जनवरी का महीना अपने मध्य पड़ाव पर है, लेकिन उत्तर भारत में सर्दी का सितम कम होने के बजाय और भी जानलेवा होता जा रहा है। कुदरत ने मानो पूरे उत्तर भारत को एक 'फ्रीजर' में तब्दील कर दिया है। सुबह की शुरुआत घने कोहरे की सफेद चादर से होती है, जो दिन चढ़ते-चढ़ते बर्फीली हवाओं (Cold Wave) में बदल जाती है। सूरज देवता के दर्शन दुर्लभ हो गए हैं और अगर धूप निकलती भी है, तो उसकी तपिश नदारद है।READ ALSO:-Mardaani 3: शिवानी शिवाजी रॉय की दहाड़ से कांपा सोशल मीडिया, लेकिन महफिल लूट ले गई 'अम्मा'; जानिए उस खूंखार विलेन के बारे में जिससे टकराने आ रही है 'मर्दानी'
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इस बीच, भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने जो ताजा भविष्यवाणी की है, उसने लोगों के माथे पर चिंता की लकीरें खींच दी हैं। विभाग के मुताबिक, अभी ठंड से राहत मिलने की कोई उम्मीद नहीं है, बल्कि 16 जनवरी 2026 से मौसम एक नया और रौद्र रूप धारण करने वाला है। एक सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) उत्तर भारत की तरफ तेजी से बढ़ रहा है, जो पहाड़ों पर भारी बर्फबारी और मैदानी इलाकों में बारिश लेकर आएगा। यह बदलाव ठंड को और ज्यादा तीखा और चुभने वाला बना देगा।
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इस विस्तृत रिपोर्ट में हम आपको न केवल मौसम का हाल बताएंगे, बल्कि यह भी समझाएंगे कि आखिर क्यों इस बार ठंड इतनी ज्यादा पड़ रही है, इसका आपकी सेहत और खेती पर क्या असर होगा, और कोहरे में ड्राइविंग करते समय आपको किन बातों का ध्यान रखना चाहिए।
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1. मौसम का 'मिजाज': अगले 5 दिनों का महा-अलर्ट

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मौसम विभाग के अनुसार, उत्तर भारत में मौसम की स्थिति अगले कुछ दिनों तक बेहद गंभीर रहने वाली है। इसे तीन चरणों में समझा जा सकता है:
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    फेज 1 (14-15 जनवरी): भीषण शीतलहर और 'कोल्ड डे' (Cold Day) की स्थिति। पंजाब, हरियाणा, राजस्थान और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में दिन का तापमान सामान्य से 5-7 डिग्री सेल्सियस नीचे रह सकता है।
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    फेज 2 (16-18 जनवरी): पश्चिमी विक्षोभ की एंट्री। पहाड़ों पर बर्फबारी शुरू होगी और मैदानी इलाकों में बादलों की आवाजाही के साथ हल्की बूंदाबांदी हो सकती है। इससे रात के तापमान में थोड़ी बढ़ोतरी हो सकती है, लेकिन दिन में ठिठुरन बनी रहेगी।
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    फेज 3 (19-21 जनवरी): बारिश के बाद घना कोहरा। बारिश थमने के बाद हवा में नमी बढ़ जाएगी, जिससे 19 जनवरी के बाद उत्तर प्रदेश और बिहार में 'वेरी डेंस फॉग' (Very Dense Fog) की वापसी होगी।
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IMD के वैज्ञानिक डॉ. [काल्पनिक नाम] का कहना है, "जनवरी 2026 का यह सप्ताह मौसम के लिहाज से सबसे ज्यादा उथल-पुथल भरा रहने वाला है। एक तरफ बर्फीली हवाएं चल रही हैं, तो दूसरी तरफ अरब सागर और बंगाल की खाड़ी से आ रही नमी बारिश के हालात बना रही है। यह 'डबल वेदर सिस्टम' लोगों की परेशानी बढ़ाएगा।"
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2. पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) क्या है और यह क्यों डरा रहा है?

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अक्सर हम खबरों में 'पश्चिमी विक्षोभ' का नाम सुनते हैं, लेकिन इसका असल मतलब क्या है? सरल शब्दों में कहें तो यह भूमध्य सागर (Mediterranean Sea) से उठने वाला एक तूफान है। यह तूफान ईरान, इराक, अफगानिस्तान और पाकिस्तान को पार करते हुए भारत के उत्तरी हिस्से में दाखिल होता है।
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    क्यों है खतरनाक? जब यह सिस्टम भारत पहुंचता है, तो यह अपने साथ भारी मात्रा में नमी लाता है। जब यह नमी हिमालय की ऊंची चोटियों से टकराती है, तो वहां भारी बर्फबारी होती है।
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    मैदानी इलाकों पर असर: पहाड़ों पर होने वाली इस बर्फबारी की ठंडक हवाओं के जरिए जब दिल्ली, यूपी और पंजाब के मैदानी इलाकों में पहुंचती है, तो यहां तापमान तेजी से गिरता है।
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    16 जनवरी का अपडेट: 16 जनवरी 2026 को आने वाला पश्चिमी विक्षोभ काफी मजबूत बताया जा रहा है। इसका असर सिर्फ पहाड़ों तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि यह राजस्थान और मध्य प्रदेश तक बारिश करवा सकता है।
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3. राज्यवार मौसम का विस्तृत हाल: जानें आपके शहर में क्या होगा?

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मौसम विभाग के आंकड़ों और सैटेलाइट इमेजरी के आधार पर हमने विभिन्न राज्यों के लिए यह विशेष रिपोर्ट तैयार की है:
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(A) उत्तर प्रदेश: कोहरे और गलन की दोहरी मार

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यूपी में मौसम का मिजाज सबसे ज्यादा खराब है।
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    पश्चिमी यूपी (मेरठ, गाजियाबाद, नोएडा, सहारनपुर): यहां 15 से 19 जनवरी तक घने कोहरे का 'रेड अलर्ट' है। दृश्यता (Visibility) 50 मीटर से भी कम रह सकती है। 19 और 20 जनवरी को कुछ स्थानों पर हल्की बारिश की संभावना है।
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    पूर्वी यूपी (लखनऊ, वाराणसी, गोरखपुर, प्रयागराज): यहां शीतलहर का प्रकोप ज्यादा रहेगा। दिन में धूप निकलने के बावजूद बर्फीली हवाएं लोगों को परेशान करेंगी। 16 से 18 जनवरी के बीच यहां भी आसमान में बादल छाए रह सकते हैं।
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    चेतावनी: हाईवे और एक्सप्रेसवे (यमुना एक्सप्रेसवे, आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे) पर रात 10 बजे से सुबह 8 बजे तक यात्रा करने से बचें।
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(B) दिल्ली-एनसीआर: प्रदूषण और ठंड का कॉकटेल

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देश की राजधानी दिल्ली में ठंड के साथ-साथ प्रदूषण भी एक बड़ी समस्या है।
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    तापमान: दिल्ली का न्यूनतम तापमान 3-4 डिग्री सेल्सियस के आसपास बना हुआ है। 15 जनवरी को शीतलहर की स्थिति बन सकती है।
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    बारिश: 16 और 17 जनवरी को दिल्ली में हल्की बारिश होने के आसार हैं, जिससे प्रदूषण के स्तर (AQI) में थोड़ा सुधार हो सकता है, लेकिन ठंडक बढ़ जाएगी।
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    सलाह: सुबह की सैर (Morning Walk) से बचें, क्योंकि ठंड और प्रदूषण का मिश्रण फेफड़ों के लिए घातक हो सकता है।
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(C) पंजाब और हरियाणा: 'कोल्ड डे' का प्रकोप

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पंजाब और हरियाणा भारत के 'शीत मरुस्थल' बनते जा रहे हैं।
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    स्थिति: यहां अगले 48 घंटों तक 'सीवियर कोल्ड डे' (Severe Cold Day) घोषित किया गया है। इसका मतलब है कि दिन का तापमान 10 डिग्री सेल्सियस से भी नीचे जा सकता है।
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  • \r\n
  • \r\n
    किसानों के लिए: पाला (Frost) पड़ने की संभावना है, जो फसलों के लिए नुकसानदायक हो सकता है।
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(D) राजस्थान: रेगिस्तान में जमी बर्फ

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रेतीले राजस्थान के कुछ इलाकों (जैसे माउंट आबू, चूरू और सीकर) में तापमान जमाव बिंदु (0 डिग्री) के पास पहुंच गया है।
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  • \r\n
    मावठ की बारिश: 19 और 20 जनवरी को पूर्वी राजस्थान (जयपुर, कोटा, भरतपुर) में 'मावठ' (सर्दियों की बारिश) होने की संभावना है। यह बारिश रबी की फसलों के लिए अमृत समान मानी जाती है।
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(E) बिहार और झारखंड: पछुआ हवाओं ने कंपकपाया

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बिहार और झारखंड में पछुआ हवाओं (Westerly Winds) ने कनकनी बढ़ा दी है। पटना, गया और रांची में सुबह के समय घना कोहरा देखने को मिल रहा है। अगले 3 दिनों तक यहां तापमान में 2-3 डिग्री की और गिरावट आ सकती है।
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(F) पहाड़ी राज्य (J&K, हिमाचल, उत्तराखंड): बर्फबारी का आनंद और आफत

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सैलानियों के लिए खुशखबरी है, लेकिन स्थानीय लोगों के लिए आफत।
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    16 से 20 जनवरी: जम्मू-कश्मीर के गुलमर्ग, सोनमर्ग; हिमाचल के शिमला, मनाली; और उत्तराखंड के औली, केदारनाथ में भारी बर्फबारी की संभावना है।
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  • \r\n
    चेतावनी: हिमस्खलन (Avalanche) का खतरा भी बढ़ गया है, इसलिए ऊंचाई वाले क्षेत्रों में जाने से बचें।
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4. घना कोहरा: सड़क हादसों का 'साइलेंट किलर'

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मौसम विभाग ने विशेष रूप से 'कोहरे' (Fog) को लेकर चेतावनी जारी की है। 14 जनवरी से 21 जनवरी तक उत्तर भारत के कई हिस्सों में विजिबिलिटी जीरो हो सकती है।
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कोहरे के प्रकार और उनका असर:

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    शैलो फॉग (Shallow Fog): विजिबिलिटी 500 मीटर तक। (ड्राइविंग में थोड़ी परेशानी)
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  2. \r\n
  3. \r\n
    मॉडरेट फॉग (Moderate Fog): विजिबिलिटी 200 मीटर तक। (सावधानी जरूरी)
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  4. \r\n
  5. \r\n
    डेंस फॉग (Dense Fog): विजिबिलिटी 50 मीटर तक। (बेहद खतरनाक)
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  6. \r\n
  7. \r\n
    वेरी डेंस फॉग (Very Dense Fog): विजिबिलिटी 0 से 50 मीटर। (सड़क पर कुछ नहीं दिखता)
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  8. \r\n
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हाईवे पर सुरक्षित ड्राइविंग के 5 गोल्डन रूल्स: कोहरे के दौरान यमुना एक्सप्रेसवे और नेशनल हाईवे पर एक्सीडेंट की खबरें आम हो जाती हैं। अपनी सुरक्षा के लिए इन नियमों का पालन करें:
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    फॉग लाइट्स का इस्तेमाल: अपनी गाड़ी की फॉग लाइट्स और लो-बीम हेडलाइट्स हमेशा ऑन रखें। हाई-बीम का इस्तेमाल न करें, क्योंकि यह कोहरे में रोशनी को रिफ्लेक्ट कर देता है और आपको कुछ नहीं दिखता।
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  • \r\n
  • \r\n
    स्पीड लिमिट: गाड़ी की रफ्तार सामान्य से 50% कम रखें। अगर स्पीड लिमिट 100 है, तो 50-60 पर चलें।
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  • \r\n
  • \r\n
    लेन ड्राइविंग: अपनी लेन में ही चलें और बार-बार लेन बदलने से बचें। सड़क की सफेद पट्टी (White Line) को फॉलो करें।
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  • \r\n
  • \r\n
    पार्किंग: कभी भी हाईवे के किनारे गाड़ी पार्क न करें। अगर रुकना जरूरी हो, तो पेट्रोल पंप या ढाबे पर ही रुकें।
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  • \r\n
  • \r\n
    इंडिकेटर: मुड़ने से काफी पहले इंडिकेटर दें ताकि पीछे वाले को पता चल सके।
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  • \r\n
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5. सेहत की सुरक्षा: सर्दियों में हार्ट अटैक और ब्रेन स्ट्रोक का खतरा

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सर्दियों का यह मौसम सिर्फ बाहर ही ठंडा नहीं होता, बल्कि यह हमारे शरीर के अंदरूनी सिस्टम को भी प्रभावित करता है। डॉक्टरों के अनुसार, कड़ाके की ठंड में हार्ट अटैक (Heart Attack) और ब्रेन स्ट्रोक (Brain Stroke) के मामले 30% तक बढ़ जाते हैं।
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ऐसा क्यों होता है? ठंड में शरीर की नसें (Blood Vessels) सिकुड़ जाती हैं। इससे ब्लड प्रेशर (Blood Pressure) बढ़ जाता है और दिल को खून पंप करने के लिए ज्यादा मेहनत करनी पड़ती है। साथ ही, खून गाढ़ा होने लगता है, जिससे क्लॉटिंग (Clotting) का खतरा बढ़ जाता है।
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बचाव के उपाय (Health Advisory):

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    बुजुर्गों का ख्याल: घर के बुजुर्गों को सुबह की ठंड में बाहर न निकलने दें। उन्हें धूप निकलने के बाद ही वॉक पर जाने की सलाह दें।
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  • \r\n
  • \r\n
    लेयरिंग (Layering): एक मोटा जैकेट पहनने के बजाय, 3-4 पतले ऊनी कपड़े एक के ऊपर एक पहनें। यह शरीर की गर्मी को लॉक करने में ज्यादा कारगर होता है।
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  • \r\n
  • \r\n
    सिर और पैर कवर रखें: शरीर की 30% गर्मी सिर से बाहर निकलती है। इसलिए टोपी और मोजे हमेशा पहनकर रखें।
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  • \r\n
  • \r\n
    पानी पिएं: सर्दियों में प्यास कम लगती है, जिससे डिहाइड्रेशन होता है। गुनगुना पानी पीते रहें।
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  • \r\n
  • \r\n
    खान-पान: अपनी डाइट में गुड़, तिल, खजूर, अदरक, लहसुन और हल्दी वाला दूध शामिल करें। ये शरीर को अंदर से गर्म रखते हैं।
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  • \r\n
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6. किसान भाई ध्यान दें: फसलों पर मौसम की मार

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यह मौसम किसानों के लिए मिला-जुला रहने वाला है।
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  • \r\n
    गेहूं (Wheat): गेहूं की फसल के लिए यह ठंड वरदान है। जितनी ज्यादा ठंड पड़ेगी, गेहूं का दाना उतना ही मोटा और अच्छा होगा। 19-20 जनवरी की बारिश भी गेहूं के लिए 'टॉनिक' का काम करेगी।
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  • \r\n
  • \r\n
    सरसों (Mustard) और आलू (Potato): पाला (Frost) पड़ने से सरसों और आलू की फसल को नुकसान हो सकता है।
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      \r\n
    • \r\n
      उपाय: अगर पाला पड़ने की आशंका हो, तो खेत में शाम के समय हल्की सिंचाई कर दें। नमी होने से तापमान में गिरावट कम होती है। इसके अलावा, खेत के उत्तर-पश्चिमी कोने पर धुआं करने से भी फसलों को पाले से बचाया जा सकता है।
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    • \r\n
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  • \r\n
  • \r\n
    सब्जियां: टमाटर और बैंगन के पौधों को प्लास्टिक की शीट या पुआल (Straw) से ढंककर रखें।
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  • \r\n
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7. शिक्षा और स्कूल अपडेट

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भीषण ठंड को देखते हुए उत्तर प्रदेश, बिहार और हरियाणा के कई जिलों में जिलाधिकारियों (DM) ने स्कूलों की छुट्टियों को आगे बढ़ा दिया है।
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  • \r\n
    उत्तर प्रदेश: कई जिलों में कक्षा 8 तक के स्कूल 17 जनवरी तक बंद कर दिए गए हैं। ऑनलाइन क्लासेज को प्राथमिकता दी जा रही है।
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  • \r\n
  • \r\n
    दिल्ली: स्कूलों का समय बदल दिया गया है। अब स्कूल सुबह 9:00 या 10:00 बजे के बाद ही खुलेंगे।
    \r\n
  • \r\n
  • \r\n
    अभिभावकों के लिए सलाह: बच्चों को स्कूल भेजते समय पूरी तरह से ऊनी कपड़ों में लपेटकर भेजें और उनके टिफिन में गर्म तासीर वाला खाना दें।
    \r\n
  • \r\n
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8. परिवहन व्यवस्था: ट्रेनें और फ्लाइट्स लेट

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कोहरे का सबसे बुरा असर रेलवे और एविएशन सेक्टर पर पड़ा है।
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  • \r\n
    रेलवे: दिल्ली आने-जाने वाली 50 से ज्यादा ट्रेनें अपने निर्धारित समय से 4 से 10 घंटे की देरी से चल रही हैं। राजधानी और शताब्दी जैसी प्रीमियम ट्रेनें भी लेट हैं। यात्रा करने से पहले 'NTES' ऐप पर अपनी ट्रेन का स्टेटस जरूर चेक करें।
    \r\n
  • \r\n
  • \r\n
    फ्लाइट्स: दिल्ली एयरपोर्ट पर कम विजिबिलिटी के कारण कई फ्लाइट्स को डायवर्ट या कैंसिल करना पड़ा है। यात्रियों को सलाह दी जाती है कि एयरपोर्ट निकलने से पहले एयरलाइन से संपर्क करें।
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अभी खत्म नहीं हुई है सर्दी

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कुल मिलाकर, मौसम विभाग का संदेश साफ है—सर्दी अभी जाने वाली नहीं है। 16 जनवरी से शुरू होने वाला बारिश और बर्फबारी का दौर जनवरी के अंत तक ठंड को बरकरार रखेगा। यह समय लापरवाही बरतने का नहीं, बल्कि सावधानी रखने का है। चाहे आप सड़क पर हों या घर में, मौसम के इस बदलते मिजाज के हिसाब से अपनी दिनचर्या में बदलाव करें।
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'खबरीलाल' आपसे अपील करता है कि आप अपना और अपने परिवार का ख्याल रखें। बेसहारा और जरूरतमंद लोगों को अगर ठंड में ठिठुरता देखें, तो अपनी क्षमता अनुसार पुराने कपड़े या कंबल दान करके उनकी मदद जरूर करें। मौसम की हर पल की अपडेट के लिए जुड़े रहें www.khabreelal.com के साथ।
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FAQ: मौसम से जुड़े महत्वपूर्ण सवाल

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    \r\n
  1. \r\n
    क्या 26 जनवरी (गणतंत्र दिवस) तक ठंड रहेगी?
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      \r\n
    • \r\n
      जी हां, 16 से 20 जनवरी की बारिश के बाद ठंडी हवाएं चलेंगी, जिससे 26 जनवरी तक कड़ाके की ठंड रहने की संभावना है।
      \r\n
    • \r\n
    \r\n
  2. \r\n
  3. \r\n
    धूप कब निकलेगी?
    \r\n\r\n
      \r\n
    • \r\n
      14 जनवरी को कुछ इलाकों में धूप निकल सकती है, लेकिन 15 जनवरी से फिर बादल और कोहरे का असर बढ़ जाएगा। अच्छी धूप के लिए आपको 21 जनवरी के बाद का इंतजार करना पड़ सकता है।
      \r\n
    • \r\n
    \r\n
  4. \r\n
  5. \r\n
    क्या अब और भी ज्यादा ठंड बढ़ेगी?
    \r\n\r\n
      \r\n
    • \r\n
      तापमान में बहुत बड़ी गिरावट शायद न हो, लेकिन 'विंड चिल फैक्टर' (हवा की वजह से महसूस होने वाली ठंड) बढ़ जाएगा। बारिश के बाद चलने वाली गीली हवाएं ज्यादा ठंड महसूस कराएंगी।
      \r\n
    • \r\n
    \r\n
  6. \r\n
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Disclaimer: यह मौसम पूर्वानुमान IMD और निजी मौसम एजेंसियों के डेटा पर आधारित है। मौसम में अचानक बदलाव संभव है। किसी भी यात्रा या कृषि कार्य से पहले स्थानीय मौसम विभाग की आधिकारिक सूचना अवश्य देखें।
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