बिजनौर के शिवाला कलां थाना क्षेत्र के सिमला गांव में बिना अनुमति अखाड़े का आयोजन कर जानलेवा स्टंट करने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। युवकों ने कीलों पर लेटने और गर्दन पर नारियल रखकर काटने ज
Published at : 16 Apr 2026, 10:32 AM
Updated at : 10 Sep 2026, 10:23 PM
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Bijnor Life Threatening Stunt in Arena Case Registered Against 12
खबरीलाल डेस्क रिपोर्ट (रिपोर्टर: शकील अहमद, बिजनौर): उत्तर प्रदेश के बिजनौर (Bijnor) जिले से एक बेहद चौंकाने वाला और रोंगटे खड़े कर देने वाला मामला सामने आया है। जहां एक तरफ लोग पर्व और त्योहारों को शांतिपूर्ण तरीके से मनाते हैं, वहीं कुछ असामाजिक और अति-उत्साही तत्वों ने कानून व्यवस्था को ताक पर रखकर अपनी और दूसरों की जान को भारी जोखिम में डाल दिया। जिले के शिवाला कलां थाना क्षेत्र में अखाड़ा खेलने के नाम पर कुछ युवकों ने ऐसे खौफनाक और जानलेवा स्टंट (Dangerous Stunts) किए, जिन्हें देखकर किसी का भी कलेजा कांप जाए।READ ALSO:-बिजनौर के नजीबाबाद में गैस सिलेंडर के लिए मचा त्राहिमाम: पूरी रात एजेंसी के बाहर सोने को मजबूर लोग, 5 दिन की वेटिंग, उपभोक्ताओं ने लगाया कालाबाजारी का गंभीर आरोप
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प्रशासनिक अनुमति के बिना आयोजित इस अवैध जमावड़े में 'कीलों की सेज पर लेटने' और 'गर्दन पर धारदार हथियार रखकर नारियल काटने' जैसे सनसनीखेज करतब दिखाए गए। इस पूरे मामले का संज्ञान लेते हुए बिजनौर पुलिस ने बेहद सख्त रुख अपनाया है और मानव जीवन को खतरे में डालने के आरोप में 12 लोगों के खिलाफ नामजद रिपोर्ट (FIR) दर्ज कर ली है। पुलिस की इस त्वरित कार्रवाई से पूरे इलाके में हड़कंप मचा हुआ है।
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@Shakeel57767846 बिजनौर के शिवाला कलां क्षेत्र के सिमला गांव में बिना अनुमति अखाड़े का आयोजन कर जानलेवा स्टंट करने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। युवकों ने कीलों पर लेटने और गर्दन पर नारियल रखकर काटने जैसे खौफनाक करतब दिखाए। पुलिस ने 12 आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है। pic.twitter.com/vsUduJEYNf
क्या है पूरा मामला? चामुंडा मंदिर के पास सजा था मौत का खेल
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यह पूरा घटनाक्रम 14 अप्रैल 2026 (डॉ. भीमराव अंबेडकर जयंती) का बताया जा रहा है। जानकारी के मुताबिक, शिवाला कलां थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले ग्राम सीमला (Simla) में स्थित चामुंडा मंदिर के पास कुछ स्थानीय लोगों ने बिना किसी पूर्व प्रशासनिक अनुमति के एक विशाल 'अखाड़े' (Akhada) का आयोजन किया था।
अखाड़ा भारतीय संस्कृति में कुश्ती और शारीरिक सौष्ठव के प्रदर्शन का एक पारंपरिक मंच रहा है, लेकिन सीमला गांव में आयोजित इस अखाड़े का उद्देश्य कुश्ती नहीं, बल्कि खौफ पैदा करने वाले जानलेवा स्टंट करना था। इस अवैध कार्यक्रम में भीड़ जुटाने और अपना दबदबा कायम करने के लिए आयोजकों ने न सिर्फ स्थानीय लड़कों को उकसाया, बल्कि पास के ही बाहरी गांव रामोरूपपुर (Ramoruppur) से भी कुछ विशेष युवकों को बुलाया गया था, जिन्हें इन खतरनाक करतबों में महारत हासिल थी।
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सांसें अटका देने वाले स्टंट: कीलों की सेज और गर्दन पर कुल्हाड़ी
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इस अखाड़े में जो नजारा था, वह किसी मौत के कुएं से कम नहीं था। ढोल-नगाड़ों की तेज आवाज और भीड़ के उकसावे के बीच युवाओं ने अपनी जान की परवाह किए बिना ऐसे स्टंट किए, जो किसी भी पल एक बड़े और खौफनाक हादसे में तब्दील हो सकते थे।
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पहला स्टंट- कीलों पर लेटना: प्रदर्शन के दौरान एक युवक नुकीली और बड़ी लोहे की कीलों से बने एक तख्ते (Bed of Nails) पर नंगे बदन लेट गया। इसके बाद उसके ऊपर भारी वजन रखा गया। यह एक ऐसा करतब है जिसमें जरा सा भी संतुलन बिगड़ने पर कीलें सीधे शरीर के महत्वपूर्ण अंगों (जैसे रीढ़ की हड्डी, फेफड़े या दिल) को भेद सकती हैं, जिससे इंसान की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो सकती है।
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दूसरा स्टंट- गर्दन पर कुल्हाड़ी और नारियल: सबसे ज्यादा खौफनाक स्टंट वह था जिसमें एक युवक जमीन पर लेटा और दूसरे ने उसकी संवेदनशील गर्दन (गले) पर एक धारदार कुल्हाड़ी या तलवार रख दी। इसके बाद कुल्हाड़ी की धार के ठीक ऊपर एक कड़क नारियल रखा गया और एक तीसरे युवक ने भारी लाठी से उस नारियल पर जोरदार प्रहार कर उसे फोड़ दिया।
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चिकित्सा विशेषज्ञों के अनुसार, यह स्टंट आत्महत्या या हत्या के प्रयास से कम नहीं है। गर्दन के हिस्से में शरीर की मुख्य रक्त वाहिकाएं (Carotid Artery) होती हैं, जो सीधे दिमाग को खून पहुंचाती हैं। अगर प्रहार के दौरान लाठी का संतुलन जरा भी बिगड़ता या कुल्हाड़ी पकड़ने वाले का हाथ हिल जाता, तो युवक की गर्दन धड़ से अलग हो सकती थी। भीड़ इस जानलेवा खेल पर तालियां बजा रही थी, जो समाज की मानसिकता पर भी एक गहरा सवालिया निशान लगाता है।
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वीडियो वायरल होते ही हरकत में आई पुलिस
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आज के डिजिटल युग में कोई भी घटना ज्यादा देर तक छुप नहीं सकती। इस खौफनाक अखाड़े और स्टंट के कुछ वीडियो स्थानीय लोगों ने अपने मोबाइल फोन में रिकॉर्ड कर लिए और सोशल मीडिया पर वायरल कर दिए। जैसे ही इन जानलेवा करतबों की भनक स्थानीय पुलिस और बिजनौर के उच्चाधिकारियों को लगी, महकमे में हड़कंप मच गया।
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मामले की गंभीरता को देखते हुए शिवाला कलां पुलिस की एक टीम तुरंत ग्राम सीमला स्थित घटनास्थल पर पहुंची और पूरे मामले की गहनता से जांच शुरू कर दी।
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जांच में हुए चौंकाने वाले खुलासे, 12 पर गिरी गाज
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पुलिस द्वारा की गई शुरुआती जांच और पूछताछ में कई अहम बातें निकलकर सामने आईं। सबसे बड़ी बात यह साबित हुई कि चामुंडा मंदिर के पास आयोजित इस पूरे कार्यक्रम के लिए पुलिस या स्थानीय मजिस्ट्रेट से कोई भी कानूनी अनुमति (NOC) नहीं ली गई थी। चुनाव और त्योहारों के मद्देनजर इलाके में धारा 144 और अन्य निषेधाज्ञा लागू होने के बावजूद इतनी बड़ी भीड़ इकट्ठा की गई।
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जांच अधिकारी ने बताया कि इस आयोजन में न केवल बिना अनुमति भीड़ जुटाई गई, बल्कि खुलेआम घातक हथियारों (तलवार, कुल्हाड़ी) का प्रदर्शन कर आम जनमानस के जीवन को गंभीर खतरे में डाला गया। पुलिस ने वीडियो फुटेज और मुखबिरों की सूचना के आधार पर आरोपियों की पहचान की।
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इस मामले में कड़ा एक्शन लेते हुए शिवाला कलां पुलिस ने 12 आरोपियों के खिलाफ भारतीय दंड संहिता (IPC/BNS) की सुसंगत धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया है। इनमें वो लोग भी शामिल हैं जो स्टंट कर रहे थे और वो भी शामिल हैं जिन्होंने इस अवैध अखाड़े का आयोजन किया था और बाहरी युवकों को बुलाया था।
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पुलिस का कड़ा संदेश: "कानून से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं"
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बिजनौर पुलिस ने इस मामले को नजीर बनाते हुए स्पष्ट संदेश दिया है कि जिले में किसी को भी कानून-व्यवस्था से खिलवाड़ करने की छूट नहीं दी जाएगी। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि:
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जीरो टॉलरेंस नीति: सार्वजनिक स्थानों पर हथियारों का प्रदर्शन और ऐसे जानलेवा स्टंट पूरी तरह से गैर-कानूनी हैं। यह न सिर्फ स्टंट करने वाले की जान के लिए खतरा है, बल्कि वहां मौजूद दर्शकों (जिनमें महिलाएं और बच्चे भी होते हैं) के लिए भी बेहद खतरनाक है।
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आयोजकों पर होगी सख्त कार्रवाई: पुलिस ने साफ किया है कि भविष्य में अगर कहीं भी बिना परमिशन के ऐसे आयोजन होते हैं, तो सिर्फ स्टंट करने वालों पर ही नहीं, बल्कि कार्यक्रम के आयोजकों पर भी गंभीर धाराओं में केस दर्ज कर उन्हें जेल भेजा जाएगा।
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आम जनता से अपील: पुलिस ने आम जनता से भी अपील की है कि वे ऐसे किसी भी कार्यक्रम का हिस्सा न बनें और न ही युवाओं को ऐसे खतरनाक काम करने के लिए उकसाएं। अगर कहीं ऐसा कोई आयोजन हो रहा हो, तो तुरंत डायल 112 या स्थानीय थाने को सूचित करें।
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आगे क्या?
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फिलहाल पुलिस ने 12 आरोपियों के खिलाफ नामजद FIR दर्ज कर उनकी गिरफ्तारी के लिए दबिश देना शुरू कर दिया है। बाहरी गांव रामोरूपपुर के जिन युवकों ने इस घटना को अंजाम दिया है, उनकी तलाश सरगर्मी से की जा रही है। खबरीलाल की इस विस्तृत रिपोर्ट के जरिए हमारा भी यही संदेश है कि शौर्य का प्रदर्शन देश की सीमाओं या खेल के मैदानों में किया जाना चाहिए, न कि गली-मोहल्लों में अपनी और दूसरों की जान को सस्ते में जोखिम में डालकर। उम्मीद है कि बिजनौर पुलिस की इस सख्त कार्रवाई के बाद जिले में इस तरह की जानलेवा परंपराओं पर हमेशा के लिए लगाम लगेगी।
Sabse pehle comment karne wale banein.