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लखनऊ (खबरीलाल विशेष रिपोर्ट): उत्तर प्रदेश के आसमान से इन दिनों पानी नहीं, बल्कि आफत बरस रही है। प्रदेश भर में सक्रिय हुए पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) ने अप्रैल के महीने में ही मौसम का मिजाज पूरी तरह से बिगाड़ कर रख दिया है। पिछले 72 घंटों के दौरान पूरे उत्तर प्रदेश में बेमौसम मूसलाधार बारिश, 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाली तेज धूल भरी आंधी, और जानलेवा आकाशीय बिजली ने भारी तबाही मचाई है।READ ALSO:-मेरठ में 'खूनी इश्क' का खौफनाक खेल: प्रेमी के लिए कातिल बनी सगी बहन, शराब में मिलाया जहर; भाई समेत 3 की दर्दनाक मौत
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इस प्राकृतिक आपदा ने अब तक 13 बेगुनाह लोगों की जान ले ली है। सबसे ज्यादा मार प्रदेश के अन्नदाताओं (किसानों) पर पड़ी है, जिनकी खून-पसीने से सींची गई गेहूं और सरसों की फसलें ओलों की चादर तले दबकर पूरी तरह बर्बाद हो गई हैं। 'खबरीलाल' की इस विस्तृत ग्राउंड रिपोर्ट में आइए जानते हैं यूपी के हर उस जिले का हाल, जहां कुदरत ने अपना रौद्र रूप दिखाया है।
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कानपुर में सबसे भयावह तबाही: अस्पताल में भरा पानी, पेड़ों ने ली जान

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शनिवार को मौसम का सबसे खौफनाक तांडव औद्योगिक नगरी कानपुर में देखने को मिला। दिन के उजाले में ही यहां धूल भरी आंधी ने आसमान को काला कर दिया और उसके बाद जो मूसलाधार बारिश और ओलावृष्टि शुरू हुई, उसने पूरे शहर को अस्त-व्यस्त कर दिया। शहर के सबसे बड़े हैलट अस्पताल (Hallet Hospital) के वार्डों तक में बारिश का पानी भर गया, जिससे मरीजों और तीमारदारों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। कानपुर की सड़कों पर 200 से अधिक विशाल पेड़ और दर्जनों बिजली के भारी-भरकम पोल ताश के पत्तों की तरह उखड़ कर गिर पड़े। इसी दौरान एक बेहद दर्दनाक हादसा हुआ। सड़क से गुजर रहे एक यात्री ऑटो पर एक पुराना और विशाल बरगद का पेड़ भरभरा कर गिर गया। इस खौफनाक हादसे में ऑटो ड्राइवर और अपनी बेटी के साथ दवा लेने जा रही एक 60 वर्षीय बुजुर्ग महिला की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई। कानपुर जिले में इस प्राकृतिक आपदा ने कुल 4 लोगों की जान निगल ली।
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सीतापुर में आकाशीय बिजली का कहर: जिंदा जलीं मां-बेटी

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सीतापुर जिले से दिल दहला देने वाली खबर सामने आई। यहां खराब मौसम के बीच आसमान से गिरी आकाशीय बिजली मौत बनकर एक परिवार पर टूटी। बिजली गिरने से एक घर में भयंकर आग लग गई। इस अग्निकांड में एक मां और उसकी बेटी जिंदा जल गईं, जिससे इलाके में कोहराम मच गया। घर में मौजूद एक 7 साल की मासूम बच्ची भी इस हादसे में बुरी तरह झुलस गई है, जिसका इलाज चल रहा है। सीतापुर में बिजली गिरने और अन्य हादसों में कुल 3 लोगों ने अपनी जान गंवाई है। इसके अलावा, मौसम की इस मार ने वाराणसी, चित्रकूट और ललितपुर में भी 2-2 लोगों की जान ले ली है।
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खेतों में बिछी सफेद मौत: ओलावृष्टि ने तोड़ी किसानों की कमर

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मथुरा, ललितपुर, झांसी और जालौन के ग्रामीण इलाकों में आसमान से पानी के साथ बर्फ के बड़े-बड़े गोले (ओले) गिरे हैं। रविवार तड़के 4 बजे मथुरा के गोवर्धन इलाके और विशेषकर गांठोली गांव में अचानक तेज बारिश के साथ भारी ओलावृष्टि हुई। हालात यह थे कि सड़कों और खेतों में ओलों की एक मोटी सफेद चादर बिछ गई। यह समय गेहूं और सरसों की फसल की कटाई का होता है। फसलें पककर बिल्कुल तैयार खड़ी थीं, लेकिन 40 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चली आंधी और ओलों की मार ने खेतों में खड़ी फसलों को पूरी तरह से जमीन पर बिछा दिया है। किसानों का कहना है कि कुदरत ने ठीक उस वक्त उनके मुंह का निवाला छीन लिया, जब फसल घर आने वाली थी। इस नुकसान से कई किसान सदमे में हैं।
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पश्चिमी यूपी और रुहेलखंड का मौसम अलर्ट: मेरठ, बिजनौर से गाजियाबाद तक का हाल

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पश्चिमी उत्तर प्रदेश, जो कि कृषि के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण है, वहां भी मौसम का मिजाज पूरी तरह से बिगड़ा हुआ है। 'खबरीलाल' आपको दे रहा है आपके अपने शहरों की पल-पल की सटीक अपडेट:
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    मेरठ और गाजियाबाद (NCR): राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCR) से सटे मेरठ और गाजियाबाद में आसमान में घने काले बादल डेरा डाले हुए हैं। शनिवार शाम से ही यहां 30-40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से सर्द हवाएं चल रही हैं। रुक-रुक कर हो रही बूंदाबांदी ने तापमान में भारी गिरावट ला दी है। सड़कों पर जलभराव की स्थिति बन रही है और मौसम विभाग ने यहां आगे भी तेज हवाओं के साथ बारिश का अलर्ट जारी किया है।
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    बिजनौर और मुजफ्फरनगर: पश्चिमी यूपी की 'शुगर बेल्ट' कहे जाने वाले बिजनौर और मुजफ्फरनगर में तेज आंधी ने किसानों की रातों की नींद उड़ा दी है। गन्ने और गेहूं की फसल को तेज हवाओं से भारी नुकसान पहुंचने की आशंका है। यहां के कई इलाकों में बिजली आपूर्ति ठप हो गई है। मौसम विभाग ने अगले 24 घंटों के लिए इन दोनों जिलों में गरज-चमक के साथ ओलावृष्टि की चेतावनी दी है।
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    मुरादाबाद और बरेली (रुहेलखंड): रुहेलखंड मंडल के प्रमुख जिलों मुरादाबाद और बरेली में भी बेमौसम बरसात का सिलसिला जारी है। ठंडी हवाओं के चलने से लोगों को अप्रैल के महीने में भी स्वेटर निकालने पड़ गए हैं। खेतों में पानी भर जाने से आलू और अन्य सब्जियों की खेती करने वाले किसानों के माथे पर चिंता की लकीरें गहरी हो गई हैं।
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सीएम योगी आदित्यनाथ सख्त: "24 घंटे के भीतर मिले किसानों को मुआवजा"

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उत्तर प्रदेश में बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि से हुए इस भीषण नुकसान को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बेहद गंभीरता से लिया है। उन्होंने तत्काल प्रभाव से राज्य के सभी आला अधिकारियों को अलर्ट मोड पर रहने के निर्देश दिए हैं। सीएम योगी ने बेहद सख्त लहजे में कहा है कि, "संकट की इस घड़ी में सरकार किसानों के साथ खड़ी है। किसी भी स्तर पर अधिकारियों की लापरवाही बिल्कुल बर्दाश्त नहीं की जाएगी।" मुख्यमंत्री ने सभी 75 जिलों के जिलाधिकारियों (DMs) से तत्काल नुकसान का सर्वे कर विस्तृत रिपोर्ट शासन को सौंपने का आदेश दिया है। इसके साथ ही यह सुनिश्चित करने को कहा है कि जहां भी इस प्राकृतिक आपदा में जनहानि (जान-माल का नुकसान) हुई है, पशुओं की मौत हुई है, या जो लोग घायल हुए हैं, उनके बैंक खातों में 24 घंटे के भीतर आर्थिक सहायता (मुआवजा) पहुंच जानी चाहिए।
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मौसम विभाग की चेतावनी: 7 अप्रैल से फिर बदलेगा मौसम

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प्रयागराज में शनिवार रातभर चली तेज आंधी के बाद रविवार सुबह कुछ देर के लिए मौसम साफ हुआ और तेज धूप निकली, जिससे लोगों ने राहत की सांस ली। लेकिन मौसम विभाग (IMD) का कहना है कि यह राहत बहुत ही छोटी है। प्रयागराज सहित कई जिलों में शाम तक फिर से तेज हवाओं के साथ बारिश होने का अनुमान है और यहां 'ऑरेंज अलर्ट' जारी किया गया है।
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लखनऊ के वरिष्ठ मौसम वैज्ञानिक अतुल सिंह ने 'खबरीलाल' को जानकारी देते हुए बताया कि, "राजधानी लखनऊ में 1 मार्च से अब तक 19.4 मिलीमीटर बारिश हो चुकी है, जो सामान्य से 165 फीसदी अधिक है। पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) की सक्रियता के कारण यह सब हो रहा है। सोमवार और मंगलवार को हालांकि मौसम थोड़ा साफ रहेगा, लेकिन 7 अप्रैल से एक नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होगा।"
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आगे का अलर्ट: 7 अप्रैल से मौसम फिर करवट लेगा। आंधी-तूफान के साथ भारी बारिश की संभावना है। इसके प्रभाव से तापमान में 3 से 5 डिग्री सेल्सियस तक की भारी गिरावट आ सकती है। मौसम का यह खराब मिजाज 9 अप्रैल तक ऐसे ही बने रहने का अनुमान है। आज (रविवार) भी प्रदेश के 23 जिलों में बारिश और 15 जिलों में ओले गिरने का 'रेड और ऑरेंज अलर्ट' जारी है।
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(मौसम से जुड़ी हर बड़ी चेतावनी, सरकारी मुआवजे की अपडेट और अपने शहर की हर एक्सक्लूसिव खबर के लिए सबसे पहले पढ़ते रहें खबरीलाल - आपकी अपनी आवाज।)
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