उत्तर प्रदेश में चुनावी तैयारी की दिशा में एक बड़ा और महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। प्रदेश में स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) प्रक्रिया की औपचारिक शुरुआत हो गई है, जिसका लक्ष्य यह सुनिश्चित करना है कि राज्य का कोई भी पात्र नागरिक मताधिकार से वंचित न रहे। राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिणवा ने बताया कि यह महाअभियान पूरी तरह पारदर्शी और सरल होगा। इस प्रक्रिया के तहत, 4 नवंबर से सभी 75 जिलों में बूथ लेवल अधिकारी (BLO) घर-घर जाकर मतदाताओं से सीधा संपर्क करेंगे।READ ALSO:-यूपी में अब सवारी वाहनों में सामान लादना पड़ेगा भारी: परिवहन और GST विभाग ने बनाया जॉइंट एक्शन प्लान, हर 15 दिन में चलेगा महा-अभियान
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पारदर्शिता के साथ शुरू हुआ प्रशिक्षण कार्य
\r\n\r\nउत्तर प्रदेश में आगामी चुनावों को देखते हुए, मतदाता सूची को अपडेट करना सर्वोच्च प्राथमिकता है। SIR का उद्देश्य मृत, अनुपस्थित, या डुप्लीकेट मतदाताओं के नाम हटाकर सूची को शुद्ध करना भी है।
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- \r\n प्रशिक्षण पूरा: मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिणवा ने बताया कि प्रदेश के सभी 75 जिलों में BLO का प्रशिक्षण कार्य सफलतापूर्वक पूरा कर लिया गया है।\r\n \r\n
- \r\n राजनीतिक दलों से संवाद: राज्य निर्वाचन आयोग ने राजनीतिक दलों के साथ बैठक कर इस प्रक्रिया पर चर्चा की, जहाँ यह सुनिश्चित किया गया कि पूरी प्रक्रिया में पारदर्शिता बनी रहे।\r\n \r\n
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घर-घर जाकर फॉर्म भरने की अनोखी प्रक्रिया
\r\n\r\n4 नवंबर से शुरू होने वाले इस अभियान में BLO सीधे हर घर तक पहुँचकर मतदाताओं से संपर्क करेंगे। यह प्रक्रिया बेहद सरल रखी गई है:
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- \r\n एन्यूमरेशन फॉर्म: BLO वर्तमान मतदाताओं को एक 'एन्यूमरेशन फॉर्म' देंगे।\r\n \r\n
- \r\n दो प्रतियों में फॉर्म: मतदाता को यह फॉर्म दो प्रतियों में भरकर BLO को वापस करना होगा। एक प्रति BLO रिकॉर्ड के लिए रखेंगे, और दूसरी प्रति मतदाता को रसीद के तौर पर दी जाएगी।\r\n \r\n
- \r\n अनुपस्थिति में हस्ताक्षर: यदि कोई मतदाता घर पर मौजूद नहीं है, तो परिवार का कोई अन्य सदस्य रिश्ते का उल्लेख करते हुए फॉर्म पर हस्ताक्षर कर सकता है।\r\n \r\n
- \r\n अंतिम सूची की तिथि: इस महाअभियान के बाद अंतिम मतदाता सूची 7 दिसंबर 2026 को प्रकाशित की जाएगी।\r\n \r\n
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जाति-धर्म से परे निष्पक्षता का दावा
\r\n\r\nमुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिणवा ने SIR की प्रक्रिया पर उठने वाले संभावित राजनीतिक आरोपों को लेकर स्पष्टीकरण दिया है:
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- \r\n निष्पक्षता: उन्होंने स्पष्ट किया कि चुनाव आयोग अधिकारियों की जाति या धर्म का कोई रिकॉर्ड नहीं रखता है, और नियुक्तियाँ राज्य सरकार द्वारा की जाती हैं। आयोग का एकमात्र उद्देश्य निष्पक्ष और पारदर्शी ढंग से काम करना है।\r\n \r\n
- \r\n गड़बड़ी पर कार्रवाई: रिणवा ने चेतावनी दी कि अगर किसी अधिकारी पर पक्षपात या गड़बड़ी के आरोप साबित होते हैं, तो निर्वाचन आयोग उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई करने से नहीं हिचकेगा।\r\n \r\n
- \r\n सरल प्रक्रिया: राजनीतिक दलों के सुझावों पर, आयोग ने कहा है कि पूरे देश में भारत निर्वाचन आयोग के दिशा-निर्देश एक समान हैं, लेकिन उत्तर प्रदेश में इसे और सरल बनाने का प्रयास किया जाएगा।\r\n \r\n
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महत्वपूर्ण जानकारी: पहले चरण में Required Documents नहीं
\r\n\r\nनवदीप रिणवा ने विशेष रूप से स्पष्ट किया कि SIR के पहले चरण में, जब BLO घर-घर जाएंगे, तब किसी भी दस्तावेज की आवश्यकता नहीं होगी। केवल 'एन्यूमरेशन फॉर्म' भरकर जमा करना होगा।
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बाद में दस्तावेज की जरूरत (Second Stage):
\r\n\r\nजिन लोगों का नाम 2003 की वोटर लिस्ट से लिंक नहीं होगा, उन्हें नोटिस जारी होने पर पहचान के लिए दस्तावेज देने होंगे:
\r\n\r\n| \r\n जन्मतिथि के आधार पर श्रेणी \r\n | \r\n \r\n पहचान/आयु के लिए Required Documents \r\n | \r\n
| \r\n 1 जुलाई 1987 से पहले जन्म \r\n | \r\n \r\n 2003 की वोटर लिस्ट की फोटोकॉपी देना अनिवार्य (यदि नाम है)। अन्यथा 11 मान्य दस्तावेजों में से कोई 1। \r\n | \r\n
| \r\n 1987 से 2004 के बीच जन्म \r\n | \r\n \r\n अपना एक मान्य दस्तावेज या माता-पिता का एक दस्तावेज। \r\n | \r\n
| \r\n 2 दिसंबर 2004 के बाद जन्म \r\n | \r\n \r\n अपना एक मान्य दस्तावेज या माता-पिता का एक दस्तावेज। \r\n | \r\n
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Impact & Next Step: हर बूथ पर एजेंट की तैनाती
\r\n\r\nआयोग ने सभी राजनीतिक दलों से अपील की है कि वे हर बूथ पर बूथ लेवल एजेंट (Booth Level Agent) नियुक्त करें, ताकि BLO और प्रतिनिधियों के बीच समन्वय बना रहे। इसके अलावा, वृद्ध और असहाय मतदाताओं की सहायता के लिए स्वयंसेवकों (Volunteers) को तैनात किया जाएगा।
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आयोग का उद्देश्य है कि अंतिम मतदाता सूची में नाम न आने वाले मतदाताओं का पूरा रिकॉर्ड रखा जाएगा, जिसमें अनुपस्थिति, मृत्यु, या डुप्लीकेट नाम न आने के कारणों को दर्ज किया जाएगा, जिससे भविष्य में सुधार सुनिश्चित किया जा सके।
Sabse pehle comment karne wale banein.