उत्तर प्रदेश के आगरा जिले में स्वास्थ्य और पारंपरिक चिकित्सा (Traditional Medicine) के क्षेत्र में एक बड़ा विकास होने जा रहा है। जिले में आयुष का एक इंटीग्रेटेड मेडिकल कॉलेज खोले जाने का रास्ता साफ हो गया है। सिकंदरा क्षेत्र के गांव अकबराबाद में 13.50 एकड़ जमीन पर यह आयुष कॉलेज बनाया जाएगा। यह कॉलेज सिर्फ छात्रों को डिप्लोमा और सर्टिफिकेट कोर्स नहीं कराएगा, बल्कि एक ही छत के नीचे आयुर्वेद, होम्योपैथी, यूनानी और नेचुरोपैथी सहित सभी आयुष पद्धतियों से मरीजों का उपचार भी करेगा।READ ALSO:-Bagpat Fraud: 'पैसा होगा दोगुना' का लालच देकर 5 करोड़ रुपये की ठगी, श्रेयस तलपड़े और आलोक नाथ समेत 22 पर FIR
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सीएम योगी का 'एक परिसर-कई पद्धतियां' विज़न
\r\n\r\nउत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कुछ महीने पहले आयुष विभाग की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में प्रदेश के हर मंडल में इंटीग्रेटेड आयुष कॉलेज स्थापित करने का निर्देश दिया था।
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- \r\n सीएम का निर्देश: सीएम ने कहा था कि आयुर्वेद, यूनानी, होम्योपैथी समेत आयुष की सभी चिकित्सा पद्धतियां एक ही परिसर यानी आयुष कॉलेजों में उपलब्ध कराई जाएं।\r\n \r\n
- \r\n सशक्त हेल्थ संरचना: मुख्यमंत्री का मानना है कि इन कॉलेजों से प्रदेश में एक सशक्त हेल्थ संरचना तैयार होगी, जिससे युवाओं को रोजगार मिलेगा और देश की परंपरागत चिकित्सा पद्धतियों को भी वैश्विक पहचान मिलेगी। सीएम ने आयुष को केवल इलाज नहीं, बल्कि जीवनशैली (Lifestyle) बताया, जिसे जन-जन तक पहुंचाना जिम्मेदारी है।\r\n \r\n
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अकबराबाद में मिली निशुल्क जमीन
\r\n\r\nक्षेत्रीय आयुर्वेदिक एवं यूनानी अधिकारी डॉ. एमएस आलम ने इस परियोजना की प्रगति की पुष्टि की है।
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- \r\n जमीन का स्थान: 13.50 एकड़ की यह जमीन जिला प्रशासन ने आयुष कॉलेज के लिए निशुल्क में गांव अकबराबाद में चिन्हित की है।\r\n \r\n
- \r\n निरीक्षण: बीते दिनों होम्योपैथी निदेशक प्रोफेसर डॉ. प्रमोद कुमार सिंह ने आगरा आकर इस जमीन का निरीक्षण भी किया था।\r\n \r\n
- \r\n अगला कदम: डॉ. आलम ने बताया कि जल्द ही यह जमीन विभाग के नाम हो जाएगी, जिसके बाद पूरा प्रोजेक्ट सरकार को भेजा जाएगा और फिर बजट जारी किया जाएगा।\r\n \r\n
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पढ़ाई संग मिलेगा मरीजों को बेहतर उपचार
\r\n\r\nआगरा में प्रस्तावित नए आयुष कॉलेज का उद्देश्य शिक्षण और चिकित्सा दोनों को एक साथ लाना है।
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- \r\n प्रमुख कोर्स: कॉलेज में बैचलर आफ आयुर्वेदिक मेडिसिन एंड सर्जरी (BAMS), बैचलर आफ होम्योपैथिक मेडिसिन एंड सर्जरी (BHMS), बैचलर आफ यूनानी मेडिसिन एंड सर्जरी (BUMS), और बैचलर ऑफ नेचुरोपैथी एंड योगिक साइंसेज (BNYS) जैसे स्नातक पाठ्यक्रम कराए जाएंगे। इसके अलावा डिप्लोमा और सर्टिफिके कोर्स भी उपलब्ध होंगे।\r\n \r\n
- \r\n इलाज की सुविधा: आयुष कॉलेज में मरीजों का उपचार आयुर्वेद, होम्योपैथी सहित अन्य पारंपरिक पद्धतियों से किया जाएगा। यहाँ मधुमेह (Diabetes), कब्ज (Constipation), घुटनों के दर्द से लेकर कैंसर तक का इलाज संभव होगा।\r\n \r\n
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50 और 25 बेड के दो आयुष अस्पताल भी बनेंगे
\r\n\r\nआयुष विभाग आगरा की चिकित्सा सुविधाओं को और बढ़ा रहा है:
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- \r\n 50 बेड का अस्पताल: सन 2018 में 50 बेड का अस्पताल बनाने का प्रस्ताव तैयार किया गया था, जिसके लिए जमीन चिन्हित की जा चुकी है।\r\n \r\n
- \r\n 25 बेड का अस्पताल: इसके साथ ही 25 बेड के एक और अस्पताल के लिए अरतौनी में जमीन देखी गई है।\r\n \r\n
- \r\n पर्यटन सहयोग: पर्यटन विभाग के सहयोग से बुंदूकटरा में 10 बेड का आयुर्वेदिक केंद्र स्थापित करने का भी प्रस्ताव है, ताकि यहाँ आने वाले पर्यटकों का आयुर्वेदिक पद्धति से इलाज किया जा सके।\r\n \r\n
Sabse pehle comment karne wale banein.