प्रयागराज (23 अप्रैल 2026): उत्तर प्रदेश के शिक्षा जगत का सबसे बड़ा दिन आ गया है। उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद (यूपी बोर्ड) ने 10वीं (हाईस्कूल) और 12वीं (इंटरमीडिएट) की वार्षिक बोर्ड परीक्षाओं के परिणाम आधिकारिक तौर पर जारी कर दिए हैं। गुरुवार दोपहर प्रयागराज स्थित यूपी बोर्ड मुख्यालय में माध्यमिक शिक्षा निदेशक डॉ. महेंद्र देव और यूपी बोर्ड के सचिव भगवती सिंह ने एक खचाखच भरी प्रेस कॉन्फ्रेंस में इन नतीजों का ऐलान किया।READ ALSO:-Petrol Diesel Price Hike: क्या चुनाव के बाद ₹25-28 महंगा होगा पेट्रोल-डीजल? सरकार ने दिया बड़ा बयान, बताई पूरी सच्चाई
\r\n\r\n\r\n\r\n\r\n

 

विज्ञापन
विज्ञापन
\r\n\r\n
इस साल का परिणाम कई मायनों में ऐतिहासिक और प्रेरणादायक रहा है। लाखों छात्रों की धड़कनें उस वक्त तेज हो गईं जब अधिकारियों ने पासिंग परसेंटेज और टॉपर्स के नामों की घोषणा शुरू की। जारी किए गए आंकड़ों के मुताबिक, यूपी बोर्ड हाईस्कूल का कुल पासिंग प्रतिशत 90.02% रहा है, जबकि इंटरमीडिएट का कुल पासिंग प्रतिशत 80.38% दर्ज किया गया है। हर बार की तरह, इस साल की मेरिट लिस्ट भी इसी बात की गवाही दे रही है कि जब भी मौका मिलता है, बेटियां अपनी मेहनत से नया इतिहास रच देती हैं।
\r\n\r\n\r\n\r\n\r\n

 

\r\n\r\n

हाईस्कूल (10वीं) के मेधावियों का शानदार प्रदर्शन: सीतापुर और बाराबंकी का दबदबा

\r\n\r\n
यूपी बोर्ड 10वीं के नतीजों पर नजर डालें तो इस बार अवध क्षेत्र के जिलों— खासकर सीतापुर और बाराबंकी— ने पूरे प्रदेश में अपनी मेधा का डंका बजाया है। टॉप 3 स्थानों पर इन्हीं दो जिलों के होनहारों ने कब्जा जमाया है।
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n

ये हैं हाईस्कूल के टॉपर्स (UP Board 10th Toppers List 2026):

\r\n\r\n
    \r\n
  • \r\n
    प्रथम स्थान (1st Rank): प्रदेश भर में पहला स्थान दो छात्राओं ने संयुक्त रूप से साझा किया है। सीतापुर की कशिश वर्मा और बाराबंकी की अंशिका वर्मा दोनों ने ही 97.83 प्रतिशत अंक हासिल कर पूरे उत्तर प्रदेश में सर्वोच्च मुकाम हासिल किया है।
    \r\n
  • \r\n
  • \r\n
    द्वितीय स्थान (2nd Rank): दूसरे पायदान पर भी बाराबंकी का ही जलवा रहा। यहाँ की अदिति ने 97.50 प्रतिशत अंकों के साथ स्टेट मेरिट में सेकंड रैंक हासिल की है।
    \r\n
  • \r\n
  • \r\n
    तृतीय स्थान (3rd Rank): तीसरे स्थान पर इस बार कड़ा मुकाबला देखने को मिला और तीन मेधावियों ने संयुक्त रूप से यह जगह बनाई। सीतापुर की अर्पिता, झांसी के ऋषभ साहू और बाराबंकी की परी वर्मा, इन तीनों ही होनहारों ने 97.33 प्रतिशत अंक प्राप्त कर प्रदेश में तीसरा स्थान अपने नाम किया है।
    \r\n
  • \r\n
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n

इंटरमीडिएट (12वीं) में शिखा वर्मा बनीं प्रदेश की सिरमौर

\r\n\r\n
इंटरमीडिएट (12वीं) की बात करें तो यहाँ की मेरिट सूची भी लड़कियों की सफलता की स्वर्णिम कहानी बयां कर रही है। कला, विज्ञान और वाणिज्य तीनों ही संकायों के छात्रों ने शानदार प्रदर्शन किया है।
\r\n\r\n\r\n\r\n\r\n

 

\r\n\r\n

ये हैं इंटरमीडिएट के टॉपर्स (UP Board 12th Toppers List 2026):

\r\n\r\n
    \r\n
  • \r\n
    प्रथम स्थान (1st Rank): इंटर की परीक्षा में शिखा वर्मा ने अद्भुत मेधा का प्रदर्शन करते हुए 97.60 प्रतिशत अंकों के साथ पूरे राज्य में प्रथम स्थान प्राप्त किया है।
    \r\n
  • \r\n
  • \r\n
    द्वितीय स्थान (2nd Rank): इस स्थान पर बाराबंकी की श्रेया वर्मा और बरेली की नंदिनी गुप्ता ने अपना कब्जा जमाया है। दोनों ही मेधावी छात्राओं ने 97.20 प्रतिशत अंक हासिल कर प्रदेश का नाम रौशन किया है।
    \r\n
  • \r\n
  • \r\n
    तृतीय स्थान (3rd Rank): तीसरे स्थान पर बरेली की सुरभि यादव और बाराबंकी की पूजा पाल मौजूद हैं। इन दोनों ही छात्राओं ने ठीक 97.00 प्रतिशत अंक हासिल किए हैं।
    \r\n
  • \r\n
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n

प्रेरणा की मिसाल: 'वेल्डिंग मजदूर' और 'फैक्ट्री वर्कर' की बेटियों ने छुआ आसमान

\r\n\r\n
यूपी बोर्ड का रिजल्ट हमेशा से ऐसे ही कच्चे हीरों को तराश कर दुनिया के सामने लाता है। इस बार इंटरमीडिएट की मेरिट सूची में दूसरे और तीसरे स्थान पर रहने वाली छात्राओं की कहानी लाखों युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत है।
\r\n\r\n

\r\n\r\n
12वीं कक्षा में पूरे प्रदेश में सेकंड टॉपर बनने वाली बरेली की नंदिनी गुप्ता (97.20%) एक बेहद साधारण पृष्ठभूमि से आती हैं। उनके पिता एक वेल्डिंग मजदूर के रूप में काम करते हैं और दिन-रात हाड़-तोड़ मेहनत करके परिवार का भरण-पोषण करते हैं। आर्थिक तंगी और संसाधनों के अभाव के बावजूद नंदिनी ने अपनी किताबों को ही अपना सबसे बड़ा हथियार बनाया और यह साबित कर दिया कि सफलता महलों की मोहताज नहीं होती। इसी तरह, तीसरे नंबर पर आने वाली सुरभि यादव (97%) के पिता इफको (IFFCO) फैक्ट्री में एक सामान्य कर्मचारी हैं। इन बेटियों की सफलता पर आज सिर्फ उनके माता-पिता ही नहीं, बल्कि पूरा प्रदेश गर्व महसूस कर रहा है।
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n

पांच सालों का ट्रैक रिकॉर्ड: लड़कों को मीलों पीछे छोड़ती बेटियां

\r\n\r\n
यह कोई पहला मौका नहीं है जब यूपी बोर्ड में छात्राओं ने छात्रों को पछाड़ा हो। पिछले कई वर्षों के आंकड़े इस बात के गवाह हैं कि लड़कियां शिक्षा के क्षेत्र में लगातार लड़कों से आगे निकल रही हैं।
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n

पिछले 5 वर्षों के पासिंग प्रतिशत पर एक नजर:

\r\n\r\n

 

\r\n\r\n
    \r\n
  • \r\n
    2026: इस साल भी 10वीं (90.02%) और 12वीं (80.38%) दोनों में लड़कियों ने पासिंग प्रतिशत में भारी अंतर से लड़कों को पीछे छोड़ दिया है।
    \r\n
  • \r\n
  • \r\n
    2025: 12वीं में लड़कियों का पासिंग प्रतिशत 86.37% था, जबकि लड़के उनसे पूरे 10 फीसदी पीछे यानी 76.60% पर ही रह गए थे।
    \r\n
  • \r\n
  • \r\n
    2024: इस वर्ष लड़कियों और लड़कों के बीच सफलता का फासला सबसे अधिक (14 प्रतिशत) दर्ज किया गया था। छात्राओं का रिजल्ट 83% था, जबकि छात्रों का महज 69.34% रहा।
    \r\n
  • \r\n
  • \r\n
    2023: लड़कियों का पासिंग प्रतिशत 90.15% रहा था, जबकि लड़कों का 81.21% दर्ज किया गया था।
    \r\n
  • \r\n
  • \r\n
    2022: इस वर्ष भी 2023 की तरह ही लड़कियों का प्रतिशत 90.15% और लड़कों का 81.21% था।
    \r\n
  • \r\n
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n
लगातार हो रहा यह शानदार प्रदर्शन ग्रामीण और शहरी दोनों ही क्षेत्रों में लड़कियों के प्रति बदलती सामाजिक सोच और उनकी अपनी दृढ़ इच्छाशक्ति का सीधा परिणाम है।
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n

टॉपर्स को मिलेगा यूपी सरकार से बड़ा इनाम

\r\n\r\n
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान यूपी बोर्ड के सचिव भगवती सिंह ने मेधावियों का उत्साहवर्धन करते हुए एक बड़ी जानकारी दी। उन्होंने बताया कि हाईस्कूल और इंटरमीडिएट की परीक्षा में राज्य भर में टॉप 10 पोजीशन हासिल करने वाले सभी छात्र-छात्राओं की मेरिट लिस्ट उत्तर प्रदेश सरकार को भेज दी गई है। राज्य सरकार की नीति के अनुसार, इन सभी होनहारों को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की ओर से एक विशेष सम्मान समारोह में नकद धनराशि, लैपटॉप और प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया जाएगा। इसके अलावा, जिलों में टॉप करने वाले छात्रों को भी स्थानीय स्तर पर सम्मानित करने की योजना है।
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n

कम अंक आए या फेल हुए? कतई निराश न हों, आपके पास हैं ये 2 शानदार मौके

\r\n\r\n
परीक्षा परिणाम के दिन खुशी और मायूसी का मिला-जुला माहौल होता है। जो छात्र सफल हुए, उनके लिए यह जश्न का वक्त है, लेकिन जो छात्र अपने अंकों से संतुष्ट नहीं हैं या एक-दो विषय में फेल हो गए हैं, उन्हें बिल्कुल भी हताश या निराश होने की जरूरत नहीं है। यूपी बोर्ड ने ऐसे छात्रों के भविष्य को सुरक्षित रखने के लिए दो बहुत ही महत्वपूर्ण विकल्प दिए हैं:
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n
1. कंपार्टमेंट परीक्षा (Compartment Exam) से बचाएं अपना साल: यूपी बोर्ड रिजल्ट 2026 जारी होने के बाद अगर कोई छात्र एक या अधिकतम दो विषयों में फेल (अनुत्तीर्ण) हो जाता है, तो उसे पूरा साल बर्बाद करने की जरूरत नहीं है। बोर्ड की ओर से ऐसे छात्रों को पास होने का एक अतिरिक्त मौका दिया जाता है। रिजल्ट जारी होने के कुछ दिनों बाद ही यूपी बोर्ड (UPMSP) की आधिकारिक वेबसाइट पर कंपार्टमेंट परीक्षा के फॉर्म उपलब्ध हो जाएंगे। छात्र निर्धारित शुल्क जमा करके यह फॉर्म भर सकते हैं और उन विषयों की दोबारा परीक्षा दे सकते हैं। यदि वे इस परीक्षा में पास हो जाते हैं, तो उन्हें उसी वर्ष पास घोषित कर दिया जाएगा।
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n
2. स्क्रूटिनी (Scrutiny) के लिए करें आवेदन: कई बार ऐसा होता है कि छात्र परीक्षा तो अच्छी देकर आते हैं, लेकिन उन्हें उम्मीद से काफी कम नंबर मिलते हैं। अगर आपको भी लगता है कि आपकी कॉपी सही से चेक नहीं हुई है या नंबर जोड़ने में कोई गलती हुई है, तो आप 'स्क्रूटिनी' (कॉपी की रीचेकिंग) के लिए आवेदन कर सकते हैं। इसके तहत आपकी उत्तरपुस्तिका की दोबारा जांच की जाएगी। हालांकि, ध्यान रहे कि स्क्रूटिनी और कंपार्टमेंट एग्जाम के बाद जो भी अंक (कम या ज्यादा) मिलेंगे, वही आपका अंतिम (Final) रिजल्ट माना जाएगा।
\r\n\r\n
डिजिलॉकर (DigiLocker) पर तुरंत मिलेगी डिजिटल मार्कशीट
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n
डिजिटल युग में अब छात्रों को अपनी मार्कशीट के लिए महीनों तक अपने स्कूल के चक्कर काटने की जरूरत नहीं है। सचिव भगवती सिंह ने स्पष्ट किया कि लगातार दूसरे साल यह व्यवस्था की गई है कि रिजल्ट जारी होने के तुरंत बाद सभी छात्रों की ई-मार्कशीट उनके डिजिलॉकर (DigiLocker) अकाउंट पर सीधे भेज दी जाएगी।
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n
छात्र तुरंत डिजिलॉकर ऐप डाउनलोड करके अपने आधार नंबर और बोर्ड परीक्षा के रोल नंबर की मदद से इसे एक्सेस कर सकते हैं। यह डिजिटल मार्कशीट सरकारी नौकरियों, कॉलेज में दाखिले और अन्य सभी कार्यों के लिए पूरी तरह से मान्य (Valid) होगी। वहीं, छात्रों की मूल 'हार्ड कॉपी' वाली मार्कशीट भी कुछ हफ्तों के भीतर उनके संबंधित स्कूलों में पहुंचा दी जाएगी, जहां से वे इसे प्राप्त कर सकेंगे।
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n
सभी सफल छात्र-छात्राओं को उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए ढेरों शुभकामनाएं! जो छात्र इस बार अपनी मंजिल तक नहीं पहुंच पाए हैं, वे इस परिणाम को एक नई शुरुआत मानें और दोगुनी मेहनत के साथ अगली परीक्षा की तैयारी में जुट जाएं।
विज्ञापन
विज्ञापन
पढ़िए फटाफट खबरेंस्वाइप करके पढ़ें