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\r\n\r\n\r\n\r\nविद्यालयों में पेयजल, विद्युत व्यवस्था, स्वच्छ शौचालय, साफ-सफाई तथा सुरक्षित वातावरण सुनिश्चित किया जा रहा है।
\r\n— Department Of Basic Education Uttar Pradesh (@basicshiksha_up) June 13, 2026
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\r\nछात्राओं और दिव्यांग बच्चों के लिए आवश्यक सुविधाओं के विकास के साथ ऑपरेशन कायाकल्प के कार्यों को भी प्राथमिकता के आधार पर आगे बढ़ाया जा रहा है।#BasicEducation… pic.twitter.com/OHJsoVW7ct
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मौसम का 'रेड अलर्ट': आसमान से बरसती आग और स्कूलों की वापसी
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प्रशासन का अल्टीमेटम: 'ऑपरेशन कायाकल्प' और जीरो-टॉलरेंस नीति
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स्कूलों के लिए जारी की गई मुख्य गाइडलाइंस:
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- \r\n शुद्ध पेयजल की गारंटी: स्कूलों में लगे सभी हैंडपंप, सबमर्सिबल पंप और पानी की टंकियों की सफाई अनिवार्य है। बच्चों को पीने का ठंडा और शुद्ध पानी हर कीमत पर उपलब्ध होना चाहिए।\r\n \r\n
- \r\n निर्बाध बिजली और पंखे: सभी कक्षाओं की वायरिंग चेक की जानी चाहिए। उमस भरी गर्मी से बचने के लिए क्लासरूम के पंखे (Fans) पूरी क्षमता से चालू हालत में होने चाहिए।\r\n \r\n
- \r\n स्वच्छता अभियान: स्कूल परिसर, कक्षाओं और विशेष रूप से बालक-बालिकाओं के शौचालयों (Toilets) की डीप क्लीनिंग होनी चाहिए ताकि बारिश या गर्मी से पनपने वाली बीमारियों (मच्छरों) को रोका जा सके।\r\n \r\n
- \r\n मेडिकल किट (First Aid): प्रत्येक स्कूल में ओआरएस (ORS) के पैकेट, जरूरी दवाइयां और फर्स्ट-एड किट अपडेटेड होनी चाहिए। किसी भी बच्चे को चक्कर आने या उल्टी होने पर तुरंत प्राथमिक उपचार दिया जाएगा।\r\n \r\n
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पैरेंट्स के लिए 'सुरक्षा मंत्र': इन 5 बातों का रखें विशेष ध्यान
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- \r\n पानी की बड़ी बोतल (Hydration is Key): बच्चों के बैग में 1 से 1.5 लीटर पानी की बोतल जरूर रखें। उन्हें समझाएं कि घंटी बजने का इंतजार न करें, प्यास लगते ही पानी पिएं। पानी में थोड़ा नींबू और नमक (नींबू पानी) मिलाकर देना ज्यादा फायदेमंद होगा।\r\n \r\n
- \r\n हल्का और सूती पहनावा: बच्चों को गहरे रंग के या सिंथेटिक कपड़े पहनाने से बचें। ढीले-ढाले सूती (Cotton) कपड़े हवा पास होने देते हैं और पसीना सोखकर शरीर को ठंडा रखते हैं।\r\n \r\n
- \r\n सिर ढंकना है जरूरी: सुबह स्कूल जाते समय और दोपहर में लौटते समय बच्चों का सिर सीधे धूप के संपर्क में नहीं आना चाहिए। इसके लिए सफेद रुमाल, सूती तौलिया या टोपी (Cap) का प्रयोग सुनिश्चित करें।\r\n \r\n
- \r\n खाली पेट न भेजें: अक्सर बच्चे सुबह नाश्ता करने में आनाकानी करते हैं। लेकिन गर्मी में खाली पेट सफर करना उल्टी और चक्कर का मुख्य कारण बनता है। घर से हल्का दलिया, सेब, या दूध बिस्किट देकर ही निकालें।\r\n \r\n
- \r\n टिफिन में दें 'ताजा खाना': गर्मी के मौसम में खाना जल्दी खराब (Ferment) हो जाता है। इसलिए टिफिन में ऐसा भोजन दें जो जल्दी बासी न हो और पचने में आसान हो। मौसमी फल जैसे तरबूज या खीरा टिफिन में शामिल करना एक शानदार विकल्प है।\r\n \r\n
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शिक्षकों की नई भूमिका: 'टीचर' के साथ 'काउंसलर' भी बनें
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नेशनल ट्रैकर: यूपी ही नहीं, इन राज्यों में भी बज रही है स्कूल की घंटी
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| \r\n राज्य (State) \r\n | \r\n \r\n स्कूल खुलने की तारीख (2026) \r\n | \r\n \r\n वर्तमान अपडेट (Status) \r\n | \r\n
| \r\n उत्तर प्रदेश \r\n | \r\n \r\n 16 जून \r\n | \r\n \r\n 27 दिन की छुट्टियों के बाद कल से नियमित कक्षाएं शुरू। \r\n | \r\n
| \r\n मध्य प्रदेश \r\n | \r\n \r\n 16 जून \r\n | \r\n \r\n 'स्कूल चलें हम' अभियान के तहत 16 जून से सभी स्कूल खुल रहे हैं। \r\n | \r\n
| \r\n छत्तीसगढ़ \r\n | \r\n \r\n 16 जून \r\n | \r\n \r\n नए सत्र का आगाज, प्रवेश उत्सव के साथ स्कूलों में स्वागत। \r\n | \r\n
| \r\n तेलंगाना \r\n | \r\n \r\n 15 जून (आज से) \r\n | \r\n \r\n दक्षिण भारत में मानसून की दस्तक के साथ आज से स्कूल सुचारू। \r\n | \r\n
| \r\n आंध्र प्रदेश \r\n | \r\n \r\n 15 जून (आज से) \r\n | \r\n \r\n 12 जून को छुट्टियां खत्म हुईं, 15 जून से पूरे राज्य में 100% उपस्थिति का लक्ष्य। \r\n | \r\n
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शिक्षा और स्वास्थ्य का बेहतर तालमेल
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Sabse pehle comment karne wale banein.