भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (UIDAI) ने देश के लाखों बच्चों और उनके माता-पिता को बड़ी राहत दी है। अब बच्चों के अनिवार्य बायोमेट्रिक अपडेट (Mandatory Biometric Update - MBU) के लिए कोई शुल्क नहीं लगेगा। यूआईडीएआई ने यह घोषणा की है कि यह नियम 1 अक्टूबर 2025 से लागू हो चुका है। इस अहम कदम से देशभर के लगभग 6 करोड़ बच्चों को सीधे तौर पर लाभ मिलेगा।READ ALSO:-पेंशनधारकों के लिए सबसे बड़ी खबर: 30 नवंबर तक जमा करें 'जीवन प्रमाण पत्र', वरना रुक जाएगी पेंशन!
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n
इस बदलाव के तहत, बच्चों को दो निश्चित आयु सीमा – 5 साल और 15 साल – पर अपने बायोमेट्रिक्स को अनिवार्य रूप से अपडेट कराना होता है, और अब यह पूरी प्रक्रिया पूरी तरह से निःशुल्क होगी।
\r\n\r\n

 

विज्ञापन
विज्ञापन
\r\n\r\n
क्यों ज़रूरी है यह अपडेट और कितनी फीस हुई माफ़?
\r\nUIDAI के नियमों के अनुसार, बच्चों के लिए दो बार अनिवार्य बायोमेट्रिक अपडेट कराना आवश्यक होता है।
\r\n\r\n
    \r\n
  • पहला अपडेट: जब बच्चा 5 साल का होता है।
  • \r\n
  • दूसरा अपडेट: जब बच्चा 15 साल का होता है।
  • \r\n
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n
चूंकि इस प्रक्रिया को अनिवार्य किया गया है, इसलिए यूआईडीएआई ने अब इस पर लगने वाली पूरी फीस को माफ कर दिया है। यह कदम बच्चों के आधार नामांकन और अपडेट को और सुलभ बनाने की दिशा में एक बड़ा प्रयास है।
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n
शुरुआती 'बाल आधार' की प्रक्रिया
\r\nबच्चों का आधार (जिसे अक्सर बाल आधार कहा जाता है) बनाते समय बायोमेट्रिक क्यों नहीं लिए जाते, यह समझना महत्वपूर्ण है।
\r\n\r\n
    \r\n
  •  जन्म से 5 साल तक के बच्चे:
  • \r\n
  • इस उम्र में बच्चों के फिंगरप्रिंट और आइरिस (आंख की पुतली) जैसे बायोमेट्रिक्स नहीं लिए जाते हैं, क्योंकि वे पूरी तरह से विकसित नहीं होते हैं और समय के साथ बदल जाते हैं।
  • \r\n
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n
नामांकन के लिए केवल फोटो, नाम, जन्मतिथि (DOB), लिंग, पता और माता-पिता में से किसी एक का आधार आवश्यक होता है। साथ ही, बच्चे का जन्म प्रमाण पत्र (Birth Certificate) या अस्पताल का डिस्चार्ज प्रमाण पत्र भी चाहिए होता है।
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n
5 साल की उम्र में बदलाव:
\r\nजैसे ही बच्चा 5 साल का होता है, उसके सभी 10 उंगलियों के फिंगरप्रिंट और आइरिस स्कैन का अनिवार्य रूप से अपडेट किया जाना जरूरी होता है। अब, 1 अक्टूबर से यह अपडेट बिल्कुल मुफ्त होगा।
\r\n\r\n
    \r\n
  • 15 साल की उम्र में अंतिम अपडेट 
  • \r\n
  • 15 साल की उम्र में बच्चे के बायोमेट्रिक डेटा को अंतिम बार अपडेट किया जाता है, जिसके बाद 18 साल की उम्र तक कोई और अपडेट आवश्यक नहीं होता। यह अपडेट भी अब निशुल्क कर दिया गया है।
  • \r\n
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n
आधिकारिक बयान और महत्व
\r\nUIDAI के अधिकारियों ने इस कदम को डिजिटल समावेशन और बाल कल्याण की दिशा में महत्वपूर्ण बताया है। अनुमान है कि इस फैसले से देश के 6 करोड़ से अधिक बच्चों को सीधा फायदा होगा, जिससे उनके माता-पिता पर पड़ने वाला वित्तीय बोझ कम होगा।
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n
फीस खत्म होने से अब आर्थिक रूप से कमज़ोर वर्ग के लिए भी बच्चों का आधार अपडेट कराना आसान हो जाएगा, जिससे यह सुनिश्चित होगा कि कोई भी बच्चा अनिवार्य अपडेट से वंचित न रहे।
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n
बच्चों का आधार अपडेट कैसे कराएँ?
\r\nयह अनिवार्य अपडेट किसी भी नजदीकी आधार केंद्र (Aadhaar Seva Kendra) पर जाकर कराया जा सकता है। UIDAI की आधिकारिक वेबसाइट या mAadhaar ऐप के माध्यम से पहले अपॉइंटमेंट बुक करें।बच्चे का वर्तमान 'बाल आधार' कार्ड और माता-पिता में से किसी एक का आधार कार्ड साथ ले जाना आवश्यक है।
\r\n\r\n
    \r\n
  •  प्रक्रिया: आधार केंद्र पर बच्चे के नए बायोमेट्रिक (फिंगरप्रिंट, आइरिस और फोटो) लिए जाएंगे।
  • \r\n
  • शुल्क: याद रखें, 5 और 15 साल के अपडेट के लिए अब को
  • \r\n
विज्ञापन
विज्ञापन
पढ़िए फटाफट खबरेंस्वाइप करके पढ़ें