नई दिल्ली, 22 सितंबर, 2025: सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को मानहानि (Defamation) से जुड़े एक मामले की सुनवाई करते हुए एक महत्वपूर्ण टिप्पणी की है। जस्टिस एमएम सुंदरेश और जस्टिस सतीश चंद्र शर्मा की पीठ ने कहा कि "अब समय आ गया है कि इन सभी मामलों को अपराध की श्रेणी से बाहर कर दिया जाए।" यह टिप्पणी जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) की पूर्व प्रोफेसर अमिता सिंह द्वारा 2016 में दायर एक मानहानि मामले पर की गई है।READ ALSO:-बेंगलुरु से बनारस आ रही फ्लाइट में हड़कंप: यात्रियों ने कॉकपिट खोलने की कोशिश की, हाईजैक की आशंका से पायलट ने गेट किया लॉक
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क्या है पूरा मामला?
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यह मामला एक पोर्टल द्वारा 2016 में प्रकाशित एक रिपोर्ट से जुड़ा है, जिसमें JNU को एक 'ऑर्गनाइज्ड सेक्स रैकेट' का अड्डा बताया गया था। प्रोफ़ेसर अमिता सिंह ने इस रिपोर्ट के खिलाफ आपराधिक मानहानि का मामला दायर किया था। उनकी याचिका में दलील दी गई थी कि बिना किसी सत्यापन के इस तरह की रिपोर्ट प्रकाशित करना उनकी प्रतिष्ठा को सीधा नुकसान पहुंचाता है और यह व्यावसायिक लाभ उठाने का एक प्रयास है।
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इस मामले में, फाउंडेशन फॉर इंडिपेंडेंट जर्नलिज्म ने सुप्रीम कोर्ट में एक याचिका दायर की है, जिसमें उन्हें जारी समन को रद्द करने की मांग की गई है। कोर्ट ने इस याचिका पर नोटिस जारी किया है।
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केस की समयरेखा
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    2023: दिल्ली हाई कोर्ट ने इस मामले में पोर्टल और रिपोर्टर को जारी समन रद्द कर दिया था।
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    2024: सुप्रीम कोर्ट ने हाई कोर्ट के आदेश को पलट दिया और मामले को दोबारा विचार के लिए मजिस्ट्रेट के पास भेज दिया।
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    मई 2025: दिल्ली हाई कोर्ट ने दूसरे समन को चुनौती देने वाली याचिका को यह कहते हुए खारिज कर दिया कि चूंकि शिकायत 2016 में दर्ज की गई थी, इसलिए नए कानून भारतीय न्याय संहिता (BNSS) के प्रावधान इस पर लागू नहीं होंगे।
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सुप्रीम कोर्ट की यह टिप्पणी मानहानि कानून को लेकर एक बड़ी बहस को फिर से शुरू कर सकती है। इस मामले में, वरिष्ठ वकील कपिल सिब्बल ने भी सुप्रीम कोर्ट के विचार से सहमति जताई है।
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आगे क्या हो सकता है?
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यह सिर्फ सुप्रीम कोर्ट की एक टिप्पणी है, कोई फैसला नहीं. लेकिन यह इस बात का संकेत है कि आने वाले समय में आपराधिक मानहानि से जुड़े कानून में बदलाव देखने को मिल सकते हैं. अगर कोर्ट इस दिशा में आगे बढ़ता है, तो इससे भारत में मीडिया और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता (Freedom of Speech and Expression) को बढ़ावा मिलेगा.
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