उत्तर प्रदेश में सड़क सुरक्षा और राजस्व (Revenue) नियमों के उल्लंघन को रोकने के लिए परिवहन विभाग और राज्य कर विभाग (State Tax Department) ने एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। अब सवारी वाहनों में अवैध रूप से सामान लादने (Overloading of Luggage in Passenger Vehicles) पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। परिवहन आयुक्त के आदेशानुसार, पाक्षिक रूप से दो दिन दोनों विभागों के अधिकारी संयुक्त रूप से सघन चेकिंग अभियान चलाएंगे, जिसका उद्देश्य मोटर वाहन अधिनियम के प्रावधानों का उल्लंघन करने वाले वाहनों पर नकेल कसना है।READ ALSO:-डिजिटल अरेस्ट का नया फ्रॉड: आगरा में CBI और पुलिस अधिकारी बनकर बुजुर्ग दंपती से 59 लाख की ठगी, 'फर्जी FIR' और 'जेल भेजने' की धमकी से डराया
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नियमों के उल्लंघन पर मंथन

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इस संयुक्त अभियान को प्रभावी बनाने के लिए परिवहन और राज्य कर विभाग के अधिकारियों के बीच एक विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया।
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    उद्देश्य: अधिकारियों को मोटर वाहन अधिनियम (Motor Vehicle Act) और केंद्रीय मोटरयान नियमावली के प्रमुख प्रावधानों के संबंध में प्रशिक्षित करना।
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    रणनीति: आरटीओ प्रवर्तन प्रभात पांडेय ने बताया कि संयुक्त प्रभावी कार्रवाई के लिए दोनों विभागों के सभी अधिकारियों का एक व्हाट्सऐप ग्रुप बनाया जाएगा, ताकि सूचनाओं का त्वरित आदान-प्रदान हो सके और कार्रवाई में तेजी लाई जा सके।
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स्लीपर बसों में मिली खामियां, 6 पर कार्रवाई

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संयुक्त अभियान की तैयारी के बीच, परिवहन विभाग ने गुरुवार को स्लीपर बसों की जांच के लिए भी चेकिंग अभियान चलाया। इस दौरान कई गंभीर खामियां सामने आईं।
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    जांच: आरटीओ प्रवर्तन प्रभात पांडेय और एआरटीओ प्रवर्तन राजीव बंसल के नेतृत्व में कुल 22 बसों की जांच की गई।
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    अनफिट बसें: जांच में 16 बसें सही पाई गईं, जबकि 6 बसें अनफिट मिलीं, जिनमें नियमों का गंभीर उल्लंघन किया गया था।
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    खामियों की सूची:
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      3 बसों के स्वामियों ने बस की बॉडी बढ़ा रखी थी।
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      4 बसों में सीटिंग अरेंजमेंट अनियमित पाया गया।
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      1 बस में इमरजेंसी गेट की व्यवस्था नहीं थी।
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      1 बस में फायर इंस्टिंग्विशर (अग्निशमन यंत्र) नहीं मिला।
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      6 बसों में बिना अनुमति लगेज कैरियर लगा हुआ था, जो ओवरलोडिंग का संकेत है।
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आरटीओ ने दी चेतावनी

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आरटीओ प्रवर्तन प्रभात पांडेय ने स्पष्ट किया कि सवारी वाहनों में सामान लादने या नियम तोड़ने वाले वाहनों पर अब सख्ती से कार्रवाई होगी।
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    जुर्माना और सीजिंग: अनफिट और नियमों का उल्लंघन करने वाली बसों के खिलाफ मोटर वाहन अधिनियम के तहत जुर्माना लगाया जाएगा और उन्हें सीज करने की कार्रवाई भी की जा सकती है।
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    उल्लंघन: बिना अनुमति लगेज कैरियर लगाकर सवारी वाहनों में सामान लादना सुरक्षा नियमों का उल्लंघन है, जिस पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।
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यात्रियों की सुरक्षा प्राथमिकता

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इस संयुक्त अभियान का सीधा असर सड़क सुरक्षा पर पड़ेगा। परिवहन विभाग का यह कदम सुनिश्चित करेगा कि यात्रियों की सुरक्षा से कोई समझौता न हो। नियमों का उल्लंघन करने वाले बस ऑपरेटरों पर शिकंजा कसने से अवैध ओवरलोडिंग पर रोक लगेगी।
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