बिजनौर। पिछले कुछ दिनों से पहाड़ी क्षेत्रों में हो रही मूसलाधार बारिश का सीधा असर मैदानी इलाकों में देखने को मिल रहा है। उत्तर प्रदेश के बिजनौर जिले की तहसील चांदपुर अंतर्गत गंगा नदी का जलस्तर 29 जुलाई से लगातार बढ़ रहा है, जिससे तटीय और खादर क्षेत्रों में बाढ़ जैसे हालात पैदा हो गए हैं। गंगा के बढ़ते जलस्तर ने चांदपुर तहसील के दर्जनों गांवों के खेतों और रिहाइशी इलाकों को अपनी चपेट में ले लिया है।READ ALSO:-आजादी के जश्न में डूबा बिजनौर: प्रभारी मंत्री कपिल देव अग्रवाल और सांसद यशवंत के नेतृत्व में निकली ऐतिहासिक तिरंगा यात्रा, जनसैलाब से गूंजा शहर
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बाढ़ की इस गंभीर स्थिति को देखते हुए जिला व तहसील प्रशासन पूरी तरह से सतर्क और मुस्तैद नज़र आ रहा है। प्रभावित ग्रामीणों की मदद के लिए राहत सामग्री बांटने का कार्य युद्ध स्तर पर शुरू कर दिया गया है, ताकि इस विपदा की घड़ी में जरूरतमंदों को हर संभव सहायता पहुंचाई जा सके।
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रायपुर खादर के 85 परिवारों को बांटी गई राशन किट, पूर्व विधायक रहीं मौजूद

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बाढ़ प्रभावितों को तत्काल राहत पहुंचाने की कड़ी में गुरुवार को ग्राम रायपुर खादर में एक विशेष राहत किट वितरण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के दौरान पूर्व विधायक श्रीमती कमलेश सैनी द्वारा रायपुर खादर के 85 बाढ़ प्रभावित परिवारों को सूखा राशन और आवश्यक राहत किट का वितरण किया गया।
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राशन किट प्राप्त करने के बाद प्रभावित ग्रामीणों ने राहत की सांस ली। पूर्व विधायक ने ग्रामीणों को ढांढस बंधाते हुए कहा कि संकट की इस घड़ी में सरकार और प्रशासन पूरी तरह से उनके साथ खड़ा है और किसी भी पीड़ित को राशन या अन्य बुनियादी सुविधाओं की कमी नहीं होने दी जाएगी।
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14 अगस्त को अन्य गांवों में होगा राहत सामग्री का वितरण

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उप जिलाधिकारी (SDM) चांदपुर प्रशांत वर्मा ने विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि प्रशासन चरणबद्ध तरीके से सभी बाढ़ प्रभावित गांवों तक राहत सामग्री पहुंचा रहा है।
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उन्होंने आगामी वितरण योजना का ब्योरा देते हुए बताया:

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    14 अगस्त: ग्राम दत्तियाना के 49 प्रभावित परिवारों को राशन किट दी जाएगी।
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    14 अगस्त: ग्राम जमालुद्दीनपुर के 35 प्रभावित परिवारों को राहत सामग्री मिलेगी।
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    14 अगस्त: ग्राम मीरापुर सीकरी के 140 प्रभावित परिवारों को राशन किट का वितरण किया जाएगा।
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SDM ने स्पष्ट किया कि जिला स्तर से कुल 500 राशन किट की मांग भेजी गई थी, जिसके सापेक्ष प्रथम चरण में 320 राशन किट प्राप्त हो चुकी हैं। शेष राशन किट जैसे ही उपलब्ध होंगी, बचे हुए अन्य प्रभावित परिवारों को भी तत्काल वितरित कर दिया जाएगा।
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मोटरबोट और नावों से चलाया जा रहा रेस्क्यू व राहत अभियान

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प्रशांत वर्मा ने बताया कि गंगा नदी में अचानक जलस्तर बढ़ने के कारण तहसील चांदपुर के अंतर्गत आने वाले ग्राम मीरापुर सीकरी, सलेमपुर, दत्तियाना, सिंहाली, मुजफ्फरपुर खादर, जमालुद्दीनपुर, धीवरपुरा, रायपुर खादर, जलालपुर खादर, कुम्हरिया, शुजातपुर खादर और खानपुर खादर के खेतों में व्यापक रूप से पानी भर गया था।
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आगे स्थिति और बिगड़ने पर 08 अगस्त के बाद गंगा का पानी गांवों की आबादी तक पहुंच गया। ग्रामीणों और मवेशियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए प्रशासन ने तुरंत कदम उठाए:
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    01 अगस्त: तहसील को 02 मानव चालित नावें उपलब्ध कराई गईं।
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    08 अगस्त: स्थिति की गंभीरता को देखते हुए 01 अत्याधुनिक मोटरबोट भी बेड़े में शामिल की गई।
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वर्तमान में ये सभी नावें और मोटरबोट प्रभावित गांवों में ग्रामीणों को सुरक्षित स्थानों पर लाने, खाद्य सामग्री पहुंचाने और आपातकालीन चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराने में निरंतर कार्यरत हैं।
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पानी उतरते ही होगा कृषि क्षति का सर्वे, किसानों को मिलेगा मुआवजा

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बाढ़ के कारण सबसे बड़ा नुकसान किसानों की खड़ी फसलों को पहुंचा है। सैकड़ों एकड़ कृषि भूमि जलमग्न होने से फसलें पूरी तरह से डूब चुकी हैं। किसानों की चिंता पर बात करते हुए उप जिलाधिकारी प्रशांत वर्मा ने आश्वासन दिया कि किसी भी पात्र किसान का नुकसान बेकार नहीं जाने दिया जाएगा।
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उन्होंने बताया कि:

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    वर्तमान में खेतों में गहरा पानी भरा होने के कारण फसलों के नुकसान का सटीक आकलन करना संभव नहीं है।
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    जैसे ही गंगा का जलस्तर कम होगा और खेतों से पानी उतरेगा, तुरंत राजस्व एवं कृषि विभाग की संयुक्त टीमें गठित की जाएंगी।
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    ये टीमें गांव-गांव जाकर खेतों का मौके पर सर्वे करेंगी और फसल नुकसान का पारदर्शी आकलन (Damage Assessment) तैयार करेंगी।
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    सर्वे रिपोर्ट के आधार पर शासन के नियमों के अनुसार सभी पात्र और प्रभावित किसानों को सहायता/मुआवजा राशि सीधी उपलब्ध कराई जाएगी।
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प्रशासन रख रहा पल-पल की नज़र

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तहसील प्रशासन का कहना है कि बाढ़ प्रभावित सभी क्षेत्रों में स्थिति पर 24 घंटे निगरानी रखी जा रही है। जिला स्तर के वरिष्ठ अधिकारी भी लगातार चांदपुर क्षेत्र के संपर्क में हैं। ग्रामीणों से अपील की गई है कि वे नदी के किनारे या गहरे पानी वाले क्षेत्रों में जाने से बचें और किसी भी आपात स्थिति में तुरंत तहसील या पुलिस कंट्रोल रूम को सूचित करें।
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