देश में इस समय इलेक्शन कमीशन ऑफ इंडिया (ECI) द्वारा वोटर आईडी (Voter ID) के सत्यापन और अपडेट के लिए एक महत्वपूर्ण अभियान चलाया जा रहा है, जिसे स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) कहा जाता है। लेकिन, इस जरूरी अभियान का फायदा उठाते हुए साइबर ठगों ने एक नई और खतरनाक चाल चली है। SIR फ़ॉर्म स्कैम (SIR Form Scam) के नाम पर, ठगी करने वाले लोगों को निशाना बना रहे हैं और उनके बैंक अकाउंट खाली करने की कोशिश कर रहे हैं।READ ALSO:-डेडलाइन अलर्ट: 30 नवंबर से पहले निपटा लें ये 3 जरूरी काम! PNB खाताधारकों और पेंशनर्स के लिए आखिरी मौका, चूकने पर अटक जाएगा पैसा
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हाल ही में, मध्य प्रदेश सरकार के गृह विभाग ने भी अपने X अकाउंट से एक एडवाइजरी जारी करके लोगों को इस स्कैम से सावधान रहने की सलाह दी है। यह नया साइबर अपराध लोगों को चारों-खाने चित कर सकता है, इसलिए सतर्क रहना बेहद जरूरी है।
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क्या है SIR, और स्कैम कैसे चल रहा है?
\r\n\r\nSIR (Special Intensive Revision) इलेक्शन कमीशन ऑफ इंडिया (ECI) का एक घर-घर जाकर चलाया जाने वाला अभियान है। ECI का मकसद एक ऐसी मतदाता सूची तैयार करना है जो पूरी तरह से सही हो, जिसमें हर पात्र वोटर का नाम सही हो और कोई डुप्लीकेट या अयोग्य नाम न हो।
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\r\n\r\nसाइबर फ्रॉड करने वाले इसी अभियान की आड़ में लोगों को अपना शिकार बना रहे हैं:
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- \r\n पहचान की चोरी: ठग खुद को चुनाव अधिकारी या BLO (बूथ लेवल ऑफिसर) बताकर लोगों को कॉल करते हैं।\r\n \r\n
- \r\n दबाव बनाना: वे डराते हैं कि "आपका नाम वोटर लिस्ट से हट सकता है, यह फ़ॉर्म तुरंत भरें या अपडेट करें।"\r\n \r\n
- \r\n नक़ली लिंक/APK: वे SIR के नाम से लोगों को नक़ली लिंक और APK (Android Package Kit) फाइलें भेजते हैं, जिन्हें डाउनलोड करते ही फोन का डेटा चुराया जा सकता है।\r\n \r\n
- \r\n ओटीपी की मांग: बैंक अकाउंट खाली करने या फोन में मौजूद डेटा चुराने के लिए वे OTP (वन टाइम पासवर्ड) मांगते हैं।\r\n \r\n
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ठगी करने वालों की 'शातिर' चाल और मांगी जाने वाली जानकारी
\r\n\r\nइस SIR फ़ॉर्म स्कैम (FK) का मुख्य उद्देश्य पीड़ित के बैंकिंग डेटा और निजी संवेदनशील जानकारी को चुराना है। स्कैमर वोटर लिस्ट अपडेट करने के नाम पर निम्नलिखित डिटेल्स मांगते हैं:
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- \r\n पूरा नाम, पता और आधार डिटेल्स\r\n \r\n
- \r\n बैंक अकाउंट और क्रेडिट कार्ड डिटेल्स\r\n \r\n
- \r\n मोबाइल नंबर पर आया ओटीपी (OTP)\r\n \r\n
- \r\n अन्य वित्तीय जानकारी\r\n \r\n
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याद रखें, कोई भी सरकारी अधिकारी या BLO कभी भी आपसे ओटीपी या बैंक डिटेल्स नहीं मांगता है।
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SIR फ़ॉर्म स्कैम से बचने के 4 आसान उपाय
\r\n\r\nसाइबर ठगों की इस चाल से बचने के लिए नागरिकों को इन बातों का सख्ती से पालन करना चाहिए:
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- \r\n ओटीपी किसी भी हाल में शेयर न करें: यह नियम हर ऑनलाइन गतिविधि पर लागू होता है। ओटीपी शेयर करने का मतलब है अपने अकाउंट की चाबी ठगों को सौंप देना।\r\n \r\n
- \r\n अनजान लिंक पर क्लिक न करें: अगर आपको मैसेज में किसी भी लिंक पर क्लिक करने या किसी लिंक के जरिए कोई फ़ाइल डाउनलोड करने के लिए कहा जा रहा है, तो तुरंत अलर्ट हो जाएं। आधिकारिक जानकारी के लिए हमेशा ECI की आधिकारिक वेबसाइट का उपयोग करें। (External link: Official ECI Website URL)\r\n \r\n
- \r\n सरकारी वेबसाइट से जानकारी लें: अगर आपको अपने वोटर आईडी वेरिफिकेशन को लेकर कोई संदेह है, तो सीधे अपने बूथ लेवल ऑफिसर (BLO) से मिलें या ECI के हेल्पलाइन नंबर पर कॉल करें, लेकिन किसी भी अनजान व्यक्ति के कहने पर लिंक या एपीके फाइल डाउनलोड न करें।\r\n \r\n
- \r\n संदिग्ध कॉल की रिपोर्ट करें: अगर कोई खुद को चुनाव अधिकारी बताकर संदिग्ध जानकारी मांगे, तो उसे तुरंत काट दें और पुलिस को सूचित करें।\r\n \r\n
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इस तरह के SIR फ़ॉर्म स्कैम (FK) से बचने का एकमात्र तरीका अत्यधिक जागरूकता और सतर्कता है।
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चुनाव आयोग के SIR अभियान का फायदा उठाकर साइबर ठग नक़ली लिंक और ओटीपी मांगकर SIR फ़ॉर्म स्कैम (FK) चला रहे हैं। मध्य प्रदेश सरकार ने भी इस संबंध में चेतावनी जारी की है। नागरिकों को सलाह है कि वे किसी भी अनजान व्यक्ति के साथ अपनी संवेदनशील जानकारी या ओटीपी शेयर न करें, और किसी भी संदिग्ध लिंक को खोलने से बचें। स्कैम होने पर तुरंत नेशनल हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत दर्ज कराएं।
Sabse pehle comment karne wale banein.