उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश की स्वास्थ्य प्रणाली, विशेषकर दवा (औषधियों) की गुणवत्ता (Quality) सुनिश्चित करने के लिए एक बड़ा प्रशासनिक कदम उठाया है। मुख्यमंत्री ने औषधि नियंत्रण तंत्र को सुदृढ़ और प्रभावी बनाने पर बल देते हुए महत्वपूर्ण निर्देश दिए हैं। अब राज्य के हर जिले में दवाओं के निरीक्षण और गुणवत्ता नियंत्रण को और मजबूत करने के लिए 'जिला औषधि नियंत्रण अधिकारी' (District Drug Controller Officer) का एक नया पद सृजित किया जाएगा।READ ALSO:-आगरा में खुलेगा 'आयुष का AIIMS'! अकबराबाद में 13.5 एकड़ जमीन फाइनल, BAMS, BHMS, BUMS की होगी पढ़ाई
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राष्ट्रीय मानकों के अनुरूप बनाना है उद्देश्य
\r\n\r\nमुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ शुक्रवार को खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन (FSDA) विभाग की उच्चस्तरीय बैठक में औषधि नियंत्रण संवर्ग के पुनर्गठन और नए पदों के सृजन से संबंधित प्रस्तावों की समीक्षा कर रहे थे।
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- \r\n वर्तमान स्थिति: बैठक में बताया गया कि विभाग में वर्तमान में केवल 109 औषधि निरीक्षक (Drug Inspectors) कार्यरत हैं, जो भारत सरकार के मानकों की दृष्टि से अपर्याप्त हैं।\r\n \r\n
- \r\n सीएम का विज़न: मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि प्रदेश में औषधि निरीक्षण व्यवस्था को राष्ट्रीय मानकों के अनुरूप बनाना जनस्वास्थ्य की दृष्टि से अत्यंत आवश्यक है।\r\n \r\n
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औषधि निरीक्षकों की संख्या होगी दोगुनी, भर्ती में बदलाव
\r\n\r\nसीएम योगी ने विभाग में पारदर्शिता और गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए बड़े बदलावों के निर्देश दिए हैं:
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- \r\n पदों का सृजन: जिला स्तर पर प्रभावी पर्यवेक्षण और जांच व्यवस्था लागू करने के लिए 'जिला औषधि नियंत्रण अधिकारी' का नया पद सृजित किया जाएगा।\r\n \r\n
- \r\n संख्या दोगुनी: मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए हैं कि वर्तमान के सापेक्ष औषधि निरीक्षकों की संख्या को दोगुना किया जाए, जिससे हर जिले में समुचित तैनाती सुनिश्चित की जा सके।\r\n \r\n
- \r\n भर्ती प्रक्रिया: अब इन महत्वपूर्ण पदों पर चयन प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी और निष्पक्ष बनाने के लिए, साक्षात्कार (Interview) के स्थान पर लिखित परीक्षा (Written Exam) के माध्यम से भर्ती कराई जाएगी।\r\n \r\n
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उच्च पदों के पुनर्गठन पर सहमति
\r\n\r\nमुख्यमंत्री ने केवल निचले स्तर पर ही नहीं, बल्कि औषधि नियंत्रण संवर्ग के उच्च पदों के पुनर्गठन पर भी अपनी सहमति दी है:
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- \r\n पदोन्नति में बदलाव: मुख्यमंत्री ने उप आयुक्त (औषधि) पदों की संख्या में वृद्धि और संयुक्त आयुक्त (औषधि) के पद पर पदोन्नति के लिए अर्हकारी सेवा में संशोधन के प्रस्ताव को सहमति दी है।\r\n \r\n
- \r\n जवाबदेही और नेतृत्व: सीएम ने विभाग में औषधि नियंत्रक पद के लिए स्पष्ट योग्यताएं एवं मानक तय करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इस पद के लिए एक निश्चित कार्यकाल निर्धारित किया जाए, ताकि तंत्र के शीर्ष स्तर पर नेतृत्व और जवाबदेही सुनिश्चित की जा सके।\r\n \r\n
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युवाओं को रोजगार, जनता को सुरक्षित दवा
\r\n\r\nउत्तर प्रदेश सरकार का यह कदम दोहरे प्रभाव वाला है: यह न केवल युवाओं के लिए सरकारी नौकरियों (औषधि निरीक्षक) के नए द्वार खोलेगा, बल्कि राज्य में नकली और घटिया दवाओं के खिलाफ लड़ाई को भी मजबूत करेगा। जिला औषधि नियंत्रण अधिकारी की तैनाती से दवाओं की गुणवत्ता की जांच समयबद्ध तरीके से हो पाएगी, जिसका सीधा लाभ आम जनता को मिलेगा।
Sabse pehle comment karne wale banein.