उत्तर प्रदेश के बेसिक शिक्षा विभाग ने एक बड़ा प्रशासनिक फैसला लेते हुए प्रदेश के 46 जिलों के 1812 परिषदीय स्कूलों के 5000 से अधिक शिक्षकों की सेवा शर्तों में महत्वपूर्ण बदलाव किया है। इन विद्यालयों को हाल ही में नगर की सीमा में समायोजित (Adjusted) किया गया है। नए शासनादेश के अनुसार, अब इन ग्रामीण क्षेत्र के शिक्षकों को उनकी सहमति लेकर शहरी संवर्ग (Urban Cadre) के शिक्षकों में शामिल किया जाएगा, जिससे उनकी वरिष्ठता सूची (Seniority List) प्रभावित होगी।READ ALSO:-Gold Price Crash: 7 दिन में सोना ₹8,455 और चांदी ₹30,350 सस्ती! ग्लोबल टेंशन कम होने से Metal Rates में बड़ी गिरावट
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दिसंबर 2019 की अधिसूचना का असर
\r\n\r\nबेसिक शिक्षा विभाग का यह फैसला नगर विकास विभाग द्वारा दिसंबर 2019 में जारी अधिसूचना के कारण आया है। इस अधिसूचना के तहत, प्रयागराज और गोरखपुर सहित प्रदेश के विभिन्न जिलों में कई ग्रामीण क्षेत्र के विद्यालयों को विस्तारित नगरीय सीमा (Expanded Urban Limits) में शामिल कर लिया गया था।
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- \r\n प्रभावित स्टाफ: कुल 1812 परिषदीय विद्यालयों में कार्यरत शिक्षकों की तैनाती अब नए सिरे से की जाएगी।\r\n\r\n
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- \r\n प्रधानाचार्य: 692\r\n \r\n
- \r\n सहायक अध्यापक: 5324\r\n \r\n
- \r\n शिक्षामित्र: 1893\r\n \r\n
- \r\n अनुदेशक: 568\r\n \r\n
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- \r\n उद्देश्य: इस समायोजन का उद्देश्य ग्रामीण और नगरीय क्षेत्र के शिक्षकों के बीच वेतन विसंगतियों (Pay Discrepancies) को दूर करना और नई प्रशासनिक व्यवस्था लागू करना है।\r\n \r\n
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5 साल बाद नई तैनाती और 'वरिष्ठता' का समझौता
\r\n\r\nशासन के उप सचिव आनंद कुमार सिंह की ओर से 21 अक्टूबर को बेसिक शिक्षा निदेशक प्रताप सिंह बघेल को भेजे गए पत्र में इन शिक्षकों से विकल्प (Option) लेने के आदेश दिए गए हैं।
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- \r\n विकल्प लेना अनिवार्य: विस्तारित नगरीय सीमा में आने वाले ग्रामीण स्कूलों के अध्यापकों से उनकी सहमति लेकर उन्हें शहरी संवर्ग के विद्यालयों में सम्मिलित किया जाएगा।\r\n \r\n
- \r\n वरिष्ठता में बदलाव: इस समायोजन की एक प्रमुख शर्त यह है कि नगरीय क्षेत्र के स्कूलों में समायोजित होने वाले शिक्षकों की वरिष्ठता सूची सबसे नीचे (Junior Most) होगी। इसका अर्थ है कि उन्हें अपनी वर्तमान वरिष्ठता से समझौता करना पड़ेगा।\r\n \r\n
- \r\n नए सिरे से तैनाती: इन शिक्षकों को करीब 5 साल बाद नए सिरे से तैनाती मिलेगी, जिसके लिए उनसे उनके पसंदीदा स्कूलों का विकल्प मांगा जाएगा।\r\n \r\n
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वेतन में लाभ और विसंगति दूर करने का प्रयास
\r\n\r\nबेसिक स्कूल शिक्षा महानिदेशक मोनिका रानी ने इस प्रक्रिया की पुष्टि की है।
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- \r\n मोनिका रानी का बयान: उन्होंने कहा कि जो विद्यालय नगर क्षेत्र में आए हैं, उनके शिक्षकों को समायोजित करने की प्रक्रिया नियमावली के अनुसार शुरू की जाएगी और शिक्षकों से विकल्प लिए जाएंगे।\r\n \r\n
- \r\n वेतन लाभ: नगरीय क्षेत्र में समायोजन होने से शिक्षकों को उनके वेतन में कुछ वित्तीय लाभ मिलेगा। उनका एचआरए (HRA) और दूसरे भत्ते नगर क्षेत्र के दर के हिसाब से बढ़ जाएंगे। इससे नगर क्षेत्र और ग्रामीण क्षेत्र के शिक्षकों के बीच वेतन की विसंगतियां दूर होंगी।\r\n \r\n
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शिक्षकों को देना होगा विकल्प
\r\n\r\nग्रामीण संवर्ग के शिक्षकों के लिए यह फैसला दोहरी चुनौती पेश करता है: एक ओर वरिष्ठता सूची में समझौता, तो दूसरी ओर वेतन और भत्तों में बढ़ोतरी का लाभ। विभाग अब जल्द ही इन 1812 विद्यालयों के शिक्षकों को समायोजन के लिए विकल्प देने की प्रक्रिया शुरू करेगा। जो शिक्षक नगर क्षेत्र में आना चाहेंगे, उन्हें नगर क्षेत्र में समायोजित कर दिया जाएगा।
Sabse pehle comment karne wale banein.