चेक से भुगतान करने की धीमी प्रक्रिया अब इतिहास बनने जा रही है। भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने बैंकिंग सेक्टर में एक ऐतिहासिक बदलाव की घोषणा की है, जो कल, 4 अक्टूबर 2025, से पूरे देश में लागू हो रहा है। इस नए नियम के बाद चेक क्लियर होने का दशकों पुराना सिस्टम पूरी तरह बदल जाएगा और दो दिनों का लंबा इंतजार कुछ घंटों में सिमट जाएगा। यह कदम न केवल आम आदमी के लिए एक बड़ी राहत है, बल्कि देश की अर्थव्यवस्था को भी नई गति प्रदान करेगा।READ ALSO:-महंगाई का एक और झटका! आधार कार्ड में कुछ भी बदलवाना अब हुआ महंगा, 1अक्टूबर 2025 से लागू हुईं नई दरें
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अलविदा पुराने दिन, अब घंटों में होगा काम
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अब तक, जब आप कोई चेक बैंक में जमा करते थे, तो उसे क्लियर होकर आपके खाते में पैसा आने में कम से कम एक से दो कामकाजी दिन लग जाते थे। इस प्रक्रिया को 'चेक ट्रंकेशन सिस्टम' (CTS) कहा जाता था। लेकिन RBI ने अब इसे अपग्रेड कर 'कंटीन्युअस क्लियरिंग एंड सेटलमेंट' नामक एक अत्याधुनिक प्रणाली लागू कर दी है।
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इस नई व्यवस्था के तहत, बैंक शाखा में चेक जमा होते ही उसे तुरंत स्कैन करके डिजिटल रूप में क्लीयरिंग के लिए भेज दिया जाएगा। बैंकों के बीच हर घंटे सेटलमेंट की प्रक्रिया पूरी की जाएगी, जिसका सीधा मतलब है कि अगर आपने सुबह चेक जमा किया है, तो दोपहर या शाम तक आपका पैसा आपके खाते में होगा।
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ग्राहकों के लिए अलर्ट! इन बातों का नहीं रखा ध्यान तो होगा नुकसान
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यह सुविधा जितनी फायदेमंद है, उतनी ही सावधानी बरतने की भी जरूरत है। बैंकों ने ग्राहकों को नई प्रणाली के लिए तैयार रहने की सलाह दी है:
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    अकाउंट बैलेंस पर रखें पैनी नजर: अब चेक चंद घंटों में ही क्लियरिंग के लिए प्रस्तुत हो जाएगा। इसलिए, किसी को भी चेक जारी करते समय यह सुनिश्चित करना अनिवार्य है कि आपके खाते में पर्याप्त पैसा हो। पहले की तरह अब आपको खाते में पैसा जमा करने के लिए एक या दो दिन का समय नहीं मिलेगा। अपर्याप्त बैलेंस की स्थिति में चेक बाउंस हो सकता है और आपको भारी जुर्माना भरना पड़ सकता है।
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    ₹50,000 से ऊपर के चेक के लिए 'पॉजिटिव पे' अनिवार्य: धोखाधड़ी को रोकने के लिए, ₹50,000 से अधिक की राशि वाले चेकों के लिए 'पॉजिटिव पे सिस्टम' का उपयोग करना और भी महत्वपूर्ण हो गया है। इसके तहत, आपको चेक जारी करने के बाद उसकी जानकारी (चेक नंबर, राशि, तारीख, लाभार्थी का नाम) अपने बैंक को नेट बैंकिंग या मोबाइल ऐप के जरिए देनी होगी। जब चेक क्लीयरिंग के लिए आएगा, तो बैंक इन डिटेल्स का मिलान करेगा और सब कुछ सही पाए जाने पर ही उसे पास करेगा।
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कैसे काम करेगी यह क्रांतिकारी व्यवस्था?
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यह पूरी प्रक्रिया बेहद सरल और तेज होगी। सुबह 10 बजे से शाम 4 बजे के बीच जमा हुए चेकों को तुरंत क्लीयरिंग साइकिल में डाल दिया जाएगा। सुबह 11 बजे से हर घंटे बैंकों के बीच आपसी लेनदेन का निपटारा होगा। भुगतान करने वाले बैंक को शुरुआती चरण में शाम 7 बजे तक जवाब देना होगा, और अगर कोई प्रतिक्रिया नहीं आती है, तो चेक को ऑटोमेटिक रूप से स्वीकृत मान लिया जाएगा।
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दो चरणों में होगा पूर्ण बदलाव
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RBI इस प्रणाली को दो चरणों में लागू कर रहा है:
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    पहला चरण (4 अक्टूबर 2025 - 2 जनवरी 2026): इस दौरान, भुगतान करने वाले बैंक को शाम 7 बजे तक क्लीयरिंग की पुष्टि करनी होगी।
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    दूसरा चरण (3 जनवरी 2026 से): इस चरण में प्रतिक्रिया देने का समय घटाकर सिर्फ 3 घंटे कर दिया जाएगा, जिससे यह प्रक्रिया और भी ज्यादा तेज हो जाएगी।
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यह कदम डिजिटल इंडिया की दिशा में एक मील का पत्थर साबित होगा। इससे न केवल बैंकिंग प्रणाली में अभूतपूर्व तेजी आएगी, बल्कि यह नकदी के प्रवाह को बेहतर बनाकर व्यापार और वाणिज्य को भी बढ़ावा देगा।
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