नई दिल्ली। देश भर में मानसूनी हवाओं की सक्रियता एक बार फिर अपने चरम पर पहुंच गई है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 5 अगस्त से लेकर 10 अगस्त 2026 के दौरान देश के अधिकांश हिस्सों में भारी से अत्यंत भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, उत्तर-पश्चिम भारत के मैदानी इलाकों से लेकर पूर्वोत्तर के पर्वतीय राज्यों तक बादलों की जबरदस्त आवाजाही देखी जा रही है।READ ALSO:-संगीत, समर्पण और शांति: दादा जे.पी. वासवानी की 108वीं जयंती पर निर्वाण बिरला के कीर्तन ने बांधा आध्यात्मिक रंग
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n
आगामी 5 से 6 दिनों के भीतर देश के बड़े हिस्से में गरज-चमक, 50 से 70 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाली तेज हवाओं और आकाशीय बिजली गिरने के साथ झमाझम बारिश होने के आसार हैं। विशेष रूप से असम, मेघालय, महाराष्ट्र, कोंकण-गोवा, उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश जैसे राज्यों में कुदरत का कड़ा रुख देखने को मिल सकता है, जिससे निचले इलाकों में जलभराव और पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन (Landslide) का खतरा बढ़ गया है।
\r\n\r\n

 

जंतर–मंतर गेम खेलें। पुलिस बनकर कॉकरोचों को पहचानो या आंदोलनकारी बनकर पहुंचो जंतर मंतर। खेलें ▶ \r\n\r\n

उत्तर-पश्चिम भारत: दिल्ली, यूपी और पहाड़ी राज्यों में बारिश का कहर

\r\n\r\n
उत्तर-पश्चिम भारत के राज्यों में 5 से 10 अगस्त के बीच मानसूनी बारिश का दौर तेज रहने वाला है। पहाड़ी और मैदानी दोनों ही क्षेत्रों में मौसम विभाग ने येलो और ऑरेंज अलर्ट जारी किया है:
\r\n\r\n

 

विज्ञापन
विज्ञापन
\r\n\r\n
    \r\n
  • \r\n
    दिल्ली-एनसीआर, हरियाणा और पंजाब: राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली, हरियाणा, पंजाब, चंडीगढ़ और पूर्वी उत्तर प्रदेश में 5 और 6 अगस्त को गरज-चमक के साथ रुक-रुक कर तेज बौछारें पड़ने की पूरी संभावना है। दिल्ली-एनसीआर में बारिश से तापमान में गिरावट आएगी और लोगों को उमस भरी गर्मी से राहत मिलेगी।
    \r\n
  • \r\n
  • \r\n
    पश्चिमी उत्तर प्रदेश: पश्चिमी उत्तर प्रदेश के जिलों में 5 अगस्त से 7 अगस्त तक लगातार बारिश का सिलसिला जारी रहेगा। कुछ इलाकों में भारी बारिश के कारण सड़कों पर जलभराव की स्थिति बन सकती है।
    \r\n
  • \r\n
  • \r\n
    राजस्थान: राजस्थान के कई जिलों में मानसून पूरी तरह मेहरबान है। राज्य में 5 से 9 अगस्त के बीच रुक-रुक कर मूसलाधार बारिश का दौर बना रहेगा।
    \r\n
  • \r\n
  • \r\n
    पहाड़ी राज्य (उत्तराखंड, हिमाचल, जम्मू-कश्मीर): उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर, लद्दाख और मुजफ्फराबाद में 5 से 10 अगस्त के दौरान कई स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी दी गई है। पहाड़ों पर लगातार हो रही बारिश से नदियों का जलस्तर बढ़ सकता है।
    \r\n
  • \r\n
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n

मध्य और पूर्वी भारत: एमपी, बिहार, झारखंड और ओडिशा में बदलेगा मौसम

\r\n\r\n
मध्य भारत से लेकर पूर्वी भारत के राज्यों में मानसूनी ट्रफ की वजह से मौसम का मिजाज बदला हुआ रहेगा:
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n
    \r\n
  • \r\n
    मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़: पश्चिमी और पूर्वी मध्य प्रदेश में 6 अगस्त से 9 अगस्त के बीच व्यापक रूप से बारिश होने का अनुमान जताया गया है। वहीं छत्तीसगढ़ और विदर्भ क्षेत्र में 5 अगस्त को आकाशीय बिजली चमकने और भारी बारिश की प्रबल संभावना है।
    \r\n
  • \r\n
  • \r\n
    बिहार, झारखंड और पश्चिम बंगाल: पूर्वी भारत के मैदानी भागों—बिहार, झारखंड, ओडिशा, पश्चिम बंगाल और सिक्किम में 5 से 10 अगस्त तक मध्यम से भारी बारिश दर्ज की जा सकती है। सिक्किम और उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल के कुछ हिस्सों में अत्यधिक भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है।
    \r\n
  • \r\n
  • \r\n
    अंडमान और निकोबार द्वीप समूह: अंडमान-निकोबार में मानसूनी हवाएं काफी उग्र रहेंगी। यहां 50 से 70 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से धूलभरी और तेज हवाएं चलने की संभावना व्यक्त की गई है, जिसको देखते हुए मछुआरों को समुद्र में न जाने की सलाह दी गई है।
    \r\n
  • \r\n
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n

पूर्वोत्तर भारत: असम और मेघालय में रेड अलर्ट जैसी स्थिति

\r\n\r\n
पूर्वोत्तर भारत के राज्यों में अगले 6 दिनों तक भारी तबाही की आशंका जताई जा रही है। मौसम विभाग के बुलेटिन के अनुसार:
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n
    \r\n
  1. \r\n
    असम और मेघालय: 5 अगस्त को असम और मेघालय में 'अत्यधिक भारी बारिश' (Extremely Heavy Rainfall) होने की चेतावनी जारी की गई है। अत्यधिक बारिश से नदियों का जलस्तर तेजी से बढ़ सकता है और बाढ़ जैसी स्थिति उत्पन्न हो सकती है।
    \r\n
  2. \r\n
  3. \r\n
    अन्य पूर्वोत्तर राज्य: अरुणाचल प्रदेश, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में 4 अगस्त से शुरू हुआ बारिश का दौर 10 अगस्त तक लगातार बना रहेगा। 5 से 8 अगस्त के बीच इन सभी राज्यों में आंधी-तूफान, तेज हवाओं और बिजली गिरने का गंभीर खतरा मंडरा रहा है।
    \r\n
  4. \r\n
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n

कोंकण, गोवा और महाराष्ट्र में गरजेंगे बादल

\r\n\r\n
पश्चिम भारत के तटीय और मैदानी इलाकों में भी बादलों का जमावड़ा बना हुआ है:
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n
    \r\n
  • \r\n
    कोंकण और गोवा: 5 से 10 अगस्त के दौरान पूरे कोंकण और गोवा क्षेत्र में व्यापक रूप से भारी बारिश होने का अनुमान है। तटीय क्षेत्रों में समुद्र में ऊंची लहरें उठ सकती हैं।
    \r\n
  • \r\n
  • \r\n
    मध्य महाराष्ट्र और मराठवाड़ा: मध्य महाराष्ट्र में 5 अगस्त और 8 अगस्त को भारी बारिश के आसार हैं, जबकि मराठवाड़ा क्षेत्र में 5 अगस्त को अच्छी बारिश दर्ज की जा सकती है।
    \r\n
  • \r\n
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n

दक्षिण भारत: तटीय इलाकों में भारी बारिश और 60 किमी/घंटे की रफ्तार से हवाएं

\r\n\r\n
दक्षिण भारत के राज्यों में बारिश के साथ-साथ तेज आंधी-तूफान का अलर्ट जारी किया गया है:
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n
    \r\n
  • \r\n
    कर्नाटक और केरल: तटीय कर्नाटक, केरल और दक्षिणी आंतरिक कर्नाटक के कई हिस्सों में 5 और 6 अगस्त को भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी दी गई है।
    \r\n
  • \r\n
  • \r\n
    तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश और तेलंगाना: तमिलनाडु, पुडुचेरी, कराइकल, तटीय आंध्र प्रदेश और यनम में 4 से 9 अगस्त के बीच अलग-अलग दिनों में मूसलाधार बौछारें पड़ेंगी।
    \r\n
  • \r\n
  • \r\n
    तेज हवाओं की चेतावनी: तमिलनाडु, केरल, कर्नाटक, आंध्र प्रदेश और तेलंगाना में 5 से 10 अगस्त के दौरान 30 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलेंगी, जो बढ़कर 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार तक पहुंच सकती हैं। रायलसीमा, यनम और तेलंगाना में बिजली गिरने की भी आशंका जताई गई है।
    \r\n
  • \r\n
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n

राज्यवार बारिश और मौसम अलर्ट की त्वरित तालिका (5 से 10 अगस्त 2026)

\r\n\r\n\r\n \r\n \r\n \r\n \r\n \r\n \r\n \r\n \r\n \r\n \r\n \r\n \r\n \r\n \r\n \r\n \r\n \r\n \r\n \r\n \r\n \r\n \r\n \r\n \r\n \r\n \r\n \r\n \r\n \r\n \r\n \r\n \r\n \r\n \r\n \r\n \r\n \r\n \r\n \r\n \r\n \r\n \r\n \r\n \r\n \r\n \r\n \r\n \r\n \r\n
\r\n
क्षेत्र / राज्य
\r\n
\r\n
संभावित बारिश की अवधि
\r\n
\r\n
अलर्ट और मौसम की स्थिति
\r\n
\r\n
दिल्ली, हरियाणा, पंजाब
\r\n
\r\n
5 – 6 अगस्त
\r\n
\r\n
गरज-चमक के साथ तेज बौछारें
\r\n
\r\n
पश्चिमी उत्तर प्रदेश
\r\n
\r\n
5 – 7 अगस्त
\r\n
\r\n
रुक-रुक कर भारी बारिश
\r\n
\r\n
उत्तराखंड व हिमाचल प्रदेश
\r\n
\r\n
5 – 10 अगस्त
\r\n
\r\n
भारी से बहुत भारी बारिश, भूस्खलन का खतरा
\r\n
\r\n
राजस्थान
\r\n
\r\n
5 – 9 अगस्त
\r\n
\r\n
व्यापक बारिश और गरज-चमक
\r\n
\r\n
असम व मेघालय
\r\n
\r\n
5 अगस्त (विशेष रूप से)
\r\n
\r\n
अत्यधिक भारी बारिश (रेड/ऑरेंज अलर्ट)
\r\n
\r\n
मध्य प्रदेश व छत्तीसगढ़
\r\n
\r\n
6 – 9 अगस्त
\r\n
\r\n
मूसलाधार बारिश और बिजली गिरना
\r\n
\r\n
कोंकण व गोवा
\r\n
\r\n
5 – 10 अगस्त
\r\n
\r\n
भारी बारिश व तटीय इलाकों में तेज हवाएं
\r\n
\r\n
केरल व तटीय कर्नाटक
\r\n
\r\n
5 – 6 अगस्त
\r\n
\r\n
भारी से बहुत भारी बारिश
\r\n
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n

मौसम विभाग (IMD) की आम जनता के लिए सलाह

\r\n\r\n
बारिश और आंधी-तूफान के इस लंबे दौर को देखते हुए प्रशासन और मौसम विभाग ने आम नागरिकों तथा यात्रियों के लिए सुरक्षा संबंधी दिशानिर्देश जारी किए हैं:
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n
    \r\n
  1. \r\n
    पहाड़ी क्षेत्रों की यात्रा से बचें: उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश और पूर्वोत्तर के राज्यों में यात्रा कर रहे पर्यटक भूस्खलन संभावित क्षेत्रों में जाने से बचें।
    \r\n
  2. \r\n
  3. \r\n
    बिजली चमकने के दौरान सावधानी: आकाशीय बिजली चमकने के समय खुले मैदानों, खेतों या पेड़ों के नीचे शरण न लें। सुरक्षित पक्के मकानों में रहें।
    \r\n
  4. \r\n
  5. \r\n
    जलभराव से बचें: शहरों में जलभराव वाले रास्तों पर वाहन चलाने से बचें और बिजली के खंभों व तारों से पर्याप्त दूरी बनाए रखें।
    \r\n
  6. \r\n
  7. \r\n
    मछुआरों के लिए चेतावनी: तटीय आंध्र प्रदेश, तमिलनाडु, केरल, कर्नाटक और अंडमान-निकोबार के तटीय क्षेत्रों में समुद्र में तेज हवाएं चलने के कारण मछुआरों को गहरे समुद्र में न जाने की सलाह दी गई है।
    \r\n
  8. \r\n
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n

अस्वीकरण (Disclaimer)

\r\n\r\n
\r\n
डिस्क्लेमर: यह मौसम समाचार रिपोर्ट भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) द्वारा जारी आधिकारिक बुलेटिन और राष्ट्रीय मौसम पूर्वानुमान डेटा पर आधारित है। मौसम की स्थितियां स्थानीय वातावरण और खगोलीय कारकों के कारण समय-समय पर परिवर्तित हो सकती हैं। किसी भी यात्रा या दैनिक योजना को बनाने से पहले स्थानीय मौसम कार्यालय या आईएमडी की आधिकारिक वेबसाइट पर ताज़ा अपडेट अवश्य जांचें।
\r\n
विज्ञापन
विज्ञापन
पढ़िए फटाफट खबरेंस्वाइप करके पढ़ें