो निकलने वाली पर्ची पर खाद्यान्न का मूल्य 'शून्य' (0.00) अंकित होगा। प्रत्येक कोटेदार की यह जिम्मेदारी है कि वह हर लाभार्थी को यह वितरण पर्ची अनिवार्य रूप से उपलब्ध कराए।
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प्रशासन की सख्त निगरानी और कोटेदारों को कड़ी चेतावनी

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वितरण में किसी भी प्रकार की गड़बड़ी, कालाबाजारी या घटतौली को रोकने के लिए जिलाधिकारी स्तर से पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। जिले की प्रत्येक उचित दर की दुकान पर निगरानी के लिए नोडल अधिकारियों की तैनाती की गई है, जो अपनी मौजूदगी में राशन बंटवा रहे हैं।
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जिला पूर्ति अधिकारी अभय प्रताप सिंह ने समस्त उचित दर विक्रेताओं (कोटेदारों) को स्पष्ट शब्दों में चेतावनी दी है कि वे शासन के निर्देशों का पूर्ण पालन करें। यदि किसी भी कोटेदार द्वारा राशन वितरण में धांधली, अवैध वसूली या पात्र व्यक्ति को टरकाने की शिकायत मिलती है, तो उसके खिलाफ आवश्यक वस्तु अधिनियम (Essential Commodities Act) के तहत कठोरतम दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी, जिसमें कोटे का लाइसेंस रद्द करना और जेल भेजना भी शामिल है।
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