NHAI FASTag New Rules: देश के नेशनल हाईवे (National Highways) पर सफर करना अब पहले से अधिक सुगम होने जा रहा है। अक्सर हाईवे पर यात्रा करते समय वाहन चालकों के सामने यह समस्या आती है कि टोल प्लाजा पर अचानक फास्टैग (FASTag) स्कैन नहीं होता या सर्वर डाउन होने की वजह से पेमेंट फेल हो जाता है। ऐसे में ड्राइवरों के मन में सबसे बड़ा डर यही रहता है कि कहीं उनसे पेनल्टी के रूप में दोगुना टोल टैक्स न वसूल लिया जाए। इस बात को लेकर अक्सर टोल कर्मियों और यात्रियों के बीच तीखी बहस भी देखने को मिलती है। यात्रियों की इन परेशानियों को ध्यान में रखते हुए भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) और सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय ने टोल वसूली को लेकर स्पष्ट और राहतभरे नियम तय किए हैं।
फास्टैग काम न करे या स्कैन न हो, तो कितना लगेगा टैक्स?
पुराने नियमों के मुताबिक, यदि किसी गाड़ी पर वैध फास्टैग नहीं होता था या तकनीकी कारणों से स्कैनर उसे पढ़ नहीं पाता था, तो टोल प्लाजा पर सीधे दोगुना टोल टैक्स वसूलने का प्रावधान था। लेकिन एनएचएआई (NHAI) ने आम जनता को राहत देते हुए इसमें बड़ा बदलाव किया है। अब दोगुना टैक्स लगेगा या नहीं, यह इस बात पर निर्भर करता है कि आप टोल का भुगतान किस माध्यम से कर रहे हैं।
- डिफ़ॉलल्ट या डिजिटल भुगतान पर राहत: यदि आपका फास्टैग किसी तकनीकी खराबी या सर्वर डाउन होने के कारण स्कैन नहीं हो रहा है, और आप नकद (Cash) देने के बजाय Google Pay, PhonePe, Paytm जैसे यूपीआई (UPI) या अन्य किसी डिजिटल माध्यम से भुगतान करते हैं, तो आपको दोगुना टैक्स नहीं देना होगा। ऐसे मामलों में आपसे केवल सामान्य टोल टैक्स का 1.25 गुना यानी सिर्फ 25 प्रतिशत अतिरिक्त शुल्क ही लिया जाएगा।
- नकद भुगतान पर नियम: यदि आप डिजिटल पेमेंट का इस्तेमाल करने के बजाय सीधे कैश देते हैं, तो पुरानी व्यवस्था के नियमों के तहत आपको दोगुना टोल टैक्स चुकाना पड़ सकता है। सरकार का यह अहम कदम टोल प्लाजा पर कैशलेस और डिजिटल ट्रांजैक्शन को बढ़ावा देने के लिए उठाया गया है।
बिना टोल दिए निकलने पर लगेगा भारी जुर्माना (72 घंटे का नियम)
यदि कोई वाहन चालक टोल प्लाजा पर बिना टैक्स चुकाए बैरियर पार कर निकल जाता है, या सिस्टम में पेमेंट फेल होने के बावजूद बकाया नहीं चुकाता है, तो एनएचएआई ऐसे मामलों में बेहद सख्त रुख अपनाता है। नियमों के अनुसार, यदि तय समय यानी 72 घंटे के भीतर उस बकाया टोल का भुगतान नहीं किया जाता है, तो एनएचएआई द्वारा सख्त कार्रवाई करते हुए दोगुना जुर्माना वसूला जा सकता है। ऐसे मामलों में आधिकारिक पोर्टल के जरिए ई-नोटिस जारी किया जाता है।
सफर के दौरान इन बातों का रखें विशेष ध्यान
टोल प्लाजा पर किसी भी प्रकार की असुविधा, विवाद या ओवरचार्जिंग से बचने के लिए यात्रा से पहले निम्नलिखित सावधानियां जरूर बरतें:
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- अपनी गाड़ी का फास्टैग हमेशा एक्टिव रखें और उसमें पर्याप्त बैलेंस सुनिश्चित करें।
- यदि स्कैनर की खराबी के कारण फास्टैग रीड नहीं हो पा रहा है, तो कैश देने के बजाय हमेशा UPI या डिजिटल माध्यम से 1.25 गुना भुगतान कर पक्की रसीद जरूर प्राप्त करें।
- सुनिश्चित करें कि आपका फास्टैग विंडशील्ड (Windshield) पर सही ढंग से चिपका हुआ हो, ताकि सेंसर उसे आसानी से पढ़ सके।
डिस्क्लेमर (Disclaimer):
इस लेख में दी गई जानकारी नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (NHAI) के दिशा-निर्देशों और परिवहन नियमों पर आधारित है। टोल दरों, तकनीकी प्रक्रियाओं और नियमों में स्थानीय परिस्थितियों या समय के अनुसार बदलाव संभव है। किसी भी विवाद की स्थिति में टोल प्लाजा के आधिकारिक प्रावधानों और एनएचएआई की गाइडलाइंस का पालन करें।
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