\r\n\r\n\r\n\r\nमस्जिद के बाहर बैठकर भीख माँगती थी, मृत महिला के घर मिला रूपयों से भरा बोरी।
\r\n
\r\nपता चला है कि यह महिला मस्जिद के बाहर बैठकर भीख माँगती थी और पैसे जमा करती थी उसकी मृत्यु के बाद जब मस्जिद कमेटी के लोग घर में साफ सफाई करने पहुँचे तो घर के अंदर रुपयों से भरे बोरी मिला, महिला का कोई… pic.twitter.com/KeGmCt2D8T\r\n— अ'मीर (@_CopAmir_) August 24, 2026 🏪 आपके शहर के ऑफर
विज्ञापन · स्थानीय दुकानों की ताज़ा स्कीम · स्वाइप करें →सभी ऑफर देखें →
भीख मांगने वाली महिला के घर मिली नोटों से भरी 30 से ज्यादा बोरियां! गिनने के लिए मंगवानी पड़ी मशीन, जानें क्या है पूरा मामला
देशकर्नाटक के मांड्या में भीख मांगने वाली बुजुर्ग महिला हूर उन्निसा की मौत के बाद उसके घर से नोटों से भरी 30 से ज्यादा बोरियां मिलीं। कैश गिनने के लिए मशीन मंगवानी पड़ी। जानिए क्या है पूरी घटना
karnataka beggar woman hoor unnisa cash filled bags found after death mandya
कहते हैं कि इंसान का चेहरा और उसका पहनावा कई बार उसकी असली सच्चाई को छिपा लेता है। ऐसा ही एक अविश्वसनीय और चौंकाने वाला मामला कर्नाटक के मांड्या (Mandya) जिले से सामने आया है। जिस महिला को पूरा इलाका एक बेसहारा और गरीब भिखारी समझकर चंद रुपये दया में दे दिया करता था, उसकी मौत के बाद जो सच बाहर आया, उसने हर किसी को दांतों तले उंगली दबाने पर मजबूर कर दिया है।
\r\n\r\nभीख मांगकर अपना पेट पालने वाली बुजुर्ग महिला के कच्चे और पुराने घर से नोटों से भरी 30 से ज्यादा प्लास्टिक की बोरियां बरामद हुई हैं। इन बोरियों में इतने नोट भरे थे कि स्थानीय लोग और पुलिस दंग रह गई। स्थिति यह बनी कि हाथों से पैसे गिनना नामुमकिन हो गया और नोटों की गिनती के लिए इलेक्ट्रॉनिक कैश काउंटिंग मशीन मंगवानी पड़ी।
\r\n\r\nयह पूरी घटना कर्नाटक के मांड्या जिले के अंतर्गत आने वाले गुथालू (Guthalu) इलाके की है। यहाँ हूर उन्निसा (Hoor Unnisa) नाम की एक बुजुर्ग महिला अपने इलाके में पिछले कई दशकों से भीख मांगकर अपना जीवनयापन कर रही थी। हूर उन्निसा की दुनिया में केवल एक बहन थी। दोनों बहनों ने अपनी पूरी जिंदगी शादी नहीं की और एक छोटे से जर्जर मकान में साथ रहती थीं।
\r\n\r\nकरीब दो साल पहले हूर उन्निसा की बहन का इंतकाल हो गया था। बहन के जाने के बाद हूर पूरी तरह से अकेली पड़ गई थी। वह शारीरिक रूप से कमजोर थी और पिछले काफी समय से गंभीर बीमारियों से जूझ रही थी। रविवार को लंबी बीमारी के बाद हूर उन्निसा ने दम तोड़ दिया। जब पड़ोसियों और स्थानीय लोगों को उसकी मौत की खबर मिली, तो वे उसके घर पहुंचे ताकि अंतिम संस्कार की व्यवस्था की जा सके।
\r\n\r\nहूर उन्निसा का कोई वारिस तुरंत सामने नहीं आया था, इसलिए स्थानीय निवासियों ने उसके घर के अंदर साफ-सफाई और जरूरी दस्तावेजों या पैसों की तलाश शुरू की, ताकि अंतिम संस्कार का खर्च निकाला जा सके। लेकिन जैसे ही लोगों ने घर के कोने में रखी प्लास्टिक की बोरियों को खोला, उनके होश उड़ गए।
\r\n\r\nघर के कमरों में धूल से सनी 30 से अधिक प्लास्टिक की बोरियां रखी हुई थीं। जब इन बोरियों को खोला गया तो उनमें 10 रुपये, 20 रुपये, 50 रुपये और 100 रुपये के कड़कड़े और मुड़े-तुड़े नोट ठसाठस भरे हुए थे। यह महिला अपनी पूरी जिंदगी में जो भी भीख में पाती थी, उसे खर्च करने के बजाय प्लास्टिक की बोरियों में भरकर संभालती रहती थी।
\r\n\r\nबोरियों की संख्या इतनी ज्यादा थी कि इंसानी हाथों से उन्हें गिनना बहुत समय लेने वाला काम था। इसके बाद स्थानीय लोगों ने तुरंत पैसे गिनने वाली मशीन (Cash Counting Machine) का इंतजाम किया।
\r\n\r\nस्थानीय सूत्रों और पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, खबर लिखे जाने तक बोरियों में से 8 से 9 लाख रुपये की गिनती पूरी की जा चुकी थी। चौंकाने वाली बात यह है कि यह रकम केवल 10 से 12 बोरियों की गिनती से निकली है, जबकि 20 से ज्यादा बोरियों की गिनती अभी बाकी है।
\r\n\r\nअनुमान लगाया जा रहा है कि सभी बोरियों की गिनती पूरी होने के बाद यह कुल रकम 15 से 20 लाख रुपये या उससे भी अधिक हो सकती है। जो महिला सड़कों पर एक-एक रुपये के लिए हाथ फैलाती थी, वह वास्तव में लाखों रुपये की मालकिन निकली।
\r\n\r\nहूर उन्निसा की मौत के बाद इस बात को लेकर भी असमंजस की स्थिति बन गई कि इतनी बड़ी रकम का क्या किया जाए। फिलहाल सुरक्षा और पारदर्शिता को ध्यान में रखते हुए इस पूरे कैश को गुथालू इलाके की स्थानीय मस्जिद कमेटी ने अपनी कस्टडी (देखरेख) में ले लिया है।
\r\n\r\nपुलिस और स्थानीय प्रशासन को भी इस घटना की सूचना दे दी गई है। हूर उन्निसा के दूर के रिश्तेदारों को खोजकर इस खजाने और उसकी मौत की जानकारी भेज दी गई है। मस्जिद कमेटी और स्थानीय प्रशासन ने फैसला लिया है कि बची हुई 20 बोरियों के कैश की गिनती हूर उन्निसा के रिश्तेदारों के सामने ही की जाएगी। कानून और धार्मिक नियमों के अनुसार जांच के बाद ही यह तय होगा कि इस धनराशि को रिश्तेदारों को सौंपा जाए या किसी सामाजिक/कल्याणकारी कार्य में लगाया जाए।
\r\n\r\nइस पूरी घटना का वीडियो सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स जैसे व्हाट्सएप, फेसबुक और एक्स (ट्विटर) पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में देखा जा सकता है कि कैसे जमीन पर नोटों के ढेर लगे हुए हैं और लोग नोट गिनने की मशीन से लगातार पैसों की गिनती कर रहे हैं। आसपास खड़े लोग इस नजारे को देखकर हैरान हैं।
\r\n\r\nसोशल मीडिया पर यूज़र्स इस घटना पर तरह-तरह की प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं। कुछ लोग महिला की इस बचत आदत पर हैरानी जता रहे हैं, तो कुछ का कहना है कि इतने पैसे होने के बावजूद महिला ने अपनी पूरी जिंदगी दुख, गरीबी और तंगहाली में भीख मांगकर गुजार दी।
\r\n\r\nभारत में किसी भिखारी के पास से लाखों-करोड़ों रुपये मिलने की यह कोई पहली घटना नहीं है। इससे पहले भी उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र और तमिलनाडु से ऐसे मामले सामने आ चुके हैं जहाँ भीख मांगने वाले लोगों के बैंक खातों में लाखों रुपये या झोपड़ियों में सोने-चांदी के सिक्के मिले।
\r\n\r\nमनोवैज्ञानिकों का मानना है कि कई बार ऐसे लोग 'हार्डिंग सिंड्रोम' (Hoarding Disorder) से पीड़ित होते हैं। वे पैसे तो जमा करते रहते हैं, लेकिन उसका इस्तेमाल अपने कम्फर्ट या इलाज के लिए कभी नहीं कर पाते। हूर उन्निसा की कहानी भी एक ऐसी ही दुखद मिसाल है—जिसके पास लाखों रुपये तो थे, लेकिन वह अपनी जिंदगी की बुनियादी जरूरतें भी पूरी नहीं कर सकी और तन्हाई में इस दुनिया से चली गई।
\r\n\r\n(ऐसी ही देश-दुनिया और उत्तर प्रदेश की हर छोटी-बड़ी वायरल और प्रामाणिक खबर के लिए जुड़े रहें 'खबरीलाल' के साथ!)
जंतर–मंतर गेम खेलें।
पुलिस बनकर कॉकरोचों को पहचानो या आंदोलनकारी बनकर पहुंचो जंतर मंतर।
खेलें ▶
खबरीलाल न्यूज़ का Telegram चैनल जॉइन करें
Join ›
Sabse pehle comment karne wale banein.