मुजफ्फरनगर जिले के चरथावल थाना क्षेत्र के अंतर्गत ग्राम दुधली देवी में आपराधिक तत्वों के हौसले बुलंद नजर आ रहे हैं। क्षेत्र के निवासी और किराना व खाद-बीज विक्रेता प्रमोद कुमार ने पुलिस प्रशासन पर लापरवाही का गंभीर आरोप लगाया है।
\r\n\r\nक्या है पूरा मामला?
\r\n\r\nपीड़ित प्रमोद कुमार के अनुसार, कुछ दिन पहले रात के अंधेरे में अज्ञात लोगों ने उनकी दुकान पर लगे सीसीटीवी कैमरों को तोड़ दिया। घटना के तुरंत बाद प्रमोद कुमार ने चरथावल थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराई और घटना की निष्पक्ष जांच की मांग की। हालांकि, शिकायत के कई दिन गुजर जाने के बावजूद पुलिस ने न तो घटनास्थल का मुआयना किया और न ही आरोपियों की पहचान के लिए कोई सक्रिय कदम उठाए।
\r\n\r\n'साक्ष्य मिटाने की साजिश' की आशंका
\r\n\r\nपीड़ित प्रमोद कुमार का मानना है कि सीसीटीवी कैमरे का टूटना केवल एक मामूली शरारत नहीं है, बल्कि यह किसी बड़ी आपराधिक घटना को अंजाम देने की सुनियोजित साजिश हो सकती है।
\r\n\r\nपीड़ित का आरोप: "कैमरे जानबूझकर तोड़े गए हैं ताकि भविष्य में यदि मेरे साथ कोई बड़ी आपराधिक घटना हो, तो उसका कोई भी साक्ष्य (Footage) पुलिस के पास न रहे। यह मेरे और मेरे परिवार की सुरक्षा के लिए सीधा खतरा है।"
\r\n\r\nपुलिस की कार्यशैली पर सवाल
\r\n\r\nदुकानदार का कहना है कि पुलिस की इस ढुलमुल नीति से अपराधियों में कानून का डर खत्म हो गया है। शिकायत के बावजूद आरोपियों की पहचान न होना प्रशासन की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े करता है। प्रमोद कुमार ने पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों से हस्तक्षेप की मांग करते हुए कहा है कि यदि समय रहते इन बदमाशों पर कार्रवाई नहीं हुई, तो वे और उनके परिवार के लोग हमेशा असुरक्षा के साये में जीने को मजबूर रहेंगे।
\r\n\r\nक्षेत्र में चर्चा का विषय
\r\n\r\nयह घटना अब पूरे गांव और आसपास के इलाकों में चर्चा का विषय बनी हुई है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि पुलिस एक छोटी सी शिकायत को भी गंभीरता से नहीं लेगी, तो अपराधियों के हौसले और बढ़ेंगे और क्षेत्र में ऐसी घटनाओं को बढ़ावा मिलेगा।
\r\n\r\nअब सबकी निगाहें चरथावल पुलिस पर टिकी हैं कि वे इस मामले में क्या प्रभावी कार्रवाई करती है और पीड़ित को न्याय व सुरक्षा कब तक मिलती है।
Sabse pehle comment karne wale banein.