नई दिल्ली/लास वेगास. भारत की सुरक्षा एजेंसियों और पुलिस के लिए एक बड़ी सफलता सामने आई है। इंटरपोल के रेड कॉर्नर नोटिस पर चल रहे भारत के मोस्ट वांटेड गैंगस्टर की गिरफ्तारी अमेरिका में हो गई है। Himanshu Bhau Arrest को लेकर मीडिया रिपोर्ट्स में बताया गया है कि अमेरिकी कानून प्रवर्तन एजेंसी फेडरल ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टिगेशन (FBI) ने उसे लास वेगास से दबोचा है। हिमांशु पर दिल्ली, हरियाणा और आसपास के राज्यों में हत्या, रंगदारी, हत्या के प्रयास और हथियारों की तस्करी के 30 से अधिक गंभीर मामले दर्ज हैं।

भारतीय एजेंसियों के इनपुट पर लास वेगास में कार्रवाई जानकारी के अनुसार, राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA), दिल्ली पुलिस और हरियाणा पुलिस की एसटीएफ लंबे समय से हिमांशु की तलाश में थीं। जांच एजेंसियों ने तकनीकी सर्विलांस और मुखबिरों की सटीक सूचना के आधार पर लास वेगास (अमेरिका) में उसके छिपे होने का पता लगाया। इसके बाद यह अहम जानकारी अमेरिकी एजेंसियों के साथ साझा की गई, जिसके परिणामस्वरूप गुरुवार शाम FBI ने उसे गिरफ्तार कर लिया। इसी अभियान में एक अन्य भगोड़े अपराधी नीरज फरीदपुरिया को भी पकड़ा गया है। नीरज इसी साल जमानत पर बाहर आने के बाद अपने पैर में लगे ट्रैकिंग डिवाइस को तोड़कर फरार हो गया था।

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14 सितंबर को दिल्ली में जिम ट्रेनर विजय कुमार की गोली मारकर हत्या की जिम्मेदारी भी हिमांशु भाऊ गैंग ने ली थी।

महज 17 की उम्र में रखा था जरायम की दुनिया में कदम हरियाणा के रोहतक जिले स्थित रिटौली गांव का रहने वाला 24 वर्षीय हिमांशु भाऊ बेहद कम उम्र में ही अपराध के रास्ते पर चल पड़ा था।

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  • शुरुआती अपराध: उसने 17 साल की उम्र में रोहतक की सब्जी मंडी में कारोबारियों से जबरन वसूली शुरू की।

  • बाल सुधार गृह से फरारी: गांव के ही सनी नामक युवक की हत्या के बाद 2020 में वह हिसार के बाल सुधार गृह से करीब 20 अन्य लड़कों के साथ फरार हो गया था।

  • गैंग का निर्माण: जेल में उसकी मुलाकात कुख्यात गैंगस्टर नीरज बवाना से हुई। इसके बाद उसने जबरन वसूली का बड़ा नेटवर्क खड़ा कर अपना अलग गिरोह बना लिया।

  • दहशत का दौर: वर्ष 2022 में हरियाणा में 24 घंटे के भीतर हुई तीन हत्याओं में नाम सामने आने के बाद वह क्राइम की दुनिया में सुर्खियों में आ गया।

एल्विश यादव के घर फायरिंग से लेकर बर्गर किंग हत्याकांड तक हिमांशु भाऊ का नाम देश की कई बड़ी आपराधिक घटनाओं में सीधे तौर पर जुड़ा है। साल 2025 में मशहूर यूट्यूबर एल्विश यादव के गुरुग्राम स्थित आवास के बाहर हुई फायरिंग की जिम्मेदारी भी इसी गैंग ने ली थी। इसके अलावा, दिल्ली के राजौरी गार्डन स्थित बर्गर किंग आउटलेट में हुई हत्या और एक लग्जरी कार शोरूम पर ताबड़तोड़ गोलीबारी जैसी वारदातों में भी इसी गिरोह का हाथ सामने आया था।

लॉरेंस और गोल्डी बराड़ से थी दुश्मनी पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक, हिमांशु भाऊ के नीरज बवाना और बंबीहा गैंग से काफी करीबी संबंध हैं। वहीं, कुख्यात लॉरेंस बिश्नोई और गोल्डी बराड़ गैंग से उसकी पुरानी दुश्मनी जगजाहिर है। हिमांशु का गिरोह मुख्य रूप से दिल्ली-एनसीआर, हरियाणा, राजस्थान और पंजाब में सक्रिय है। इससे पहले उसके पुर्तगाल में छिपकर रहने की भी खबरें थीं। पुलिस के अनुसार, उसका गैंग विदेशी धरती से सोशल मीडिया और वर्चुअल फोन नंबर्स का इस्तेमाल करके भारत में शराब ठेकेदारों, प्रॉपर्टी डीलरों और बड़े कारोबारियों से रंगदारी वसूलता था।

3.5 लाख का था इनाम, अब प्रत्यर्पण की तैयारी हिमांशु भाऊ की गिरफ्तारी पर हरियाणा पुलिस ने 2.5 लाख रुपये और दिल्ली पुलिस ने 1 लाख रुपये का इनाम रखा था। साल 2023 में इंटरपोल द्वारा उसके खिलाफ रेड कॉर्नर नोटिस भी जारी किया गया था। अमेरिका में उसकी सफल गिरफ्तारी के बाद अब भारतीय एजेंसियां उसके आधिकारिक प्रत्यर्पण और आगे की कानूनी कार्रवाई के लिए जरूरी दस्तावेज तैयार कर रही हैं।

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