अमेरिकी केंद्रीय बैंक, फेडरल रिजर्व (US Fed) ने अपनी नवीनतम मॉनेटरी पॉलिसी कमेटी (FOMC) की बैठक के बाद एक बार फिर ब्याज दरों को स्थिर रखने का निर्णय लिया है। आज (बुधवार, 29 अक्टूबर 2025) को हुई बैठक में US Fed ने बेंचमार्क रेपो रेट को 5.25% से 5.50% की मौजूदा सीमा में बनाए रखा है। यह लगातार तीसरी बार है जब Fed ने दरों को अपरिवर्तित रखा है। यह फैसला Dow Jones और Nasdaq जैसे वैश्विक बाज़ारों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है।READ ALSO:-SBI में Zonal Head जैसे बड़े पदों पर भर्ती! 103 अधिकारियों के लिए ₹1.35 करोड़ तक का पैकेज, एज लिमिट 50 साल
\r\n\r\n\r\nमहंगाई बनाम मंदी की चिंता
\r\nUS Fed पिछले एक साल से मुद्रास्फीति (Inflation) को नियंत्रित करने के लिए ब्याज दरें बढ़ा रहा था। लेकिन अब वह दोहरी चुनौतियों का सामना कर रहा है:
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- महंगाई: मुद्रास्फीति अपने लक्ष्य (2%) के करीब आ रही है, लेकिन अभी भी पूरी तरह नियंत्रण में नहीं है। \r\n
- आर्थिक मंदी: उच्च ब्याज दरों के कारण अमेरिकी अर्थव्यवस्था में मंदी (Recession) की आशंका बढ़ गई है। \r\n
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Fed Rate Cut पर नहीं लिया गया कोई फैसला
\r\nFOMC मीटिंग के बाद जारी किए गए बयान में मुख्य रूप से यह कहा गया है:
\r\n\r\n\r\nFOMC मीटिंग के बाद जारी किए गए बयान में मुख्य रूप से यह कहा गया है:
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- स्थिरता: Fed ने माना है कि श्रम बाजार (Labour Market) में मजबूती बनी हुई है, लेकिन मुद्रास्फीति में कमी लाने के लिए अभी और समय चाहिए। इसलिए, ब्याज दरों में कटौती (Fed Rate Cut) करने का फैसला नहीं लिया गया है। \r\n
- पॉवेल का बयान: Fed के चेयरमैन जेरोम पॉवेल (Jerome Powell) ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि भविष्य में ब्याज दरों में बढ़ोतरी की संभावना कम है, लेकिन अगर आर्थिक डेटा की आवश्यकता हुई तो दरें बढ़ाने से भी संकोच नहीं किया जाएगा। पॉवेल ने ब्याज दरों को लंबे समय तक उच्च स्तर पर रखने (Higher for Longer) का संकेत दिया। \r\n
- अगली बैठक: निवेशकों की निगाहें अब दिसंबर में होने वाली अगली FOMC मीटिंग पर टिकी हैं, जब US Fed 2026 के लिए अपने आर्थिक अनुमान (Economic Projections) भी जारी करेगा। \r\n
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Dow Jones और Nasdaq पर सीधा असर
\r\nUS Fed के इस फैसले का शेयर बाजार और फॉरेक्स मार्केट पर सीधा असर पड़ेगा:
\r\n\r\n\r\nUS Fed के इस फैसले का शेयर बाजार और फॉरेक्स मार्केट पर सीधा असर पड़ेगा:
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- Dow Jones और Nasdaq: ब्याज दरों में कटौती न होने और 'Higher for Longer' के संकेत से बाजार में अस्थिरता (Volatility) बनी रहेगी। टेक्नोलॉजी स्टॉक्स (जो Nasdaq में शामिल हैं) पर दबाव जारी रह सकता है, क्योंकि उच्च ब्याज दरों पर कंपनियों के लिए कर्ज लेना और विकास करना महंगा होता है। Dow Jones Futures भी मामूली गिरावट के साथ खुले। \r\n
- रुपये और डॉलर (Forex): उच्च US Fed दरें डॉलर को मजबूत बनाए रखेंगी। इससे रुपये पर दबाव बढ़ सकता है, जिससे भारत का आयात (Import) महंगा होगा। \r\n
- Gold Rate: गोल्ड (Gold) पर अल्पकालिक (Short-term) दबाव रहेगा, क्योंकि उच्च दरें गोल्ड को गैर-लाभकारी (Non-Yielding) संपत्ति बना देती हैं। \r\n
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आगामी योजना
\r\nUS Fed का यह निर्णय वैश्विक अर्थव्यवस्था को 'सॉफ्ट लैंडिंग' (Soft Landing) कराने की जटिल कोशिश को दर्शाता है। पॉवेल ने स्पष्ट किया कि दरों में कटौती का फैसला तभी लिया जाएगा जब मुद्रास्फीति पूरी तरह से लक्ष्य के भीतर आ जाएगी और मंदी का खतरा टल जाएगा।
\r\nUS Fed का यह निर्णय वैश्विक अर्थव्यवस्था को 'सॉफ्ट लैंडिंग' (Soft Landing) कराने की जटिल कोशिश को दर्शाता है। पॉवेल ने स्पष्ट किया कि दरों में कटौती का फैसला तभी लिया जाएगा जब मुद्रास्फीति पूरी तरह से लक्ष्य के भीतर आ जाएगी और मंदी का खतरा टल जाएगा।
Sabse pehle comment karne wale banein.