बिजनौर/खबरीलाल क्राइम डेस्क: पश्चिमी उत्तर प्रदेश में वाहन चोरी की घटनाएं आम जनता के लिए एक बड़ा सिरदर्द बनी हुई हैं। लेकिन, बिजनौर जिले (Bijnor District) में पुलिस प्रशासन ने इन संगठित गिरोहों की कमर तोड़ने के लिए एक व्यापक और कड़ा अभियान छेड़ रखा है। इसी कड़ी में, पुलिस अधीक्षक (SP) बिजनौर के कुशल निर्देशन में थाना नूरपुर पुलिस को एक बहुत बड़ी और महत्वपूर्ण सफलता हाथ लगी है।READ ALSO:-यूपी में 10 अप्रैल को जारी होगी 'फाइनल वोटर लिस्ट': 7 लाख नामों पर चलेगी कैंची; नाम कट जाए तो न हों परेशान, ये है अपना वोट वापस पाने का 'मास्टर प्लान'
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दिनांक 28 मार्च 2026 को प्रकाश में आई इस घटना में, नूरपुर पुलिस ने सघन चेकिंग अभियान (Intensive Checking Campaign) के दौरान पड़ोसी जिले मुरादाबाद (Moradabad) के रहने वाले दो बेहद शातिर, पेशेवर और कुख्यात अंतर-जनपदीय मोटरसाइकिल चोरों को गिरफ्तार किया है। इन अपराधियों के कब्जे से चुराई गई एक हीरो स्पलेंडर प्लस मोटरसाइकिल और वारदात को अंजाम देने में इस्तेमाल की जाने वाली एक अन्य स्पलेंडर बाइक बरामद की गई है। इन अपराधियों का पकड़ा जाना बिजनौर पुलिस के लिए एक बड़ी उपलब्धि है, क्योंकि इनका आपराधिक इतिहास बेहद लंबा और खौफनाक है। आइए, इस पूरे 'ऑपरेशन' और अपराधियों की शातिर कार्यप्रणाली का विस्तार से विश्लेषण करते हैं।
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घटना की पृष्ठभूमि— कैसे हुई थी चोरी की शुरुआत?

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इस पूरे घटनाक्रम की शुरुआत 26 मार्च 2026 को हुई थी।
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वादी की शिकायत और मुकदमा: थाना नूरपुर क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले मोहल्ला मोहम्मदनगर कस्बे के निवासी वादी श्री समीर (पुत्र श्री इदरीश) के साथ यह घटना घटी थी। अज्ञात चोरों ने वादी की मोटरसाइकिल— जो कि काले रंग की एक हीरो स्पलेंडर प्लस (Hero Splendor Plus) मॉडल थी और जिसका रजिस्ट्रेशन नंबर UP 20 CD 0630 था— को बड़ी ही चालाकी से चोरी कर लिया था।
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वाहन चोरी होने के बाद, पीड़ित श्री समीर ने बिना समय गंवाए स्थानीय प्रशासन का रुख किया और थाना नूरपुर में अपनी लिखित शिकायत (तहरीर) दर्ज कराई। पुलिस ने मामले की संवेदनशीलता को समझते हुए तुरंत वादी की तहरीर के आधार पर थाना नूरपुर पर मुकदमा अपराध संख्या (मु0अ0सं0) 105/2026 दर्ज किया। यह मुकदमा नई भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 303 (2) के तहत पंजीकृत किया गया था। मुकदमा दर्ज होने के बाद से ही नूरपुर पुलिस इस मामले के खुलासे और अज्ञात आरोपियों की धरपकड़ के लिए जाल बिछाने लगी थी।
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पुलिस की त्वरित कार्रवाई— रात के अंधेरे में बिछाया जाल

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चोरी गई मोटरसाइकिल को बरामद करने और अज्ञात अपराधियों की गिरफ्तारी के लिए थाना नूरपुर पुलिस ने विशेष पुलिस टीमों (Special Police Teams) का गठन किया। इन टीमों को इलाके के सभी प्रमुख मार्गों, चौराहों और संदिग्ध ठिकानों पर सघन चेकिंग करने के सख्त निर्देश दिए गए थे।
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मिडनाइट चेकिंग और संदिग्धों की एंट्री: पुलिस की यह मेहनत और सतर्कता तब रंग लाई जब दिनांक 27 और 28 मार्च 2026 की मध्य रात्रि (Midnight) में पुलिस टीम नूरपुर से मुरादाबाद को जाने वाले मुख्य मार्ग पर नाकेबंदी कर चेकिंग कर रही थी। रात के सन्नाटे में पुलिस को दो संदिग्ध व्यक्ति एक ही मोटरसाइकिल पर मुरादाबाद की दिशा से आते हुए दिखाई दिए। पुलिस की पैनी नजर तुरंत उस मोटरसाइकिल पर गई, क्योंकि उस स्पलेंडर मोटरसाइकिल पर नंबर प्लेट गायब (No Number Plate) थी।
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घेराबंदी और हिरासत: पुलिस टीम ने मुस्तैदी दिखाते हुए तुरंत घेराबंदी की और दोनों संदिग्ध व्यक्तियों को रोक लिया। उन्हें बिना नंबर प्लेट लगी मोटरसाइकिल के साथ मौके पर ही हिरासत में ले लिया गया। जब पुलिस ने उस बिना नंबर प्लेट वाली मोटरसाइकिल की चेसिस और इंजन नंबर के जरिए गहनता से जांच की, तो पता चला कि उस मोटरसाइकिल का असली रजिस्ट्रेशन नंबर UP21 DP 6717 है। पूछताछ करने पर दोनों व्यक्ति घबरा गए और कोई संतोषजनक जवाब नहीं दे सके।
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पूछताछ में चौंकाने वाले खुलासे— अपराधियों का 'माइंड गेम'

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गिरफ्तारी के बाद जब पुलिस ने दोनों अभियुक्तों (निखिल शर्मा और सत्यम) को थाने लाकर कड़ाई से पूछताछ की, तो उन्होंने अपना जुर्म कबूल कर लिया और अपनी शातिर कार्यप्रणाली (Modus Operandi) का जो पर्दाफाश किया, वह पुलिस के लिए भी हैरान करने वाला था।
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1. चोरी का पसंदीदा ठिकाना: अस्पताल और भीड़भाड़ वाले इलाके

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पूछताछ के दौरान दोनों अभियुक्तों ने बताया कि वे मुख्य रूप से भीड़भाड़ वाली जगहों को अपना निशाना बनाते थे। उनका सबसे पसंदीदा टारगेट किसी अस्पताल (Hospital) के आस-पास खड़ी मोटरसाइकिलें होती थीं। अस्पताल में लोग अक्सर जल्दबाजी और तनाव में होते हैं, जिसका फायदा ये चोर उठाते थे। वे अपने साथ मास्टर चाबी (Duplicate Keys) का एक गुच्छा रखते थे और चंद मिनटों में ही मोटरसाइकिल का लॉक तोड़कर या मास्टर चाबी लगाकर वाहन उड़ा ले जाते थे।
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2. घटना वाले दिन की साजिश

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अपराधियों ने पुलिस को बताया कि ईद के ठीक अगले दिन, वे दोनों मुरादाबाद से एक ही मोटरसाइकिल (UP21 DP 6717) पर सवार होकर, पूरी तरह से चोरी की नीयत से नूरपुर (बिजनौर) आए थे। नूरपुर पहुंचने के बाद, वे एक अस्पताल के सामने गए और वहां खड़ी कई मोटरसाइकिलों को अपनी डुप्लीकेट चाबियों से खोलने का प्रयास करने लगे। इसी दौरान उनकी एक चाबी वादी समीर की हीरो स्पलेंडर मोटरसाइकिल (UP 20 CD 0630) में फिट बैठ गई और उसका लॉक आसानी से खुल गया।
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3. पकड़े जाने से बचने की 'शातिर चाल'

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इन अपराधियों का दिमाग इतना शातिर था कि मोटरसाइकिल चोरी करने के बाद, उन्होंने उसे तुरंत मुरादाबाद ले जाने का जोखिम नहीं उठाया। उन्हें पता था कि चोरी के तुरंत बाद पुलिस चेकिंग तेज हो जाती है। पकड़े जाने के डर से उन्होंने एक शातिर चाल चली। उन्होंने चोरी की गई मोटरसाइकिल को नूरपुर से मुरादाबाद रोड के किनारे मौजूद एक कॉलोनी के पास बंद पड़ी दुकानों के सहारे आराम से खड़ी कर दिया। उनका 'माइंड गेम' यह था कि देखने वालों और पुलिस को ऐसा लगे कि यह मोटरसाइकिल यहीं आस-पास रहने वाले किसी स्थानीय व्यक्ति की है, जिससे किसी को शक न हो।
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4. गिरफ्तारी का क्षण

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दोनों अपराधियों की योजना यह थी कि जब मामला थोड़ा शांत हो जाएगा, यानी 1-2 दिन बाद, तब वे सही मौका देखकर उस चोरी की बाइक को वहां से मुरादाबाद ले जाएंगे। इसी फिराक में, घटना वाले दिन वे दोनों उसी छिपाकर रखी गई मोटरसाइकिल को लेने के लिए नूरपुर आ रहे थे, लेकिन नूरपुर पुलिस की मुस्तैद चेकिंग टीम ने उनके मंसूबों पर पानी फेरते हुए उन्हें रास्ते में ही धर दबोचा। पुलिस ने उनकी निशानदेही पर वह चोरी की गई मोटरसाइकिल भी सुरक्षित बरामद कर ली।
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कौन हैं ये शातिर चोर? (अभियुक्तों का प्रोफाइल और आपराधिक इतिहास)

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गिरफ्तार किए गए दोनों अपराधी कोई सड़क छाप या नौसिखिए चोर नहीं हैं, बल्कि ये मुरादाबाद के एक संगठित और पेशेवर आपराधिक गिरोह के गुर्गे हैं। इन पर आर्म्स एक्ट, गैंगस्टर एक्ट, एनडीपीएस और डकैती जैसी गंभीर धाराओं में दर्जनों मुकदमे दर्ज हैं।
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अभियुक्त 1: निखिल शर्मा (गैंगस्टर का आरोपी)

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  • \r\n
    परिचय: निखिल शर्मा पुत्र स्व० योगेश शर्मा, निवासी मोहल्ला प्रीत विहार कॉलोनी, खुशहालपुर, थाना मझोला, जनपद मुरादाबाद।
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    आपराधिक इतिहास (9 गंभीर मुकदमे):
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    1. \r\n
      मु0अ0सं0 0242/21: थाना छजलैट, मुरादाबाद - धारा 379/411 भादवि।
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    2. \r\n
    3. \r\n
      मु0अ0सं0 0243/21: थाना छजलैट, मुरादाबाद - धारा 411, 413, 420 भादवि।
      \r\n
    4. \r\n
    5. \r\n
      मु0अ0सं0 087/22: थाना गलशहीद, मुरादाबाद - धारा 4/25 आर्म्स एक्ट।
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    6. \r\n
    7. \r\n
      मु0अ0सं0 0179/23: थाना कांठ, मुरादाबाद - धारा 379 भादवि।
      \r\n
    8. \r\n
    9. \r\n
      मु0अ0सं0 216/23: थाना कांठ, मुरादाबाद - धारा 379/411 भादवि।
      \r\n
    10. \r\n
    11. \r\n
      मु0अ0सं0 218/23: थाना कांठ, मुरादाबाद - धारा 4/25 आर्म्स एक्ट।
      \r\n
    12. \r\n
    13. \r\n
      मु0अ0सं0 0276/23: थाना कांठ, मुरादाबाद - धारा 3(1) यूपी गैंगस्टर एक्ट (UP Gangster Act)।
      \r\n
    14. \r\n
    15. \r\n
      मु0अ0सं0 494/21: थाना मझौला, मुरादाबाद - धारा 323/498ए भादवि व 3/4 दहेज अधिनियम।
      \r\n
    16. \r\n
    17. \r\n
      मु0अ0सं0 105/2026: हालिया मामला थाना नूरपुर, बिजनौर - धारा 303(2)/317(2) बीएनएस।
      \r\n
    18. \r\n
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अभियुक्त 2: सत्यम (नशे और हथियारों का तस्कर)

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    परिचय: सत्यम पुत्र विशन कुमार, निवासी रेलवे कॉलोनी हरथला, थाना सिविल लाइन, जनपद मुरादाबाद।
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  • \r\n
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    आपराधिक इतिहास (9 गंभीर मुकदमे):
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    1. \r\n
      मु0अ0सं0 1051/20: थाना सिविल लाइंस, मुरादाबाद - धारा 380 भादवि (चोरी)।
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    2. \r\n
    3. \r\n
      मु0अ0सं0 1250/20: थाना सिविल लाइंस, मुरादाबाद - धारा 4/25 आर्म्स एक्ट।
      \r\n
    4. \r\n
    5. \r\n
      मु0अ0सं0 308/21: थाना सिविल लाइंस, मुरादाबाद - धारा 379, 411 भादवि।
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    6. \r\n
    7. \r\n
      मु0अ0सं0 312/21: थाना सिविल लाइंस, मुरादाबाद - धारा 411, 414, 420, 467, 468, 482 भादवि (गंभीर धोखाधड़ी और कूटराचना)।
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    8. \r\n
    9. \r\n
      मु0अ0सं0 102/20: थाना कोतवाली, मुरादाबाद - धारा 188/269 भादवि।
      \r\n
    10. \r\n
    11. \r\n
      मु0अ0सं0 049/2021: थाना कोतवाली, मुरादाबाद - धारा 34, 379, 411 भादवि।
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    12. \r\n
    13. \r\n
      मु0अ0सं0 279/21: थाना मझौला, मुरादाबाद - धारा 380, 411 भादवि।
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    14. \r\n
    15. \r\n
      मु0अ0सं0 138/23: थाना नागफनी, मुरादाबाद - धारा 21, 8 एनडीपीएस एक्ट (NDPS Act - मादक पदार्थों की तस्करी)।
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    16. \r\n
    17. \r\n
      मु0अ0सं0 105/2026: हालिया मामला थाना नूरपुर, बिजनौर - धारा 303(2)/317(2) बीएनएस।
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    18. \r\n
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रिकवरी और पुलिस टीम की सराहनीय भूमिका

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पुलिस की इस सटीक और सफल कार्यवाही में अपराधियों के पास से कुल दो वाहन बरामद किए गए हैं:
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    चोरी की गई मोटरसाइकिल (बरामद): हीरो स्पलेंडर प्लस, काले रंग की (नंबर UP 20 CD 0630), चेसिस नंबर MBLHAW122NHC17323, इंजन नंबर HA11EDNHC40114।
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  2. \r\n
  3. \r\n
    घटना में प्रयुक्त मोटरसाइकिल (जब्त): हीरो स्पलेंडर (नंबर UP 21 DP 6717), जिसका इस्तेमाल अपराधी अपराध को अंजाम देने के लिए करते थे।
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  4. \r\n
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इन पुलिसकर्मियों ने दिखाई बहादुरी: इस पूरे 'ऑपरेशन' को सफल बनाने और इन शातिर अपराधियों को सलाखों के पीछे पहुंचाने में थाना नूरपुर की पुलिस टीम की अहम भूमिका रही। रात के समय अपनी जान जोखिम में डालकर इन पेशेवर अपराधियों को धर दबोचने वाली साहसिक पुलिस टीम में निम्नलिखित अधिकारी और जवान शामिल थे:
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    उप-निरीक्षक (उ.नि.) श्री श्रीकान्त सत्यार्थी
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  • \r\n
  • \r\n
    हेड कांस्टेबल (है0का0) 570 अनिल कुमार
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  • \r\n
  • \r\n
    हेड कांस्टेबल (है0का0) 561 मुकेश कुमार
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  • \r\n
  • \r\n
    कांस्टेबल (का0) 2027 विपुल कुमार
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  • \r\n
  • \r\n
    कांस्टेबल (का0) 11 गौरव कुमार
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  • \r\n
  • \r\n
    कांस्टेबल (का0) 1045 पवन कुमार
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  • \r\n
  • \r\n
    कांस्टेबल (का0) 2035 असलम खान
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  • \r\n
  • \r\n
    कांस्टेबल (का0) 291 सचिन कुमार
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  • \r\n
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आम जनता के लिए राहत की सांस

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थाना नूरपुर पुलिस द्वारा की गई यह गिरफ्तारी अंतर-जनपदीय वाहन चोर गिरोहों पर एक करारा प्रहार है। पुलिस द्वारा फिलहाल इन दोनों अभियुक्तों के खिलाफ आवश्यक विधिक कार्यवाही (Legal Proceedings) तेजी से की जा रही है और उन्हें न्यायालय के समक्ष पेश कर जेल भेजा जा रहा है।
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पुलिस इस बात की भी गहन जांच (Interrogation) कर रही है कि इन अपराधियों ने बिजनौर और मुरादाबाद के अलावा और किन-किन जनपदों में ऐसी घटनाओं को अंजाम दिया है और इनके गैंग में चुराई गई बाइकों को खरीदने वाले कबाड़ी या अन्य सदस्य कौन-कौन हैं। बिजनौर पुलिस की इस त्वरित, पारदर्शी और प्रभावी कार्रवाई से क्षेत्र की आम जनता ने बड़ी राहत की सांस ली है।
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