धामपुर (बिजनौर न्यूज़): आधुनिक भारत के शिल्पकार, भारतीय संविधान के निर्माता और शोषितों, वंचितों एवं महिलाओं के अधिकारों के परम रक्षक 'भारत रत्न' डॉ. भीमराव अंबेडकर जी की 135वीं जयंती धामपुर नगर में पूरे हर्षोल्लास, उत्साह और अपार श्रद्धा के साथ मनाई गई। इस पावन अवसर पर नगर के प्रतिष्ठित शुभम मंडप में एक भव्य जयंती महोत्सव और विचार गोष्ठी का आयोजन किया गया, जिसमें क्षेत्र के गणमान्य राजनीतिक हस्तियों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और सैकड़ों आम नागरिकों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। पूरे कार्यक्रम के दौरान मंडप का माहौल बाबा साहेब के जयकारों और उनके द्वारा दिखाए गए समानता के मार्ग पर चलने के संकल्पों से गूंजता रहा।READ ALSO:-धामपुर के लाल ने CBSE 10वीं में लहराया परचम: 97.8% अंक लाकर काव्यांश अग्रवाल ने रचा इतिहास, अब UPPSC क्रैक कर बनेंगे अधिकारी!
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n
यह कार्यक्रम न केवल एक जयंती समारोह था, बल्कि यह समाज को एक सूत्र में पिरोने और डॉ. अंबेडकर के आदर्शों को जमीनी स्तर पर लागू करने का एक सशक्त मंच भी साबित हुआ। आयोजकों द्वारा की गई भव्य सजावट और सुव्यवस्थित प्रबंधनों ने इस जयंती महोत्सव को ऐतिहासिक बना दिया।
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n

मुख्य अतिथियों ने बाबा साहेब की प्रतिमा पर अर्पित किए श्रद्धा सुमन

\r\n\r\n
कार्यक्रम का विधिवत शुभारंभ मुख्य अतिथियों द्वारा बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर की भव्य और सुसज्जित प्रतिमा पर माल्यार्पण एवं पुष्पांजलि अर्पित कर किया गया। इस ऐतिहासिक अवसर पर मंच की शोभा बढ़ाने के लिए क्षेत्र के कई कद्दावर नेता और जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में धामपुर विधानसभा क्षेत्र के लोकप्रिय विधायक श्री अशोक कुमार राणा ने शिरकत की। उनके साथ राणा प्रियंकर सिंह, स्योहारा के ब्लॉक प्रमुख उज्जवल चौहान, भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय पार्षद महेंद्र धनोरिया और धामपुर नगर मंडल के अध्यक्ष दीपक अग्रवाल ने भी बाबा साहेब के चरणों में अपने श्रद्धा सुमन अर्पित किए।
\r\n\r\n
मुख्य अतिथियों ने अपने संबोधन में कहा कि डॉ. अंबेडकर केवल एक वर्ग विशेष के नेता नहीं थे, बल्कि वे पूरे राष्ट्र के एक ऐसे युगपुरुष थे जिन्होंने भारत को एक ऐसा मजबूत और लचीला संविधान दिया, जो आज भी दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र को सफलतापूर्वक चला रहा है। विधायक अशोक राणा ने बाबा साहेब के 'शिक्षित बनो, संघर्ष करो और संगठित रहो' के मूल मंत्र को आज के युवाओं के लिए सबसे बड़ी आवश्यकता बताया।
\r\n\r\n

 

विज्ञापन
विज्ञापन
\r\n\r\n

बाबा साहेब के जीवन और संघर्षों पर आधारित 'विचार गोष्ठी'

\r\n\r\n
पुष्पांजलि कार्यक्रम के पश्चात शुभम मंडप में एक अत्यंत बौद्धिक और प्रेरणादायक विचार गोष्ठी (Symposium) का आयोजन किया गया। इस गोष्ठी का मुख्य विषय 'वर्तमान परिप्रेक्ष्य में डॉ. भीमराव अंबेडकर के विचारों की प्रासंगिकता' था। मंच पर उपस्थित वक्ताओं और समाजसेवियों ने अपने-अपने विचार अत्यंत प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किए।
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n
वक्ताओं ने बाबा साहेब के जीवन के उन कठिन संघर्षों पर प्रकाश डाला, जिनका सामना करते हुए उन्होंने उच्च शिक्षा प्राप्त की और देश के सर्वोच्च कानूनी पदों को सुशोभित किया। गोष्ठी में विशेष रूप से महिलाओं के अधिकारों (Hindu Code Bill) और समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति के उत्थान के लिए किए गए उनके कार्यों की विस्तार से चर्चा की गई। सभी वक्ताओं का एकमत से यह निष्कर्ष था कि जब तक समाज से जातिवाद और छुआछूत जैसी कुरीतियां पूरी तरह से समाप्त नहीं हो जातीं, तब तक बाबा साहेब का सपना अधूरा रहेगा।
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n

इनके कुशल नेतृत्व में संपन्न हुआ कार्यक्रम

\r\n\r\n
इस विशाल और सफल कार्यक्रम की अध्यक्षता मोढ़ा के पूर्व ग्राम प्रधान हरी सिंह द्वारा অত্যন্ত गरिमापूर्ण तरीके से की गई। उनके अनुभव और दिशा-निर्देशन में पूरा कार्यक्रम शांतिपूर्ण और अनुशासित रूप से संपन्न हुआ। वहीं, मंच का कुशल संचालन दिनेश सैनी के द्वारा किया गया। दिनेश सैनी ने अपनी ओजस्वी वाणी और बेहतरीन रूपरेखा से न केवल वक्ताओं को क्रमबद्ध तरीके से मंच पर आमंत्रित किया, बल्कि पूरे समय श्रोताओं का ध्यान भी कार्यक्रम की ओर बांधे रखा।
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n
सैकड़ों कार्यकर्ताओं और मातृशक्ति की रही मजबूत उपस्थिति
\r\n\r\n
इस 135वें जयंती महोत्सव की सबसे बड़ी विशेषता इसमें समाज के हर वर्ग और विशेष रूप से मातृशक्ति (महिलाओं) की भारी भागीदारी रही। कार्यक्रम को सफल बनाने में सैकड़ों कार्यकर्ताओं ने दिन-रात एक कर दिया।
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n
विशेष रूप से ज्योति चौहान, उमेश रानी, सोनिका अग्रवाल, रितिका अग्रवाल, सीमा शर्मा और अंजू देवी जैसी सशक्त महिलाओं ने कार्यक्रम में भाग लेकर यह संदेश दिया कि बाबा साहेब ने जो महिला सशक्तिकरण का बीज बोया था, वह आज एक विशाल वटवृक्ष बन चुका है। इसके साथ ही सुगम जैन, रवि शंकर सैनी, नागेश्वर दयाल, नमन जैन, गौरव माहेश्वरी, और शेखर अग्रवाल आदि प्रमुख कार्यकर्ताओं ने व्यवस्थाओं को सुचारू रूप से चलाने में अपना महत्वपूर्ण योगदान दिया।
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n
धामपुर के शुभम मंडप में आयोजित डॉ. भीमराव अंबेडकर जी का यह 135वां जयंती महोत्सव केवल एक औपचारिकता मात्र नहीं था, बल्कि यह समाज के सभी वर्गों को एक साथ लाने का एक सफल प्रयास था। इस भव्य आयोजन ने यह साबित कर दिया है कि बाबा साहेब के विचार आज भी प्रासंगिक हैं और धामपुर की जनता उनके द्वारा दिखाए गए समतामूलक समाज के निर्माण के प्रति पूरी तरह से कटिबद्ध है। कार्यक्रम का समापन सामूहिक रूप से राष्ट्र की एकता और अखंडता की शपथ लेकर और मिष्ठान वितरण के साथ किया गया।
विज्ञापन
विज्ञापन
पढ़िए फटाफट खबरेंस्वाइप करके पढ़ें