लखनऊ: उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम (UPSRTC) ने अपने हजारों परिचालकों (कंडक्टरों) को बड़ी राहत दी है। निगम के प्रबंध निदेशक (MD) प्रभु नारायण सिंह ने एक आदेश जारी कर इलेक्ट्रॉनिक टिकट मशीन (ETIM) के डैमेज होने पर लगने वाले भारी जुर्माने की व्यवस्था को बदल दिया है। इस महत्वपूर्ण फैसले से यूपी रोडवेज कर्मचारियों को राहत मिली है और उनमें खुशी की लहर है।READ ALSO:-यूपी में 'विंटर एक्शन' शुरू: 2 से 5 डिग्री लुढ़का पारा, कानपुर बना शिमला (7.2°C); कोहरे और प्रदूषण ने बढ़ाई मुसीबत, फ्लाइट्स-ट्रेनें लेट
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निगम ने निर्णय लिया है कि ETIM मशीन के डैमेज होने की पहली घटना पर कंडक्टर से कोई वसूली नहीं की जाएगी। अभी तक इरादतन या गैर इरादतन (Intentional/Unintentional) डैमेज होने पर भी कर्मचारी से ही पूरा खर्च वसूला जाता था।
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₹25,000 तक के जुर्माने का था प्रावधान, अब मिली मुक्ति

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परिवहन निगम के प्रधान प्रबंधक (आईटी) यजुवेंद्र कुमार ने बताया कि ETIM मशीन के डैमेज होने की मरम्मत लागत ₹70 से लेकर ₹25,000 तक हो सकती है।
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    मामूली नुकसान: शीशे या कवर के डैमेज होने पर ₹70 से ₹200 तक की वसूली होती थी।
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    बड़ा नुकसान: यदि पूरी मशीन ही डैमेज हो जाती है, तो जीएसटी जोड़कर ₹25,000 तक की वसूली का प्रावधान था।
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अब नए आदेश के तहत, साल में एक बार मशीन डैमेज होने पर यह पूरा प्रतिस्थापन व्यय भार निगम खुद वहन करेगा। इससे यूपी रोडवेज कर्मचारियों को राहत मिली है और वे इस भारी जुर्माने के डर से मुक्त हो गए हैं।
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क्षेत्रीय फीडबैक के बाद मुख्यालय ने लिया फैसला

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यूपीएसआरटीसी के एमडी ने बताया कि यह निर्णय क्षेत्रीय अधिकारियों से प्राप्त फीडबैक के आधार पर लिया गया है। मुख्यालय स्तर पर विचार किया गया कि आकस्मिक परिस्थितियों में मशीन खराब हो सकती है, इसलिए पहली बार के नुकसान के लिए कर्मचारी को आर्थिक रूप से दंडित करना उचित नहीं है।
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यह आदेश क्षेत्रीय प्रबंधकों को जारी कर दिया गया है, जिसमें स्पष्ट किया गया है कि डैमेज होने की पहली स्थिति में वसूली नहीं की जाएगी और प्रतिस्थापन का खर्च निगम स्तर से उठाया जाएगा। यह फैसला कर्मचारियों के हित में एक बड़ा कदम माना जा रहा है। 
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इन स्थितियों में अब भी होगी वसूली

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प्रबंध निदेशक प्रभु नारायण सिंह ने यह भी स्पष्ट किया है कि यूपी रोडवेज कर्मचारियों को राहत देने वाला यह आदेश कुछ शर्तों के अधीन है। इन स्थितियों में अब भी दोषी परिचालक से वसूली की जाएगी:
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    दोबारा क्षति: यदि कोई कार्मिक एक वर्ष में दोबारा ETIM मशीनों को फिजिकली डैमेज या क्षति पहुंचाता है, तो दूसरी बार के प्रतिस्थापन व्ययों की वसूली उसी कार्मिक से की जाएगी।
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    मशीन खो जाने पर: अगर मशीन खो जाती है, तो प्रयोगकर्ता कार्मिक की लापरवाही स्वतः सिद्ध मानी जाएगी। मशीन खो जाने की स्थिति में जिम्मेदार परिचालक से क्षतिपूर्ति/वसूली की कार्रवाई की जाएगी।
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इस प्रकार, निगम ने कर्मचारियों को आकस्मिक नुकसान के लिए सुरक्षा कवच प्रदान किया है, लेकिन मशीनों के प्रति लापरवाही या जानबूझकर नुकसान पहुंचाने की स्थिति में अब भी जुर्माना लगेगा। 
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यूपी रोडवेज के MD द्वारा जारी यह आदेश हजारों परिचालकों के लिए एक बड़ी वित्तीय और मानसिक राहत है। ETIM मशीन डैमेज होने पर पहली बार के लिए ₹25,000 तक का जुर्माना माफ करने का यह फैसला, कर्मचारी कल्याण की दिशा में एक सकारात्मक कदम है, जो यूपी रोडवेज कर्मचारियों को राहत प्रदान करता है और उनके मनोबल को बढ़ाने का काम करेगा। यह आदेश कर्मचारियों को अपनी ड्यूटी अधिक आत्मविश्वास के साथ निभाने के लिए प्रोत्साहित करेगा।
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