सोशल मीडिया पर पेट्रोल और डीजल की कीमतों में क्रमशः ₹10 और ₹12.50 की बढ़ोतरी का दावा करने वाला एक सरकारी आदेश तेजी से वायरल हो रहा है। PIB फैक्ट चेक ने इस खबर को पूरी तरह फर्जी (Fake News) बत
Published at : 29 Apr 2026, 12:27 PM IST
Updated : 10:16 PM IST
· 08 Sep 2026
pib fact check debunks fake news of petrol diesel price hike in india
दावा किया गया कि पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय (Ministry of Petroleum and Natural Gas) ने पेट्रोल और डीजल की कीमतों में एकमुश्त भारी इजाफा कर दिया है। जैसे ही यह खबर फैली, लोगों में घबराहट पैदा हो गई। लेकिन, इससे पहले कि पेट्रोल पंपों पर लंबी कतारें लगनी शुरू होतीं, सरकार की आधिकारिक फैक्ट-चेक यूनिट PIB (प्रेस इंफॉर्मेशन ब्यूरो) फैक्ट चेक ने इस खबर का संज्ञान लिया और दूध का दूध और पानी का पानी कर दिया।
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🚨FAKE NEWS! \r\n \r\nAn order circulating on social media claims to be issued by the Ministry of Petroleum and Natural Gas, stating that petrol and diesel prices have been increased by ₹10 and ₹12.50, respectively.#PIBFactCheck: \r\n \r\n❌ This order is #FAKE . \r\n \r\n✅ The Government of India… pic.twitter.com/tMmJa0Y4qA
आइए, इस विस्तृत रिपोर्ट में जानते हैं कि आखिर वह भ्रामक दावा क्या था, चुनावों से इसे कैसे जोड़ा जा रहा था, और वर्तमान में देश के भीतर पेट्रोल-डीजल की कीमतों को लेकर असल स्थिति क्या है।
क्या है वह खौफनाक वायरल दावा जिसने उड़ाई लोगों की नींद?
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डिजिटल दुनिया में फेक न्यूज फैलाने वाले असामाजिक तत्व अक्सर सरकारी लेटरहेड, फर्जी हस्ताक्षर और सरकारी सील का इस्तेमाल करते हैं ताकि आम आदमी पहली नजर में उस पर भरोसा कर ले। इस बार भी कुछ ऐसा ही हुआ।
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देशभर में सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर जो संदेश और कथित सरकारी नोटिफिकेशन तेजी से वायरल हो रहा था, उसमें दावा किया गया था कि अंतरराष्ट्रीय दबाव और अन्य कारणों का हवाला देते हुए भारत सरकार ने तेल की कीमतों में बड़ा फेरबदल किया है।
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वायरल दावे के अनुसार: पेट्रोल की कीमतों में सीधे ₹10 प्रति लीटर की बढ़ोतरी कर दी गई है।
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डीजल को लेकर दावा: डीजल की कीमतों में ₹12.50 प्रति लीटर के भारी इजाफे का आदेश जारी किया गया है।
मध्यम वर्ग और रोजमर्रा के काम के लिए वाहनों पर निर्भर रहने वाले लोगों के लिए 10 से 12 रुपये की एकमुश्त बढ़ोतरी किसी बड़े झटके से कम नहीं थी। इस खबर को लोगों ने बिना सोचे-समझे अपने परिजनों और दोस्तों के ग्रुप्स में फॉरवर्ड करना शुरू कर दिया, जिससे अफरातफरी का माहौल बनने लगा।
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PIB फैक्ट चेक ने किया भ्रामक खबर का खंडन: "यह आदेश पूरी तरह फर्जी है"
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जैसे ही यह कथित नोटिफिकेशन लोगों के बीच चर्चा का प्रमुख विषय बना और मुख्यधारा की मीडिया तक इसकी भनक पहुंची, भारत सरकार की नोडल एजेंसी 'प्रेस इंफॉर्मेशन ब्यूरो' (PIB) की फैक्ट-चेक टीम तुरंत हरकत में आ गई। PIB Fact Check ने इस पूरे नोटिफिकेशन की बारीकी से जांच की और पेट्रोलियम मंत्रालय से संपर्क साधा।
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जांच के बाद PIB ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल्स (विशेषकर 'X') पर एक अलर्ट जारी करते हुए इस भ्रामक खबर का पूरी तरह से खंडन किया। PIB का आधिकारिक स्पष्टीकरण:
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"यह आदेश पूरी तरह से फर्जी (Fake) है। भारत सरकार के पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय की ओर से ऐसा कोई भी निर्देश, आदेश या नोटिफिकेशन जारी नहीं किया गया है।"
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सरकार ने इस बात पर जोर दिया कि शरारती तत्वों द्वारा एडिट करके यह फर्जी पत्र तैयार किया गया है और जनता को इससे बिल्कुल भी घबराने की आवश्यकता नहीं है।
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अफवाहों का बाजार गर्म: चुनाव खत्म होते ही कीमतों में 'आग' लगने का था दावा
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इस फर्जी खबर के इतनी तेजी से वायरल होने के पीछे एक बड़ी वजह देश का मौजूदा राजनीतिक माहौल भी था। यह अफवाह ऐसे समय में फैलाई गई जब देश के कुछ हिस्सों में विधानसभा चुनाव (Assembly Elections) के अंतिम चरणों का मतदान समाप्त हो रहा था।
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मनोवैज्ञानिक खेल और राजनीतिक अफवाहें: भारत में यह एक आम धारणा (या राजनीतिक जुमला) बन चुकी है कि चुनाव के दौरान सरकारें पेट्रोल-डीजल की कीमतें स्थिर रखती हैं और मतदान खत्म होते ही आम जनता पर महंगाई का बम फोड़ दिया जाता है। सोशल मीडिया पर कई यूजर्स, जिनमें कुछ राजनीतिक और सामाजिक हस्तियां भी शामिल थीं, यह दावा कर रहे थे कि चुनाव खत्म होते ही सरकार तेल की कीमतों में ₹25 से ₹28 तक की भारी-भरकम वृद्धि कर देगी।
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इस मनोवैज्ञानिक डर का फायदा उठाते हुए फेक न्यूज फैलाने वालों ने ₹10 और ₹12.50 की बढ़ोतरी का फर्जी आदेश वायरल कर दिया, जिसे लोगों ने मौजूदा हालात से जोड़कर सच मान लिया।
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मंत्रालय का स्पष्ट जवाब: इन तमाम अफवाहों पर विराम लगाते हुए पेट्रोलियम मंत्रालय ने साफ किया है कि वर्तमान में सरकार या तेल विपणन कंपनियों (OMCs) के पास कीमतों में किसी भी तरह के भारी बदलाव या वृद्धि का कोई प्रस्ताव विचाराधीन नहीं है।
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भ्रामक खबरों के खतरे: पेट्रोल पंपों पर लग सकती थी लाइनें
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सरकार ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए नागरिकों को एक महत्वपूर्ण सलाह दी है। भ्रामक खबरें केवल मोबाइल स्क्रीन तक सीमित नहीं रहतीं, बल्कि इनका सीधा असर जमीन पर (Law and Order पर) पड़ता है। अगर PIB ने समय रहते इस खबर का खंडन नहीं किया होता, तो 'पैनिक बाइंग' (Panic Buying) की स्थिति पैदा हो सकती थी। लोग पुरानी कीमतों पर टैंक फुल कराने के लिए पेट्रोल पंपों पर टूट पड़ते, जिससे:
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पेट्रोल पंपों पर अनावश्यक और बेकाबू भीड़ जमा हो जाती।
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ट्रैफिक जाम और अव्यवस्था फैलती।
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आर्टिफिशियल शॉर्टेज (कृत्रिम कमी) पैदा हो जाती, जिससे वास्तव में जिन्हें ईंधन की जरूरत है, वे परेशान होते।
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सरकार ने जनता से सख्त अपील की है कि वे ऐसे असंवेदनशील, तथ्यहीन और भ्रामक संदेशों को बिना जांचे-परखे आगे (Forward) न बढ़ाएं।
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कच्चे तेल का अंतरराष्ट्रीय बाजार और घरेलू स्थिति
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इस पूरे प्रकरण पर ऊर्जा क्षेत्र के विशेषज्ञों (Energy Experts) का भी बयान सामने आया है। विशेषज्ञों का कहना है कि यह सच है कि मिडिल ईस्ट (मध्य पूर्व) के तनाव और अन्य वैश्विक भू-राजनीतिक कारणों से अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल (Crude Oil) की कीमतों में लगातार उतार-चढ़ाव देखा जा रहा है।
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हालांकि, भारत में इसका सीधा और त्वरित असर इसलिए नहीं दिखता क्योंकि देश की सार्वजनिक क्षेत्र की तेल विपणन कंपनियां (जैसे IOCL, BPCL, HPCL) कीमतों को स्थिर रखने के लिए 'बफर' का इस्तेमाल करती हैं। अभी तक घरेलू स्तर पर तेल की कीमतों में कोई आधिकारिक बदलाव नहीं किया गया है। सरकार की प्राथमिकता हमेशा उपभोक्ताओं को अंतरराष्ट्रीय झटकों से बचाना होती है।
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कैसे जानें अपने शहर में पेट्रोल-डीजल का असली और ताज़ा भाव?
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सोशल मीडिया की अफवाहों से बचने का सबसे अच्छा तरीका यह है कि आप सीधे आधिकारिक स्रोतों से जानकारी प्राप्त करें। पेट्रोल और डीजल की कीमतें भारत में हर दिन सुबह 6 बजे अपडेट की जाती हैं। आप घर बैठे 3 आसान तरीकों से अपने शहर का असली भाव जान सकते हैं:
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SMS के जरिए (इंडियन ऑयल - IOCL): अपने मोबाइल के मैसेज बॉक्स में जाएं। टाइप करें RSP <स्पेस> अपने शहर का डीलर कोड और इसे 9224992249 पर भेज दें। (शहर का डीलर कोड इंडियन ऑयल की वेबसाइट पर उपलब्ध है)।
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भारत पेट्रोलियम (BPCL) के ग्राहक: टाइप करें RSP <स्पेस> डीलर कोड और इसे 9223112222 पर SMS करें।
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आधिकारिक ऐप्स: स्मार्टफोन यूजर्स IndianOil ONE, BPCL SmartDrive, या HP Pay जैसी तेल कंपनियों की आधिकारिक मोबाइल ऐप्स डाउनलोड करके हर दिन का रियल-टाइम भाव देख सकते हैं।
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पेट्रोल और डीजल की कीमतों में 10 और 12.50 रुपये की बढ़ोतरी की खबर एक सफेद झूठ है। एक जिम्मेदार नागरिक के तौर पर यह हमारा कर्तव्य है कि हम सोशल मीडिया पर मिलने वाली हर जानकारी को सच न मानें। किसी भी सरकारी आदेश की सत्यता जांचने के लिए हमेशा संबंधित मंत्रालय की आधिकारिक वेबसाइट या PIB (pib.gov.in) के फैक्ट चेक ट्विटर हैंडल (@PIBFactCheck) का रुख करें। अफवाहों से बचें और देश में शांति व व्यवस्था बनाए रखने में अपना योगदान दें।
Sabse pehle comment karne wale banein.