नई दिल्ली/मुंबई: सराफा बाजार में पिछले पांच दिनों से जारी तूफानी तेजी पर आज यानी मंगलवार (30 दिसंबर 2025) को अचानक ब्रेक लग गया है। निवेशकों द्वारा ऊंचे भाव पर मुनाफावसूली (Profit Booking) और ग्लोबल मार्केट में आए करेक्शन के चलते आज सोने और चांदी दोनों की कीमतों में भारी गिरावट दर्ज की गई है। जो निवेशक बीते हफ्ते से भाव कम होने का इंतजार कर रहे थे, उनके लिए आज की खबर थोड़ी राहत लेकर आई है, हालांकि कीमतें अभी भी आम आदमी की पहुंच से काफी दूर हैं।READ ALSO:-"न्यू ईयर पर हुड़दंग मचाया तो साल की पहली सुबह लॉकअप में होगी..." मेरठ SSP ने तैयार किया 'चक्रव्यूह'; ड्रोन, LIU और 300 एक्स्ट्रा पुलिसकर्मी संभालेंगे कमान
\r\n\r\n\r\n\r\n
इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) द्वारा जारी किए गए आंकड़ों के मुताबिक, आज सर्राफा बाजार खुलते ही लाल निशान में कारोबार करता नजर आया। चांदी, जो कल तक ₹2.43 लाख के स्तर को छूने की कोशिश कर रही थी, आज सीधे ₹4,000 नीचे आ गिरी है। वहीं, सोने की चमक भी फीकी पड़ी है और भाव ₹1.34 लाख के स्तर पर आ गया है।
\r\n\r\nजंतर–मंतर गेम खेलें। पुलिस बनकर कॉकरोचों को पहचानो या आंदोलनकारी बनकर पहुंचो जंतर मंतर। खेलें ▶ \r\n\r\n
आज का बाजार: आंकड़ों की जुबानी
\r\n\r\nबाजार में आज मचे घमासान को समझने के लिए हमें आज के और कल के भावों की तुलना करनी होगी। यह गिरावट छोटी नहीं है, बल्कि पिछले कुछ हफ्तों की सबसे बड़ी एकदिवसीय गिरावटों में से एक है।
\r\n\r\n\r\n\r\n
- \r\n
- \r\n चांदी (Silver) का हाल: चांदी आज ₹3,973 सस्ती हुई है।\r\n\r\n
- \r\n
- \r\n आज का भाव: ₹2,31,467 प्रति किलोग्राम।\r\n \r\n
- \r\n कल का भाव: ₹2,35,440 प्रति किलोग्राम।\r\n \r\n
- \r\n इंट्रा-डे हलचल: कल के कारोबारी सत्र में चांदी ने ऐतिहासिक उतार-चढ़ाव देखा था। शुरुआती कारोबार में यह ₹2,43,483 प्रति किलो तक उछल गई थी, लेकिन बाजार बंद होते-होते यह ₹7,333 नीचे गिरकर बंद हुई। आज यह गिरावट और गहरी हो गई है।\r\n \r\n
\r\n - \r\n
- \r\n सोना (Gold) का हाल: सोने में भी बड़ी गिरावट देखने को मिली है। 24 कैरेट शुद्ध सोना ₹2,119 टूट गया है।\r\n\r\n
- \r\n
- \r\n आज का भाव: ₹1,34,362 प्रति 10 ग्राम।\r\n \r\n
- \r\n कल का भाव: ₹1,36,481 प्रति 10 ग्राम।\r\n \r\n
\r\n - \r\n
Follow the Khabreelal News channel on WhatsApp Join › \r\n\r\n
2025 का लेखा-जोखा: निवेशकों के लिए 'स्वर्ण काल'
\r\n\r\nभले ही आज बाजार में गिरावट हो, लेकिन अगर हम 'ईयर-टू-डेट' (Year-to-Date) यानी साल 2025 के प्रदर्शन पर नजर डालें, तो यह साल कमोडिटी निवेशकों के लिए किसी जैकपॉट से कम नहीं रहा है। शेयर बाजार, फिक्स्ड डिपॉजिट या रियल एस्टेट—किसी भी सेक्टर ने इतना बंपर रिटर्न नहीं दिया है जितना सोने और चांदी ने दिया है।
\r\n\r\n\r\n\r\n
1. सोने की ऐतिहासिक छलांग (76% रिटर्न)
\r\n\r\nइस साल सोने ने महंगाई को पछाड़ते हुए निवेशकों की झोली भर दी है।
\r\n\r\n\r\n\r\n
- \r\n
- \r\n 31 दिसंबर 2024: 10 ग्राम सोने की कीमत ₹76,162 थी।\r\n \r\n
- \r\n आज का भाव: ₹1,34,362 प्रति 10 ग्राम।\r\n \r\n
- \r\n कुल बढ़त: इस एक साल में सोना ₹58,200 महंगा हुआ है। प्रतिशत में देखें तो यह 76% का शानदार रिटर्न है।\r\n \r\n
खबरीलाल न्यूज़ का Telegram चैनल जॉइन करें Join › \r\n\r\n
2. चांदी बनी नया 'गोल्ड' (169% रिटर्न)
\r\n\r\nचांदी ने इस साल सोने को भी पीछे छोड़ दिया है। इसे अब सिर्फ 'गरीबों का सोना' नहीं कहा जा सकता, क्योंकि इसके रिटर्न ने बड़े-बड़े एसेट क्लास को मात दे दी है।
\r\n\r\n\r\n\r\n
- \r\n
- \r\n 31 दिसंबर 2024: एक किलो चांदी ₹86,017 में मिल रही थी।\r\n \r\n
- \r\n आज का भाव: ₹2,31,467 प्रति किलो।\r\n \r\n
- \r\n कुल बढ़त: एक साल में चांदी के दाम ₹1,45,450 बढ़ गए हैं। यह 169% का अविश्वसनीय उछाल है।\r\n \r\n
\r\n\r\n
गिरावट और तेजी के पीछे का 'मैक्रो-इकनॉमिक' खेल
\r\n\r\nआम निवेशक अक्सर यह सोचते हैं कि आखिर रोज भाव क्यों बदलते हैं? आज की गिरावट और पिछले 5 दिनों की तेजी के पीछे कुछ ठोस वैश्विक (Global) और घरेलू (Domestic) कारण हैं। एक्सपर्ट्स ने इसके तीन-तीन प्रमुख कारण बताए हैं।
\r\n\r\n\r\n\r\n
सोने में तेजी के 3 बड़े पिलर्स
\r\n\r\n- \r\n
- \r\n कमजोर होता डॉलर (Dollar Index): अमेरिका में ब्याज दरें घटने का सिलसिला जारी है। जब अमेरिकी फेडरल रिजर्व ब्याज दरें घटाता है, तो डॉलर इंडेक्स कमजोर होता है। डॉलर कमजोर होने का सीधा मतलब है कि दूसरी करेंसी रखने वालों के लिए सोना खरीदना सस्ता पड़ता है, जिससे डिमांड बढ़ती है। साथ ही, सोने की 'होल्डिंग कॉस्ट' कम हो जाती है, जिससे निवेशक इसमें पैसा लगाते हैं।\r\n \r\n
- \r\n जियोपॉलिटिकल तनाव (War Crisis): दुनिया अभी भी शांत नहीं है। रूस-यूक्रेन युद्ध और मध्य-पूर्व (Middle East) में तनाव लगातार बना हुआ है। जब भी दुनिया में अनिश्चितता या युद्ध का माहौल होता है, तो शेयर बाजार अस्थिर हो जाते हैं। ऐसे में निवेशक 'सेफ हेवन' (Safe Haven) यानी सबसे सुरक्षित निवेश की तरफ भागते हैं, और सदियों से सोना ही सबसे सुरक्षित निवेश माना जाता रहा है।\r\n \r\n
- \r\n सेंट्रल बैंक्स की अंधाधुंध खरीदारी: यह एक बहुत बड़ा फैक्टर है। चीन, रूस और तुर्की जैसे देशों के केंद्रीय बैंक (Central Banks) डॉलर पर अपनी निर्भरता कम करने के लिए लगातार सोना खरीद रहे हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक, सेंट्रल बैंक्स ने सालभर में 900 टन से ज्यादा सोना खरीदा है। जब इतनी बड़ी मात्रा में खरीदारी होती है, तो सप्लाई कम और डिमांड ज्यादा होने से दाम ऊपर जाते हैं।\r\n \r\n
🏪 आपके शहर के ऑफर
विज्ञापन · स्थानीय दुकानों की ताज़ा स्कीम · स्वाइप करें →
सभी ऑफर देखें →
चांदी में आग लगने के 3 बड़े कारण
\r\n\r\nचांदी अब सिर्फ गहनों तक सीमित नहीं है, यह एक 'इंडस्ट्रियल मेटल' बन चुकी है।
\r\n\r\n\r\n\r\n
- \r\n
- \r\n इंडस्ट्रियल क्रांति (EV & Solar): दुनिया तेजी से ग्रीन एनर्जी की तरफ बढ़ रही है। सोलर पैनल्स में चांदी का भारी इस्तेमाल होता है। इसके अलावा, इलेक्ट्रिक व्हीकल्स (EV), 5G टेक्नोलॉजी और हाई-टेक इलेक्ट्रॉनिक्स में चांदी एक जरूरी कच्चा माल (Raw Material) बन गई है। खपत बढ़ रही है, लेकिन खनन (Mining) उस रफ्तार से नहीं बढ़ रहा।\r\n \r\n
- \r\n ट्रंप का 'टैरिफ डर' (Trade War Fear): अमेरिका में डोनाल्ड ट्रंप की नीतियों को लेकर बाजार आशंकित है। अमेरिकी कंपनियां इस डर से चांदी का भारी स्टॉक जमा कर रही हैं कि कहीं ट्रंप प्रशासन आयात पर भारी टैरिफ (Tariff) न लगा दे। इस 'पैनिक बाइंग' ने ग्लोबल सप्लाई चेन को बिगाड़ दिया है और कीमतें आसमान छू रही हैं।\r\n \r\n
- \r\n मैन्युफैक्चरर्स की होड़: प्रोडक्शन रुकने के डर से दुनिया भर के मैन्युफैक्चरर्स पहले से ही चांदी खरीदकर गोदाम भर रहे हैं। सप्लाई की कमी का डर इतना ज्यादा है कि कोई भी रिस्क नहीं लेना चाहता। इसी वजह से आने वाले महीनों में भी चांदी में तेजी बनी रहने की संभावना है।\r\n \r\n
\r\n\r\n
क्या अब भी है निवेश का मौका? (Expert Prediction)
\r\n\r\nआज की गिरावट को देखकर सवाल उठता है—क्या यह खरीदने का सही समय है या भाव और गिरेंगे? मार्केट एक्सपर्ट्स का मानना है कि यह गिरावट महज एक छोटा सा करेक्शन है, लंबी अवधि का ट्रेंड अभी भी पॉजिटिव है।
\r\n\r\n\r\n\r\n
केडिया एडवाइजरी के डायरेक्टर, अजय केडिया का विश्लेषण: अजय केडिया का मानना है कि इंडस्ट्रियल डिमांड के कारण चांदी का भविष्य बेहद उज्ज्वल है।
\r\n\r\n- \r\n
- \r\n चांदी का लक्ष्य: उनका अनुमान है कि अगले 1 साल में चांदी ₹2.75 लाख प्रति किलोग्राम तक पहुंच सकती है। वहीं, इस साल के अंत तक भी इसके ₹2.10 लाख के आसपास स्थिर रहने या बढ़ने की उम्मीद थी (जो कि पार हो चुका है, अब नए स्तर ₹2.30 लाख+ हैं)।\r\n \r\n
- \r\n सोने का लक्ष्य: सोने की डिमांड में भी कोई कमी नहीं आ रही है। अगले साल तक सोना ₹1.50 लाख प्रति 10 ग्राम के जादुई आंकड़े को पार कर सकता है।\r\n \r\n
\r\n\r\n
सलाह: एक्सपर्ट्स का कहना है कि जब भी बाजार में ₹2000-₹3000 की गिरावट आए, उसे खरीदारी के मौके (Buy on Dips) के तौर पर देखना चाहिए।
\r\n\r\n\r\n\r\n
उपभोक्ता गाइड: आपके शहर में रेट अलग क्यों?
\r\n\r\nअक्सर लोग अखबार में रेट देखकर सुनार के पास जाते हैं और वहां रेट ज्यादा मिलने पर ठगा हुआ महसूस करते हैं। इसे समझना जरूरी है।
\r\n\r\n\r\n\r\n
IBJA रेट्स का सच: इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) जो रेट जारी करता है, वह 24 कैरेट सोने का 'होलसेल रेट' होता है।
\r\n\r\n\r\n\r\n
- \r\n
- \r\n इसमें 3% GST शामिल नहीं होता।\r\n \r\n
- \r\n इसमें ज्वैलर का मेकिंग चार्ज (Making Charges) शामिल नहीं होता।\r\n \r\n
- \r\n इसमें ज्वैलर का मुनाफा (Margin) शामिल नहीं होता।\r\n \r\n
\r\n\r\n
इसलिए, जब आप रिटेल दुकान से सोना खरीदते हैं, तो आपको IBJA के रेट से 3% से 10% तक ज्यादा दाम चुकाना पड़ता है। हालांकि, आरबीआई (RBI) अपने सोवरेन गोल्ड बॉन्ड और बैंक अपने गोल्ड लोन के रेट तय करने के लिए इसी IBJA रेट को बेंचमार्क मानते हैं।
\r\n\r\n\r\n\r\n
सोने और चांदी की कीमतों में आज की गिरावट अस्थायी राहत हो सकती है, लेकिन बाजार की दिशा (Trend) अभी भी ऊपर की तरफ है। 2025 में मिले 76% और 169% के रिटर्न ने साबित कर दिया है कि मुश्किल समय में कमोडिटी ही निवेशक का सबसे अच्छा दोस्त है। अगर आप लंबी अवधि (Long Term) के लिए निवेश करना चाहते हैं, तो यह गिरावट आपके लिए एंट्री का एक अच्छा मौका हो सकती है। लेकिन अगर आप सिर्फ शादी-ब्याह के लिए ज्वेलरी खरीदना चाहते हैं, तो थोड़ा इंतजार करना या 'एवरेजिंग' करना बेहतर रणनीति हो सकती है।
\r\n\r\n\r\n\r\n
नोट: निवेश करने से पहले अपने वित्तीय सलाहकार से राय अवश्य लें। बाजार जोखिमों के अधीन है।

Sabse pehle comment karne wale banein.