खबरीलाल एजुकेशन एवं सक्सेस डेस्क | 2 अप्रैल 2026
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बिजनौर: "कौन कहता है कि आसमान में सुराख नहीं हो सकता, एक पत्थर तो तबीयत से उछालो यारों।" दुष्यंत कुमार की ये पंक्तियां उत्तर प्रदेश के बिजनौर (Bijnor) जिले के उन 9 होनहार बेटे-बेटियों पर बिल्कुल सटीक बैठती हैं, जिन्होंने अपनी दिन-रात की कड़ी मेहनत, अटूट लगन और धैर्य के दम पर उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (UPPSC) की राज्य प्रवर अधीनस्थ सेवा (PCS) परीक्षा में शानदार सफलता हासिल की है।READ ALSO:-खाकी पर दाग: गांव की रंजिश निकालने के लिए सिपाही ने रची 'गौकशी' की झूठी साजिश, डायल 112 को किया गुमराह; एसपी बिजनौर ने किया सस्पेंड
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अक्सर माना जाता है कि बड़े प्रशासनिक पदों पर जाने के लिए दिल्ली, प्रयागराज या लखनऊ जैसे बड़े शहरों में रहकर महंगी कोचिंग करना जरूरी है। लेकिन बिजनौर के धामपुर, शेरकोट, मंडावर, नजीबाबाद और नूरपुर जैसे छोटे कस्बों और गांवों से निकले इन होनहारों ने इस मिथक को पूरी तरह तोड़ दिया है। जब से यूपीपीएससी के फाइनल रिजल्ट घोषित हुए हैं, पूरे बिजनौर जिले में दीपावली जैसा जश्न का माहौल है। सफल अभ्यर्थियों के घरों पर ढोल-नगाड़े बज रहे हैं, मिठाइयां बांटी जा रही हैं और बधाई देने वालों का तांता लगा हुआ है।
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आइए, 'खबरीलाल' की इस विस्तृत रिपोर्ट में बिजनौर के इन सभी 9 नगीनों (Bijnor's 9 Gems) की सफलता, उनके संघर्ष और उनके पदों के बारे में विस्तार से जानते हैं।
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बिजनौर का 'हॉल ऑफ फेम' (Wall of Fame): एक नजर में हमारे होनहार

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क्रम सं.
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चयनित उम्मीदवार का नाम
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प्राप्त रैंक (Rank)
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चयनित पद (Post)
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निवासी / क्षेत्र
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1
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अभय प्रताप सिंह
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रैंक 3
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उप जिलाधिकारी (SDM)
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धामपुर
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2
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परमिंदर कुमार तोमर
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रैंक 43
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टैक्स ऑफिसर (Tax Officer)
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पीपलसाना
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3
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अंकित कुमार
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रैंक 54
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खंड विकास अधिकारी (BDO)
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नजीबाबाद
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4
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रीता यादव
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रैंक 104
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वाणिज्य कर अधिकारी (CTO)
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नूरपुर
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5
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उदित कुमार
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रैंक 105
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नायब तहसीलदार
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ठाठ जट
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6
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फरजान अली
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रैंक 109
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(प्रशासनिक पद)
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शेरकोट
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7
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उज्जवल शर्मा
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रैंक 133
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सहायक कमिश्नर (Asst. Commissioner)
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मंडावर
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8
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अमन कुमार राणा
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-
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नायब तहसीलदार
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रेहड़
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9
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विक्रांत चौधरी
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-
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डिप्टी कमिश्नर (Deputy Commissioner)
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बिजनौर
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(नोट: यह सूची जिले के विभिन्न हिस्सों से चयनित उम्मीदवारों के आंकड़ों पर आधारित है।)
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1. धामपुर के लाल का कमाल: अभय प्रताप सिंह बने SDM (रैंक 3)

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बिजनौर के लिए सबसे बड़ी और गौरवशाली खबर धामपुर (Dhampur) से आई। धामपुर निवासी अभय प्रताप सिंह ने पूरे उत्तर प्रदेश में अपनी मेधा का डंका बजाते हुए रैंक 3 हासिल की है। उन्हें प्रशासन का सबसे महत्वपूर्ण और ताकतवर पद उप जिलाधिकारी (SDM - Sub Divisional Magistrate) मिला है।
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अभय की इस शानदार सफलता ने न केवल उनके माता-पिता का सिर फख्र से ऊंचा किया है, बल्कि पूरे धामपुर इलाके को जश्न मनाने का मौका दे दिया है। अभय ने साबित कर दिया है कि सही दिशा में की गई मेहनत और स्मार्ट स्टडी से टॉप 3 में जगह बनाई जा सकती है। उनकी इस सफलता के पीछे उनके गुरुजनों का मार्गदर्शन और परिवार का अटूट विश्वास रहा है। एसडीएम बनने के बाद अब अभय प्रताप सिंह सीधे तौर पर जनता की सेवा, कानून-व्यवस्था के रखरखाव और सरकारी योजनाओं को जमीनी स्तर पर लागू करने की अहम जिम्मेदारी संभालेंगे।
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2. पीपलसाना से परमिंदर कुमार तोमर: टैक्स ऑफिसर (रैंक 43)

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पीपलसाना (Pipalsana) निवासी परमिंदर कुमार तोमर ने परीक्षा में शानदार 43वीं रैंक प्राप्त कर टैक्स ऑफिसर (Tax Officer) का महत्वपूर्ण पद हासिल किया है। परमिंदर की यह सफलता ग्रामीण पृष्ठभूमि से आने वाले उन तमाम युवाओं के लिए एक मिसाल है, जो संसाधनों की कमी का रोना रोते हैं। परमिंदर ने अपनी सफलता का श्रेय अपनी अनुशासित दिनचर्या, सेल्फ स्टडी और माता-पिता के आशीर्वाद को दिया है।
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3. नजीबाबाद के अंकित कुमार बने BDO (रैंक 54)

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बिजनौर के प्रमुख शहर नजीबाबाद (Najibabad) के निवासी अंकित कुमार ने रैंक 54 हासिल कर खंड विकास अधिकारी (BDO - Block Development Officer) का पद प्राप्त किया है। बीडीओ का पद ग्रामीण विकास (Rural Development) की धुरी होता है। अंकित का कहना है कि उनका हमेशा से सपना था कि वे ग्रामीण इलाकों के विकास और पंचायती राज व्यवस्था को मजबूत करने के लिए काम करें। अब इस पद के जरिए उन्हें अपने इस सपने को पूरा करने का मौका मिलेगा। नजीबाबाद में उनके घर पर बधाई देने वालों की भारी भीड़ जमा है।
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4. नूरपुर की बेटी रीता यादव की उड़ान: वाणिज्य कर अधिकारी (रैंक 104)

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बेटियां आज किसी भी क्षेत्र में लड़कों से पीछे नहीं हैं। इस बात को सच साबित कर दिखाया है नूरपुर (Nurpur) की होनहार बेटी रीता यादव ने। रीता ने 104वीं रैंक हासिल कर वाणिज्य कर अधिकारी (Commercial Tax Officer - CTO) का पद प्राप्त किया है।
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रीता की सफलता पूरे बिजनौर जिले की महिलाओं और लड़कियों के लिए एक सशक्त संदेश है। उन्होंने समाज की तमाम रूढ़ियों को तोड़ते हुए शिक्षा को अपना हथियार बनाया और आज वह प्रदेश के राजस्व विभाग में एक अहम जिम्मेदारी निभाने जा रही हैं। 'खबरीलाल' जिले की इस होनहार बेटी को विशेष रूप से सलाम करता है।
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5. नायब तहसीलदार बने उदित कुमार और अमन कुमार राणा

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राजस्व विभाग (Revenue Department) प्रशासन की रीढ़ होता है। इस बार बिजनौर से दो होनहार युवाओं ने नायब तहसीलदार के पद पर कब्जा जमाया है।
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    ठाठ जट (Thath Jat) के निवासी उदित कुमार ने 105वीं रैंक हासिल कर यह मुकाम पाया है।
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    वहीं, रेहड़ (Rehar) के रहने वाले अमन कुमार राणा ने भी अपने शानदार प्रदर्शन के दम पर नायब तहसीलदार का पद सुनिश्चित किया है। ये दोनों युवा अब जमीन विवादों के निपटारे, राजस्व वसूली और तहसील प्रशासन को सुचारू रूप से चलाने में अपना महत्वपूर्ण योगदान देंगे।
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6. शेरकोट से फरजान अली का परचम (रैंक 109)

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बिजनौर के शेरकोट (Sherkot) इलाके से ताल्लुक रखने वाले फरजान अली ने अपनी कड़ी मेहनत से 109वीं रैंक हासिल की है। उनकी इस शानदार सफलता से उनके परिवार और पूरे शेरकोट कस्बे में खुशी का माहौल है। फरजान की यह सफलता अल्पसंख्यक समुदाय के युवाओं के लिए भी एक बड़ी प्रेरणा है कि शिक्षा और प्रतियोगी परीक्षाओं के माध्यम से समाज में एक ऊंचा और सम्मानित मुकाम हासिल किया जा सकता है।
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7. मंडावर और बिजनौर शहर का भी बजा डंका: उज्जवल और विक्रांत

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    मंडावर (Mandawar) निवासी उज्जवल शर्मा ने भी शानदार प्रदर्शन करते हुए रैंक 133 हासिल की और सहायक कमिश्नर (Assistant Commissioner) के प्रतिष्ठित पद पर चयनित हुए हैं।
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    वहीं, बिजनौर शहर के निवासी विक्रांत चौधरी ने भी पीसीएस परीक्षा में अपनी सफलता का झंडा गाड़ते हुए डिप्टी कमिश्नर (Deputy Commissioner) के अहम पद पर अपना चयन सुनिश्चित किया है। इन दोनों युवाओं की सफलता ने बिजनौर के शहरी और कस्बाई दोनों क्षेत्रों की शैक्षणिक क्षमता को प्रमाणित किया है।
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सफलता का मंत्र: युवाओं के लिए क्या है मार्गदर्शन?

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बिजनौर के इन 9 रत्नों की सफलता कोई रातों-रात हुआ चमत्कार नहीं है। यूपीपीएससी (UPPSC) जैसी कठिन परीक्षा, जिसमें लाखों अभ्यर्थी बैठते हैं, उसे पास करने के लिए सालों की तपस्या लगती है।
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इन सभी सफल उम्मीदवारों का एक ही साझा संदेश है— "धैर्य, निरंतरता और सही रणनीति (Patience, Consistency, and Right Strategy)"।
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आगामी प्रतियोगियों के लिए मार्गदर्शन (Guidance for Aspirants):

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    सेल्फ स्टडी पर भरोसा (Self Study): कोचिंग एक मार्गदर्शक हो सकती है, लेकिन असली सफलता सेल्फ स्टडी से ही मिलती है। किताबों को गहराई से पढ़ें और कॉन्सेप्ट क्लियर करें।
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  2. \r\n
  3. \r\n
    करंट अफेयर्स (Current Affairs): सिविल सेवा परीक्षाओं में समसामयिक घटनाओं की अहम भूमिका होती है। रोज अखबार पढ़ने और नोट्स बनाने की आदत डालें।
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    उत्तर लेखन का अभ्यास (Answer Writing): मुख्य परीक्षा (Mains Exam) सिर्फ ज्ञान का नहीं, बल्कि प्रस्तुतीकरण (Presentation) का टेस्ट है। नियमित रूप से उत्तर लिखने का अभ्यास करें।
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  6. \r\n
  7. \r\n
    धैर्य न खोएं: सिविल सेवा की यात्रा लंबी हो सकती है। असफलता मिलने पर निराश न हों, बल्कि अपनी कमियों का विश्लेषण करें और अगली बार दोगुनी ताकत से वापसी करें।
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    सोशल मीडिया से दूरी: तैयारी के दौरान डिजिटल डिस्ट्रैक्शन (Digital Distraction) से बचना बहुत जरूरी है। मोबाइल और सोशल मीडिया का इस्तेमाल सिर्फ पढ़ाई के लिए करें।
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  10. \r\n
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बिजनौरवासियों की ओर से शुभकामनाएं और गर्व का क्षण

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आज पूरा बिजनौर जिला अपने इन 9 होनहारों पर गर्व कर रहा है। सोशल मीडिया से लेकर चौराहों की नुक्कड़ बैठकों तक, हर जगह सिर्फ अभय, रीता, अंकित और उदित जैसे युवाओं की सफलता के चर्चे हैं।
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स्थानीय जनप्रतिनिधियों, सामाजिक संगठनों और आम नागरिकों ने इन सभी सफल उम्मीदवारों और उनके माता-पिता को इस ऐतिहासिक उपलब्धि पर हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं दी हैं। बिजनौरवासियों को पूरी उम्मीद है कि ये युवा अधिकारी अपनी ईमानदारी, सत्यनिष्ठा और कार्यकुशलता से प्रदेश के विकास में अपना शत-प्रतिशत योगदान देंगे और जहां भी इनकी तैनाती होगी, वहां ये बिजनौर का नाम और रोशन करेंगे।
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'खबरीलाल' परिवार की ओर से भी इन सभी 9 नवनियुक्त अधिकारियों को उनके उज्ज्वल भविष्य और सफल प्रशासनिक करियर के लिए ढेरों शुभकामनाएं! हमें उम्मीद है कि जिले के अन्य युवा छात्र-छात्राएं भी इन अधिकारियों से प्रेरणा और मार्गदर्शन (Motivation & Guidance) लेंगे, और आने वाले वर्षों में बिजनौर से ऐसे और भी कई प्रशासनिक अधिकारी निकलकर देश और प्रदेश की सेवा करेंगे।
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बिजनौर जिले की शिक्षा, सफलता, रोजगार और हर उस खबर के लिए जो सीधे आपसे जुड़ी है, लगातार पढ़ते रहें आपका अपना विश्वसनीय न्यूज़ पोर्टल— 'खबरीलाल' (Khabreelal)।
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