UP Expressway Speed Limit: उत्तर प्रदेश में कड़ाके की ठंड और घने कोहरे ने दस्तक दे दी है, जिसके कारण सड़कों पर विजिबिलिटी (दृश्यता) काफी कम हो गई है। यात्रियों की सुरक्षा को सर्वोपरि रखते हुए उत्तर प्रदेश एक्सप्रेसवेज औद्योगिक विकास प्राधिकरण (UPEIDA) ने प्रदेश के सभी प्रमुख एक्सप्रेसवे पर वाहनों की रफ्तार को नियंत्रित करने का बड़ा फैसला लिया है। नई गाइडलाइन के अनुसार, 19 दिसंबर 2025 से 15 फरवरी 2026 तक आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे, पूर्वांचल एक्सप्रेसवे, बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे और गोरखपुर लिंक एक्सप्रेसवे पर नई स्पीड लिमिट प्रभावी रहेगी।READ ALSO:-सावधान! उत्तर भारत पर ठंड और कोहरे का 'डबल अटैक': यूपी-हरियाणा में शून्य विजिबिलिटी का खतरा, पहाड़ों पर बर्फबारी और मैदानों में बारिश का अलर्ट
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क्यों बदला गया रफ्तार का नियम? सर्दियों के मौसम में यूपी के एक्सप्रेसवे पर अक्सर भीषण सड़क हादसे देखने को मिलते हैं। हाल ही में कोहरे के कारण हुए कई मल्टी-व्हीकल कोलिजन (एक के बाद एक गाड़ियों का टकराना) के बाद प्रशासन ने यह सख्त कदम उठाया है। UP Expressway Speed Limit में यह बदलाव विशेष रूप से उस 'अदृश्य दुश्मन' यानी धुंध से लड़ने के लिए किया गया है, जो 120 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाली गाड़ियों को संभलने का मौका नहीं देती।
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नई स्पीड लिमिट: दिन और रात के लिए अलग-अलग मानक UPEIDA ने वाहनों को विभिन्न श्रेणियों में विभाजित किया है और उनके लिए दिन (सुबह 8 बजे से रात 8 बजे) और रात (रात 8 बजे से सुबह 8 बजे) के लिए अलग-अलग गति सीमा निर्धारित की है।
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1. निजी कारें और छोटे वाहन (M-1 कैटेगरी) जो कारें पहले एक्सप्रेसवे पर 120 किमी/घंटा की रफ्तार से दौड़ती थीं, उनकी गति पर अब भारी कटौती की गई है:
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- \r\n दिन के समय: अधिकतम 80 किमी/घंटा।\r\n \r\n
- \r\n रात के समय: अधिकतम 60 किमी/घंटा।\r\n \r\n
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2. बसें और बड़े पैसेंजर वाहन (M-2 और M-3 कैटेगरी) जिन गाड़ियों में चालक के अलावा 9 या उससे अधिक सवारियां बैठ सकती हैं, उनके लिए नियम इस प्रकार हैं:
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- \r\n दिन के समय: अधिकतम 60 किमी/घंटा।\r\n \r\n
- \r\n रात के समय: अधिकतम 50 किमी/घंटा।\r\n \r\n
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3. मालवाहक और भारी वाहन (N कैटेगरी) ट्रक, ट्रेलर और अन्य हेवी कमर्शियल वाहनों के लिए सुरक्षा कारणों से सबसे कम गति सीमा तय की गई है:
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- \r\n दिन के समय: अधिकतम 50 किमी/घंटा।\r\n \r\n
- \r\n रात के समय: अधिकतम 40 किमी/घंटा।\r\n \r\n
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घने कोहरे में लागू होगा 'काफिला' (Convoy) सिस्टम यूपीडा ने केवल स्पीड लिमिट ही नहीं घटाई है, बल्कि अत्यधिक कोहरे की स्थिति के लिए एक विशेष 'स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर' (SOP) भी तैयार किया है। यदि एक्सप्रेसवे पर विजिबिलिटी 50 मीटर से कम हो जाती है, तो सुरक्षा टीमें सक्रिय हो जाएंगी।
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- \r\n वाहनों को रोकना: विजिबिलिटी कम होने पर गाड़ियों को नजदीकी टोल प्लाजा, पेट्रोल पंप या वे-साइड अमेनिटी (WSA) पर अस्थायी रूप से रोक दिया जाएगा।\r\n \r\n
- \r\n कॉन्वॉय मूवमेंट: सुरक्षा अधिकारियों की निगरानी में वाहनों को एक समूह या 'काफिले' (Convoy) के रूप में आगे भेजा जाएगा। इससे यह सुनिश्चित होगा कि कोई भी वाहन अकेला और अनियंत्रित गति में न चले।\r\n \r\n
- \r\n अस्थायी प्रतिबंध: यदि स्थिति बहुत अधिक गंभीर होती है, तो सुरक्षा टीम को अस्थायी रूप से ट्रैफिक रोकने का भी अधिकार दिया गया है।\r\n \r\n
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नियम तोड़ा तो हाई-टेक कैमरों से कटेगा चालान नई UP Expressway Speed Limit का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने के लिए एडवांस ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम (ATMS) को अपडेट कर दिया गया है। एक्सप्रेसवे पर लगे हाई-टेक सेंसर और ऑटोमैटिक नंबर प्लेट रिकग्निशन (ANPR) कैमरे अब नई निर्धारित गति सीमा के आधार पर ओवर-स्पीडिंग पकड़ेंगे। यदि कोई वाहन तय सीमा से अधिक तेज पाया जाता है, तो उसका ऑनलाइन ई-चालान सीधे रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर भेज दिया जाएगा।
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अतिरिक्त सुरक्षा उपाय और अपील यूपीडा के अपर मुख्य कार्यकारी अधिकारी श्रीहरि प्रताप शाही ने बताया कि सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए टोल प्लाजा पर कोहरे से बचाव के पर्चे बांटे जा रहे हैं। इसके साथ ही:
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- \r\n रिफ्लेक्टर्स और ब्लिंकर्स: एक्सप्रेसवे के घुमावों और नदी-नालों के पास अतिरिक्त रिफ्लेक्टिव टेप और ब्लिंकर्स लगाए गए हैं।\r\n \r\n
- \r\n फॉलोइंग डिस्टेंस: वाहन चालकों से अपील की गई है कि वे आगे चल रहे वाहन से कम से कम 100-200 मीटर की दूरी बनाकर चलें।\r\n \r\n
- \r\n नो पार्किंग: एक्सप्रेसवे के किनारे कहीं भी वाहन खड़ा करना सख्त मना है, क्योंकि कोहरे में खड़े वाहन अक्सर बड़े हादसों का कारण बनते हैं।\r\n \r\n
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उत्तर प्रदेश सरकार और यूपीडा की इस पहल का उद्देश्य सर्दियों के इन दो महीनों में सड़क दुर्घटनाओं के कारण होने वाली मौतों के आंकड़ों को कम करना है। UP Expressway Speed Limit में की गई यह कटौती यात्रियों के लिए थोड़ी असुविधाजनक हो सकती है, लेकिन 'देर से पहुँचना, न पहुँचने से बेहतर है'। यात्रियों को सलाह दी जाती है कि वे कोहरे के मौसम में अपनी यात्रा का अतिरिक्त समय लेकर चलें और निर्धारित गति सीमा का पूरी तरह पालन करें।
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उत्तर प्रदेश में 19 दिसंबर से 15 फरवरी 2026 तक सभी एक्सप्रेसवे पर नई स्पीड लिमिट लागू कर दी गई है। कोहरे के कारण कारों की गति दिन में 80 और रात में 60 किमी/घंटा तक सीमित की गई है। अत्यधिक कोहरे में वाहनों को 'कॉन्वॉय' बनाकर चलाया जाएगा और नियमों के उल्लंघन पर ऑटोमैटिक चालान कटेगा।
Sabse pehle comment karne wale banein.