उत्तर प्रदेश के मेरठ जनपद में दलित समाज पर की गई कथित अमर्यादित टिप्पणी और उस पर पुलिस की ढिलाई को लेकर आक्रोश फैल गया है। पुलिस की लचर कार्यप्रणाली और एससी-एसटी (SC/ST) एक्ट के तहत कार्रवाई न किए जाने से नाराज 'शोषित क्रांति दल' के सैकड़ों कार्यकर्ताओं ने सड़क पर उतरकर अपना विरोध दर्ज कराया।READ ALSO:-विवादों से घिरे इंफ्लूएंसर शादाब जकाती का बदला अंदाज: मेरठ में सड़क पर उतरकर कांवड़ियों को बांटे फल और दवाएं, सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल
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संगठन के महानगर अध्यक्ष वरुण कुमार के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने थाना टीपी नगर (Transport Nagar) प्रभारी अरुण कुमार मिश्रा के खिलाफ जमकर नारेबाजी करते हुए जुलूस निकाला और सीओ ब्रह्मपुरी (CO Brahmpuri) रामप्रकाश के कार्यालय का घेराव कर उन्हें एक ज्ञापन सौंपा।
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\r\n\r\nक्या है पूरा मामला?
\r\n\r\nशोषित क्रांति दल द्वारा पुलिस क्षेत्राधिकारी (CO) को सौंपे गए ज्ञापन के अनुसार, यह पूरा विवाद 6 अगस्त से जुड़ा हुआ है।
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- \r\n दलित समाज पर अभद्र टिप्पणी: ज्ञापन में बताया गया है कि 6 अगस्त को मोकमपुर निवासी चीकू, पवन और उनके कुछ अन्य साथियों ने सार्वजनिक रूप से दलित समाज के खिलाफ बेहद अमर्यादित, अभद्र और अश्लील टिप्पणी की थी।\r\n \r\n
- \r\n मुकदमा दर्ज: इस घृणित कृत्य के खिलाफ समाज के लोगों ने एकजुट होकर थाना टीपी नगर में नामजद आरोपियों के खिलाफ तहरीर दी, जिसके आधार पर पुलिस ने मुकदमा अपराध संख्या-423/26 दर्ज किया।\r\n \r\n

टीपी नगर SHO पर लगे गंभीर आरोप: "जानबूझकर हटाईं SC/ST एक्ट की धाराएं"
\r\n\r\nप्रदर्शनकारी कार्यकर्ताओं का सबसे बड़ा आक्रोश थाना टीपी नगर के थाना प्रभारी (SHO) अरुण कुमार मिश्रा की कार्यशैली को लेकर है।
\r\n\r\n\r\n\r\nसंगठन के महानगर अध्यक्ष वरुण कुमार ने आरोप लगाया कि:
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\r\n\r\n\r\n"थाना प्रभारी अरुण कुमार मिश्रा ने आरोपियों को बचाने की नीयत से दर्ज मुकदमे (मु0अ0सं0-423/26) में जानबूझकर एससी-एसटी एक्ट (SC/ST Act) की धाराएं शामिल नहीं की हैं। जब उनसे इस संबंध में बात की गई, तो उनका तर्क था कि इस मामले में एससी-एसटी एक्ट नहीं बनता है। पुलिस का यह रवैया दलित समाज का अपमान करने वालों को खुली छूट देने जैसा है।"\r\n
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सीओ कार्यालय पर करीब पौन घंटे तक चला हंगामा और घेराव
\r\n\r\nपुलिस की इस कथित मनमानी के विरोध में शोषित क्रांति दल के कार्यकर्ता हाथों में तख्तियां लेकर और पुलिस प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए सीओ ब्रह्मपुरी के कार्यालय पहुंचे।
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- \r\n घेराव और नारेबाजी: गुस्साए कार्यकर्ताओं ने करीब 45 मिनट (पौन घंटे) तक सीओ कार्यालय का घेराव किया और टीपी नगर पुलिस के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।\r\n \r\n
- \r\n प्रमुख मांगें: ज्ञापन के माध्यम से मांग की गई कि दर्ज मुकदमे में तत्काल प्रभाव से एससी-एसटी एक्ट की धाराएं बढ़ाई जाएं और नामजद चारों अभियुक्तों (चीकू, पवन व अन्य) को अविलंब गिरफ्तार कर जेल भेजा जाए, ताकि भविष्य में कोई भी व्यक्ति समाज के खिलाफ ऐसी ओछी हरकत करने की हिम्मत न कर सके।\r\n \r\n
प्रदर्शन में इन प्रमुख चेहरों की रही मौजूदगी
\r\n\r\nपुलिस के खिलाफ किए गए इस जोरदार प्रदर्शन और घेराव में शोषित क्रांति दल के कई वरिष्ठ पदाधिकारी और सामाजिक कार्यकर्ता मौजूद रहे। इनमें मुख्य रूप से शामिल थे:
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- \r\n रोहित अंबेडकर\r\n \r\n
- \r\n आलोक वर्मा\r\n \r\n
- \r\n अशोक टकसालिया\r\n \r\n
- \r\n आदेश राज\r\n \r\n
- \r\n हेमंत जाटव\r\n \r\n
- \r\n मयंक वर्मा\r\n \r\n
- \r\n अमित, अनिकेत, सूरज, नीरज\r\n \r\n
- \r\n उमेश प्रजापति, सुभाष\r\n \r\n
- \r\n दिनेश कुमार एडवोकेट\r\n \r\n
- \r\n राहुल कुमार, मुकेश, संगीता आदि।\r\n \r\n
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पुलिस का रुख और आगे की कार्रवाई
\r\n\r\nसीओ ब्रह्मपुरी रामप्रकाश ने प्रदर्शनकारी कार्यकर्ताओं की बातें शांतिपूर्वक सुनीं और उनका ज्ञापन स्वीकार किया। पुलिस अधिकारियों ने आश्वासन दिया है कि मामले से जुड़े सभी तथ्यों, वीडियो (यदि कोई हो) और बयानों की निष्पक्ष जांच की जाएगी। यदि जांच में एससी-एसटी एक्ट की धाराओं का उल्लंघन पाया जाता है, तो नियमानुसार मुकदमे में धाराएं बढ़ाई जाएंगी और दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।



Sabse pehle comment karne wale banein.