लखनऊ: उत्तर प्रदेश के करोड़ों बिजली उपभोक्ताओं के लिए एक बेहद राहत भरी खबर सामने आई है। योगी सरकार में ऊर्जा मंत्री एके शर्मा (A.K. Sharma) ने स्मार्ट मीटर की कार्यप्रणाली और उपभोक्ताओं को होने वाली असुविधाओं को लेकर सख्त रुख अपनाया है। राजधानी लखनऊ के 'संगम सभागार' में आयोजित एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक में मंत्री ने स्पष्ट कर दिया कि तकनीक उपभोक्ताओं की सुविधा के लिए है, उन्हें परेशान करने के लिए नहीं।
\r\n\r\nमंत्री ने अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए हैं कि अब उत्तर प्रदेश में प्रीपेड स्मार्ट मीटर का बैलेंस खत्म होने की स्थिति में रात के समय या किसी भी सार्वजनिक अवकाश के दिन बिजली कनेक्शन नहीं काटा जाएगा।
\r\n\r\nआधी रात को अंधेरे से मिलेगी मुक्ति: क्या है नई गाइडलाइन?
\r\n\r\nअक्सर देखा गया है कि प्रीपेड स्मार्ट मीटर के उपभोक्ता बैलेंस खत्म होने की जानकारी न मिल पाने के कारण परेशान होते हैं। कई बार रात के 12 या 2 बजे अचानक बिजली कट जाती है, जिससे बच्चों, बुजुर्गों और बीमारों को भारी कठिनाई का सामना करना पड़ता है। इसी मानवीय पहलू को ध्यान में रखते हुए ऊर्जा मंत्री एके शर्मा ने दो मुख्य बदलाव किए हैं:
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- \r\n नो-डिस्कनेक्शन एट नाइट: यदि किसी उपभोक्ता का रिचार्ज खत्म हो जाता है, तो रात के समय विभाग उसकी बिजली नहीं काटेगा। सप्लाई अगली सुबह तक सुचारू रहेगी ताकि उपभोक्ता को रिचार्ज करने का समय मिल सके।\r\n \r\n
- \r\n छुट्टी के दिन राहत: रविवार या किसी भी राजपत्रित अवकाश (Public Holiday) के दिन भी बिजली कनेक्शन विच्छेदित नहीं किया जाएगा। अक्सर छुट्टियों में बैंक बंद होने या तकनीकी कारणों से रिचार्ज में देरी हो जाती है, जिसे देखते हुए यह निर्णय लिया गया हैl\r\n \r\n
\r\n\r\nशिकायतों के लिए बनेंगे स्पेशल 'स्मार्ट मीटर काउंटर'
\r\n\r\nस्मार्ट मीटर को लेकर उपभोक्ताओं की सबसे बड़ी शिकायत यह रहती है कि उनके पैसे जल्दी खत्म हो रहे हैं या मीटर तेज भाग रहा है। इन भ्रांतियों को दूर करने के लिए मंत्री ने 'डेडिकेटेड हेल्प डेस्क' बनाने का निर्देश दिया है।
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- \r\n त्वरित निस्तारण: हर मंडल और डिस्कॉम कार्यालय में स्मार्ट मीटर शिकायतों के लिए अलग काउंटर होंगे।\r\n \r\n
- \r\n जवाबदेही: यदि कोई शिकायत आती है, तो उसका एक निश्चित समय सीमा के भीतर समाधान करना अनिवार्य होगा।\r\n \r\n
- \r\n पारदर्शिता: उपभोक्ताओं को उनके उपभोग (Consumption) और बैलेंस की सही जानकारी देने के लिए सिस्टम को और अधिक पारदर्शी बनाया जाएगा।\r\n \r\n
\r\n\r\nगर्मी के मौसम के लिए 'समर एक्शन प्लान' तैयार
\r\n\r\nबैठक में केवल स्मार्ट मीटर ही नहीं, बल्कि आने वाले भीषण गर्मी के मौसम में निर्बाध बिजली आपूर्ति (24x7 Power Supply) पर भी चर्चा हुई। ऊर्जा मंत्री ने कहा कि गर्मी में बिजली की मांग रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच जाती है, जिसके लिए अभी से तैयारी पूरी कर ली जाए।
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- \r\n ट्रांसफार्मर और फीडर की मरम्मत: जर्जर तारों, पुराने फीडरों और ओवरलोडेड ट्रांसफार्मरों को बदलने का काम युद्धस्तर पर करने के निर्देश दिए गए हैं।\r\n \r\n
- \r\n क्षमता वृद्धि: बिजली उपकेंद्रों की क्षमता बढ़ाई जाएगी ताकि ट्रिपिंग और लो-वोल्टेज की समस्या न हो।\r\n \r\n
- \r\n फील्ड मॉनिटरिंग: मंत्री ने साफ किया कि केवल कागजों पर काम नहीं चलेगा। फील्ड लेवल के अधिकारियों को खुद ग्राउंड पर उतरकर सप्लाई की निगरानी करनी होगी।\r\n \r\n
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जन-जागरूकता अभियान: स्मार्ट मीटर के लाभ समझाएगी सरकार
\r\n\r\nस्मार्ट मीटर को लेकर जनता के मन में फैले 'असमंजस' को दूर करने के लिए सरकार अब एक व्यापक जन-जागरूकता अभियान चलाएगी। ऊर्जा मंत्री ने कहा कि उपभोक्ताओं को यह समझाना जरूरी है कि स्मार्ट मीटर उनके लिए कैसे फायदेमंद है।
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- \r\n रीडिंग की शुद्धता: उपभोक्ताओं को बताया जाएगा कि स्मार्ट मीटर में मानवीय गलती की गुंजाइश नहीं है।\r\n \r\n
- \r\n बैलेंस अलर्ट: उपभोक्ताओं को बैलेंस खत्म होने से काफी पहले मोबाइल पर एसएमएस और अलर्ट भेजने की प्रणाली को और मजबूत किया जाएगा।\r\n \r\n
- \r\n मोबाइल ऐप का उपयोग: यूपीपीसीएल (UPPCL) के आधिकारिक ऐप के माध्यम से उपभोक्ता कैसे खुद अपना लोड और बैलेंस चेक कर सकते हैं, इसकी ट्रेनिंग दी जाएगी।\r\n \r\n
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लापरवाह अधिकारियों पर गिरेगी गाज
\r\n\r\nबैठक के दौरान ऊर्जा मंत्री का रुख काफी सख्त नजर आया। उन्होंने यूपीपीसीएल (UPPCL) के चेयरमैन आशीष गोयल और प्रबंध निदेशक पंकज कुमार की मौजूदगी में अधिकारियों को चेतावनी दी कि फील्ड स्तर पर किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
\r\n\r\nउन्होंने कहा, "उपभोक्ता हमारे लिए सर्वोपरि हैं। यदि किसी अधिकारी या कर्मचारी की लापरवाही से जनता को परेशानी होती है, तो संबंधित की जवाबदेही तय की जाएगी।" सभी डिस्कॉम (जैसे मध्यांचल, पश्चिमांचल, पूर्वांचल और दक्षिणांचल) के प्रबंध निदेशकों को निर्देश दिया गया है कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में मॉनिटरिंग सेल को सक्रिय करें।
\r\n\r\nउत्तर प्रदेश सरकार का यह निर्णय तकनीकी नवाचार और मानवीय संवेदनाओं के बीच एक संतुलन बनाने का प्रयास है। स्मार्ट मीटरिंग सिस्टम को भविष्य की जरूरत बताया जा रहा है, लेकिन इसके क्रियान्वयन में आने वाली खामियों को दूर करना सरकार की प्राथमिकता है। रात में बिजली न काटने के फैसले से निश्चित रूप से मध्यम वर्गीय और गरीब परिवारों को बड़ी मानसिक शांति मिलेगी।
\r\n\r\nयदि आप भी एक बिजली उपभोक्ता हैं, तो विभाग की सलाह है कि अपने मीटर को समय पर रिचार्ज रखें और किसी भी विसंगति की स्थिति में विभाग द्वारा बनाए जाने वाले विशेष काउंटरों पर संपर्क करें।
\r\n\r\nउत्तर प्रदेश बिजली विभाग से जुड़ी हर छोटी-बड़ी अपडेट के लिए हमारे साथ बने रहें।
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