उत्तर प्रदेश के बागपत जिले में एक बड़े धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। 'द लोनी अर्बन मल्टी स्टेट क्रेडिट एंड थ्रिफ्ट कोऑपरेटिव सोसाइटी' पर लोगों को निवेश की गई राशि पांच साल में दोगुनी करने का लालच देकर 5 करोड़ रुपये से अधिक की ठगी करने का आरोप लगा है। इस मामले में उत्तर प्रदेश की बागपत कोतवाली में एक कोऑपरेटिव सोसाइटी के पदाधिकारियों और एजेंटों सहित कुल 22 लोगों के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया गया है। सबसे बड़ी बात यह है कि इस एफआईआर में बॉलीवुड अभिनेता श्रेयस तलपड़े और आलोक नाथ को भी नामजद किया गया है।READ ALSO:-Meerut : विकुल चपराना विवाद ने मेरठ BJP में मचाया भूचाल, दो गुटों में बंटा संगठन, पंचायत चुनाव से पहले बड़ा सिरदर्द
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n

स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से निवेश का जाल

\r\n\r\n
शिकायतकर्ता बबली, जो बागपत के मीतली गांव के निवासी हैं, ने बताया कि सोसाइटी के एजेंटों ने उनके गांव और आसपास के क्षेत्रों के 500 से अधिक लोगों को निशाना बनाया।
\r\n\r\n
    \r\n
  • \r\n
    ठगी का तरीका: एजेंट गांव में स्वयं सहायता समूहों (Self Help Groups) के माध्यम से महिलाओं और पुरुषों को सोसाइटी की योजनाओं में निवेश करने के लिए प्रेरित करते थे।
    \r\n
  • \r\n
  • \r\n
    लालच: सोसाइटी की ओर से यह दावा किया गया कि निवेश की गई राशि पांच साल में दोगुनी होकर लौटाई जाएगी।
    \r\n
  • \r\n
  • \r\n
    नुकसान: इसी भरोसे पर 500 से अधिक लोगों ने मिलकर लगभग 5 करोड़ रुपये जमा करा दिए।
    \r\n
  • \r\n
\r\n\r\n

 

विज्ञापन
विज्ञापन
\r\n\r\n

बॉलीवुड अभिनेताओं पर प्रचार का आरोप

\r\n\r\n
Bagpat Fraud मामले में श्रेयस तलपड़े और आलोक नाथ का नाम आने से हड़कंप मच गया है। एफआईआर में इन अभिनेताओं पर सोसाइटी के प्रचार-प्रसार में ब्रांड एंबेसडर के रूप में भूमिका निभाने का आरोप लगाया गया है।
\r\n\r\n
    \r\n
  • \r\n
    आरोप: आरोप है कि सोसाइटी विभिन्न क्षेत्रों में आयोजित कार्यक्रमों में इन दोनों अभिनेताओं को मंच पर प्रस्तुत करती थी। इन कार्यक्रमों में अभिनेता कंपनी की योजनाओं को विश्वसनीय बताते दिखाई दिए, जिससे गांव के भोले-भाले निवेशकों का भरोसा बढ़ा।
    \r\n
  • \r\n
  • \r\n
    संचालन: शिकायत के अनुसार, सोसाइटी के एमडी समीर अग्रवाल और पीए पंकज अग्रवाल कथित तौर पर ठगी के बाद दुबई चले गए हैं। बाकी 18 नामजद आरोपियों में एजेंट और फील्ड वर्कर शामिल हैं।
    \r\n
  • \r\n
  • \r\n
    निवेशकों का दर्द: निवेशकों का कहना है कि उन्हें पिछले एक साल से न तो ब्याज मिला है, न ही उनका मूलधन वापस किया गया है।
    \r\n
  • \r\n
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n

पुलिस जांच और आगे की कार्यवाही

\r\n\r\n
पुलिस ने मामले की गंभीरता को समझते हुए तुरंत एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
\r\n\r\n
    \r\n
  • \r\n
    जांच का फोकस: पुलिस पूरे वित्तीय लेन-देन, सोसाइटी के अनुबंधों, और प्रचार सामग्रियों की गहन जांच करेगी।
    \r\n
  • \r\n
  • \r\n
    अभिनेताओं की भूमिका: पुलिस विशेष रूप से यह जांच कर रही है कि अभिनेताओं श्रेयस तलपड़े और आलोक नाथ की भूमिका केवल विज्ञापन तक सीमित थी, या वे किसी अन्य स्तर पर निवेश संबंधी संचालन में शामिल थे। पुलिस ने कहा है कि सबूतों के आधार पर ही आगे की कानूनी कार्यवाही की जाएगी।
    \r\n
  • \r\n
  • \r\n
    पीड़ितों का समूह: 500 से अधिक निवेशकों का प्रभावित होना इस धोखाधड़ी की व्यापकता को दर्शाता है।
    \r\n
  • \r\n
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n

सेलिब्रिटी एंडोर्समेंट पर सवाल

\r\n\r\n
यह मामला एक बार फिर यह सवाल खड़ा करता है कि किसी वित्तीय योजना का प्रचार-प्रसार करने वाले सेलिब्रिटी की जिम्मेदारी कितनी होनी चाहिए। उत्तर प्रदेश पुलिस के लिए यह एक बड़ी चुनौती है कि वह करोड़ों की ठगी के बाद दुबई भागे मुख्य आरोपियों को कैसे पकड़े। फिलहाल निवेशकों को न्याय का इंतजार है।
विज्ञापन
विज्ञापन
पढ़िए फटाफट खबरेंस्वाइप करके पढ़ें