उत्तर प्रदेश के आगरा शहर में साइबर अपराधियों ने एक Digital Arrest स्कैम को अंजाम देते हुए एक बुजुर्ग दंपती को 59 लाख रुपये का शिकार बना लिया है। अपराधियों ने खुद को मुंबई पुलिस और सीबीआई (CBI) का अधिकारी बताकर दंपती को अवैध धन प्राप्त करने के झूठे आरोप में जेल भेजने का डर दिखाया। भयभीत दंपती ने दो दिनों में दो अलग-अलग खातों में यह भारी-भरकम रकम जमा करा दी। ठगी का अहसास होने पर पीड़ित ने साइबर क्राइम थाने में मामला दर्ज कराया है, और पुलिस अब जांच में जुट गई है।READ ALSO:-'द ताज स्टोरी' रिलीज होते ही विवादों में: पहला शो देखने पहुंचे सिर्फ 5 लोग, फिल्म रोकने के लिए दिल्ली हाईकोर्ट में PIL, आगरा में हिंदू संगठन बोले- हम फ्री में दिखाएंगे
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n

फर्जी FIR और सीबीआई जांच का डर

\r\n\r\n
आगरा के दयाल अपार्टमेंट, एलोरा एन्क्लेव निवासी अशोक कुमार, जो पेशे से डेयरी चलाते हैं, ने इस पूरी घटना की जानकारी दी। यह ठगी 13 अक्टूबर को शुरू हुई थी:
\r\n\r\n

 

विज्ञापन
विज्ञापन
\r\n\r\n
    \r\n
  • \r\n
    पहला कॉल (13 अक्टूबर): अशोक कुमार की पत्नी माधुरी के मोबाइल पर प्रदीप सावंत नामक व्यक्ति का कॉल आया, जिसने खुद को मुंबई के थाना कोलाबा का अधिकारी बताया। उसने दंपती पर 20-20 फर्जी FIR दर्ज होने और 7 करोड़ रुपये का अवैध धन प्राप्त करने का झूठा आरोप लगाया।
    \r\n
  • \r\n
  • \r\n
    CBI की एंट्री: इसके तुरंत बाद, रश्मि शुक्ला नाम की एक युवती ने वीडियो कॉल किया। उसने खुद को सीबीआई की जांच विंग से बताते हुए धमकाया कि जांच पूरी होने तक दंपती को मिला सारा धन आरबीआई (RBI) में जमा कराना होगा, यह रकम बाद में वापस मिल जाएगी।
    \r\n
  • \r\n
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n

जेल भेजने की धमकी और रकम का ट्रांसफर

\r\n\r\n
साइबर अपराधियों ने दंपती को लगातार धमकाकर उन्हें 'जांच में सहयोग' करने को कहा। उन्हें घर से कहीं बाहर न निकलने और इस जांच के बारे में किसी को न बताने के लिए पाबंद कर दिया गया।
\r\n\r\n
    \r\n
  • \r\n
    धमकी का डर: बार-बार की धमकी से घबराए पति-पत्नी, जो समझ नहीं पा रहे थे कि आखिर क्या करें, अपराधियों की बात मानने को मजबूर हो गए।
    \r\n
  • \r\n
  • \r\n
    रकम का ट्रांसफर: डरकर दंपती ने दो अलग-अलग दिनों में कुल 59 लाख रुपये ट्रांसफर कर दिए:
    \r\n\r\n
      \r\n
    1. \r\n
      14 अक्टूबर: 25 लाख रुपये बंधन बैंक के खाते में स्थानांतरित किए।
      \r\n
    2. \r\n
    3. \r\n
      15 अक्टूबर: 34 लाख रुपये बैंक ऑफ बड़ौदा के खातों में स्थानांतरित किए।
      \r\n
    4. \r\n
    \r\n
  • \r\n
  • \r\n
    शिकायत: 59 लाख रुपये जमा कराने के बावजूद, जब आरोपियों ने और रकम की मांग की, तब दंपती को ठगी का अहसास हुआ और उन्होंने साइबर क्राइम थाने में केस दर्ज कराया। एडीसीपी सिटी आदित्य सिंह ने बताया कि मामले में जांच जारी है और खातों की जानकारी जुटाई जा रही है।
    \r\n
  • \r\n
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n

पुलिस ने Digital Arrest पर दी चेतावनी

\r\n\r\n
एडीसीपी सिटी आदित्य सिंह ने नागरिकों को आगाह करते हुए इस तरह के Cyber Fraud के बारे में स्पष्ट जानकारी दी है:
\r\n\r\n
    \r\n
  • \r\n
    चेतावनी: "डिजिटल अरेस्ट नाम की कोई चीज नहीं होती है। पुलिस कभी किसी को वायस कॉल या वीडियो कॉल पर Digital Arrest नहीं करती है।"
    \r\n
  • \r\n
  • \r\n
    सलाह: उन्होंने कहा कि अगर कोई व्यक्ति धमकाकर लगातार रुपयों की मांग कर रहा है, तो समझ जाएं ठगी होने वाली है। ऐसे कॉल को तुरंत काट दें और थानों में स्थापित साइबर हेल्प डेस्क (Cyber Help Desk) पर शिकायत करें।
    \r\n
  • \r\n
  • \r\n
    हेल्पलाइन: किसी भी तरह की साइबर धोखाधड़ी होने पर तत्काल 1930 पर कॉल करके जानकारी दें।
    \r\n
  • \r\n
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n

ठगी का नया हथियार

\r\n\r\n
यह घटना दर्शाती है कि साइबर अपराधी अब 'कानून का डर' दिखाकर लोगों को ठगने के लिए हाई-टेक तरीके अपना रहे हैं। पुलिस इस मामले में जांच कर रही है ताकि इस रैकेट का पर्दाफाश कर अशोक कुमार और माधुरी जैसे अन्य लोगों को शिकार होने से बचाया जा सके।
विज्ञापन
विज्ञापन
पढ़िए फटाफट खबरेंस्वाइप करके पढ़ें