उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद में यूपी पुलिस ने एक बड़े एनकाउंटर (Moradabad Police Encounter) में कुख्यात उधम सिंह गैंग के शार्प शूटर आशु उर्फ मोंटी को ढेर कर दिया है। आशु ने मुरादाबाद के एक बड़े
Published at : 02 Apr 2026, 09:17 AM
Updated at : 11 Sep 2026, 09:25 PM
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moradabad police encounter udham singh gang shooter ashu monty dead 5 crore extortion
मुरादाबाद: उत्तर प्रदेश में अपराधियों और माफियाओं के खिलाफ योगी सरकार की 'जीरो टॉलरेंस' नीति का असर लगातार देखने को मिल रहा है। पश्चिमी उत्तर प्रदेश में दहशत का पर्याय बन चुके बदमाशों पर पुलिस का कहर जारी है। इसी कड़ी में बुधवार रात मुरादाबाद पुलिस को एक बड़ी कामयाबी हाथ लगी है। मुरादाबाद के सिविल लाइंस इलाके में पुलिस और बदमाशों के बीच हुई एक भीषण मुठभेड़ (Encounter) में पुलिस ने 5 करोड़ रुपये की रंगदारी मांगने वाले एक खूंखार बदमाश को मार गिराया है।READ SALSO:-सिम बाइंडिंग: मोबाइल में सिम नहीं तो अब नहीं चलेंगे WhatsApp और Telegram, सरकार ने डेडलाइन बढ़ाकर दी बड़ी मोहलत
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मारे गए बदमाश की पहचान पश्चिमी यूपी के कुख्यात उधम सिंह गैंग (Udham Singh Gang) के शार्प शूटर आशु उर्फ मोंटी (40 वर्ष) के रूप में हुई है। आशु पर हत्या, लूट और रंगदारी सहित 33 से अधिक संगीन मुकदमे दर्ज थे और वह मुरादाबाद के एक बड़े एक्सपोर्टर से 5 करोड़ रुपये की रंगदारी मांगने के मामले में वांछित चल रहा था। पुलिस ने इस कुख्यात अपराधी की गिरफ्तारी पर 50 हजार रुपये का इनाम भी रखा हुआ था।
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इंटरनेशनल निर्यातक से मांगी थी 5 करोड़ की फिरौती
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मुरादाबाद को 'पीतल नगरी' (Brass City) के नाम से जाना जाता है और यहां का हस्तशिल्प पूरी दुनिया में मशहूर है। इसी शहर के शुभम ग्रीन विला निवासी अरशू ढल एक बड़े कारोबारी हैं। उनकी 'बजीरचंद एक्सपोर्ट्स' के नाम से एक बड़ी फर्म है। अरशू ढल अपनी इस फर्म के माध्यम से ब्रास, ग्लास और वुडन (लकड़ी) के शानदार होम डेकोर आइटम तैयार करवाते हैं और उन्हें दुनिया भर के 125 से ज्यादा देशों में एक्सपोर्ट करते हैं।
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एसटीएफ फील्ड यूनिट मेरठ एवं मुरादाबाद पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में थाना भोजपुर क्षेत्र, मुरादाबाद में हुई मुठभेड़ के दौरान 01 लाख रुपये इनामी आसिफ उर्फ “टिड्डा” एवं 50,000 रुपये इनामी दीनू, गोली लगने से घायल हुए, जिन्हें उपचार हेतु अस्पताल ले जाया गया (1/2) pic.twitter.com/xQluvJ0PaF
कारोबारी अरशू ढल ने पुलिस को दी गई अपनी शिकायत में बताया था कि 12 मार्च की रात करीब 8 बजे उनके मोबाइल फोन पर एक अज्ञात नंबर से मिस्ड कॉल आई थी। इस मिस्ड कॉल के लगभग एक मिनट बाद ही उसी नंबर से व्हाट्सएप (WhatsApp) पर कॉल आई। जब कारोबारी ने कॉल रिसीव की, तो फोन के दूसरी तरफ मौजूद शख्स ने बिना कोई बात किए सीधे भद्दी-भद्दी गालियां देना शुरू कर दिया। घबराकर कारोबारी ने तुरंत फोन काट दिया।
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लेकिन बदमाशों का खौफ यहीं नहीं रुका। थोड़ी देर बाद ही आरोपी ने व्हाट्सएप पर एक धमकी भरा मैसेज भेजा। उस मैसेज में साफ तौर पर लिखा था कि "जल्दी 5 करोड़ रुपये का इंतजाम करो।" इसके बाद 14 मार्च को दोपहर करीब ढाई बजे आरोपी ने फिर से व्हाट्सएप पर कॉल की और धमकी देते हुए कहा, "तुम शायद उधम सिंह को नहीं जानते। अगर रकम नहीं दी तो जान से मार देंगे।"
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दहशत फैलाने के लिए फैक्ट्री पर की गई थी फायरिंग
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बदमाश केवल धमकी देकर नहीं रुके। कारोबारी के दिल में खौफ पैदा करने और अपनी दहशत कायम करने के लिए अगले ही दिन (15 मार्च) बाइक सवार बदमाश अरशू ढल की फैक्ट्री के गेट पर पहुंच गए। उन्होंने दिनदहाड़े फैक्ट्री के गेट पर अंधाधुंध फायरिंग की और मौके से फरार हो गए। इस घटना से पूरे इलाके और कारोबारी जगत में दहशत फैल गई।
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फायरिंग की इस खौफनाक घटना के बाद फैक्ट्री के सिक्योरिटी गार्ड उमेश ने तुरंत मुरादाबाद के सिविल लाइंस थाने में जाकर अज्ञात बदमाशों के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई। मुरादाबाद के मौजूदा एसएसपी (SSP) सतपाल अंतिल पहले मेरठ जिले में भी तैनात रह चुके हैं। मेरठ तैनाती के दौरान वे पश्चिमी यूपी के कुख्यात उधम सिंह गैंग की कार्यप्रणाली (Modus Operandi) और उनके गुर्गों के बारे में बहुत अच्छी तरह से वाकिफ थे। मामले की गंभीरता और गैंग के काम करने के तरीके को भांपते हुए एसएसपी सतपाल अंतिल ने तुरंत एक्शन लिया और इस गैंग के सदस्यों का पता लगाने के लिए पुलिस और एसओजी (SOG) की 5 विशेष टीमें गठित कर दीं।
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ऐसे उधम सिंह के संपर्क में आया था शूटर आशु मोंटी
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पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, एनकाउंटर में मारा गया आशु चड्ढा उर्फ मोंटी मूल रूप से हापुड़ जिले के हाफिजपुर थाना क्षेत्र के मीरापुर गांव का रहने वाला था। आशु का आपराधिक इतिहास काफी लंबा और रक्तरंजित रहा है। साल 2010 में वह पहली बार एक हत्या के जघन्य मामले में जेल गया था।
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जेल की सलाखों के पीछे ही उसकी मुलाकात पश्चिमी यूपी के मोस्ट वांटेड क्रिमिनल उधम सिंह और उसके गैंग के अन्य गुर्गों से हुई। जेल के अंदर ही आशु उधम सिंह के प्रभाव में आ गया और बाहर आने के बाद वह इस खूंखार गैंग का एक बेहद सक्रिय और खतरनाक सदस्य (शार्प शूटर) बन गया। जमानत मिलने के बाद उसने पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कई जिलों में लूट, हत्या और रंगदारी की अनगिनत घटनाओं को अंजाम दिया। उसके खौफ का आलम यह था कि पश्चिमी यूपी के कई थानों में उसके खिलाफ 33 से ज्यादा संगीन आपराधिक मुकदमे दर्ज हो चुके थे। हाल ही में वह एक मामले में जेल से जमानत पर छूटा था और बाहर आते ही उसने फिर से रंगदारी का अपना पुराना धंधा शुरू कर दिया था।
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कैसे हुआ सिविल लाइंस में देर रात एनकाउंटर?
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पुलिस आशु मोंटी की सरगर्मी से तलाश कर रही थी और उसके संभावित ठिकानों पर लगातार दबिश दे रही थी। इसी बीच बुधवार रात पुलिस के मुखबिर तंत्र (Informers) ने एक सटीक और पुख्ता सूचना दी। मुखबिर ने बताया कि आशु उर्फ मोंटी रात के अंधेरे में कारोबारी अरशू ढल से रंगदारी की रकम वसूलने या फिर किसी बड़ी वारदात को अंजाम देने के इरादे से मुरादाबाद के सिविल लाइंस इलाके में आने वाला है।
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सूचना मिलते ही मुरादाबाद पुलिस की विशेष टीमों ने पूरे सिविल लाइंस इलाके में सघन चेकिंग अभियान शुरू कर दिया और इलाके की घेराबंदी कर ली। रात करीब 9 बजे के आसपास, पोस्टमॉर्टम हाउस के पास पुलिस ने एक संदिग्ध बाइक को आते देखा। जब पुलिस टीम ने उसे रुकने का इशारा किया, तो बाइक सवार (आशु मोंटी) पुलिस को देखकर घबरा गया और बाइक की रफ्तार तेज कर भागने का प्रयास करने लगा।
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(2/2) जहाँ उपचार के दौरान उनकी मृत्यु हो गई। मौके से 01 कार, अवैध शस्त्र व भारी मात्रा में कारतूस बरामद हुए। इस सम्बन्ध में #SSP_MoradabadPolice@satpal_IPS की बाईट।#UPPolice
पुलिस की टीमों ने जब उसका पीछा किया और उसे सरेंडर करने की चेतावनी दी, तो खुद को चारो तरफ से घिरता देख आशु मोंटी ने पुलिस टीम पर अपनी अवैध पिस्टल से सीधी फायरिंग शुरू कर दी। पुलिस ने भी आत्मरक्षा में जवाबी फायरिंग (Retaliatory Firing) की। इस भीषण गोलीबारी में आशु मोंटी को दो गोलियां लगीं। इनमें से एक गोली सीधे उसके सीने को चीरती हुई निकल गई। गोली लगते ही वह अपनी बाइक समेत सड़क पर गिर पड़ा और मौके पर ही अचेत हो गया।
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इस बीच, अंधेरे और अफरातफरी का फायदा उठाकर आशु का एक साथी बदमाश मौके से फरार होने में कामयाब हो गया। पुलिस टीम तुरंत घायल आशु को लेकर मुरादाबाद के जिला अस्पताल पहुंची, जहां इमरजेंसी में तैनात डॉक्टरों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। फरार हुए दूसरे बदमाश की तलाश में पुलिस की कई टीमें इलाके में कॉम्बिंग और सघन सर्च ऑपरेशन चला रही हैं।
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उधम सिंह की रिहाई और पश्चिमी यूपी में अलर्ट
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गौरतलब है कि पश्चिमी यूपी का कुख्यात माफिया और गैंग लीडर उधम सिंह लंबे समय तक जेल में रहने के बाद हाल ही में, 26 मार्च को 4 साल, 8 महीने और 5 दिन बाद जेल से जमानत पर रिहा होकर बाहर आया था। उसकी इस रिहाई के बाद से ही मेरठ पुलिस ने तुरंत एक हाई अलर्ट जारी कर दिया था। उधम सिंह की रिहाई को देखते हुए मेरठ, मुरादाबाद, बिजनौर और गाजियाबाद सहित पश्चिमी यूपी के तमाम जिलों की पुलिस को अलर्ट मोड पर रखा गया था, ताकि यह गैंग बाहर आकर फिर से अपना खौफ न फैला सके। आशु मोंटी का यह एनकाउंटर उसी अलर्टनेस और पुलिस की त्वरित कार्रवाई का नतीजा माना जा रहा है।
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यूपी पुलिस का 'ऑपरेशन लंगड़ा' और एनकाउंटर के आंकड़े
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उत्तर प्रदेश में अपराधियों पर लगाम कसने के लिए पुलिस लगातार सख्त कदम उठा रही है। राज्य सरकार द्वारा जारी किए गए आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के सत्ता में आने के बाद से (मार्च 2017 से अक्टूबर 2025 तक) यूपी पुलिस ने 260 दुर्दांत अपराधियों को एनकाउंटर में ढेर किया है।
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इस समयावधि के दौरान प्रदेश भर में 15,000 से अधिक पुलिस एनकाउंटर (मुठभेड़) दर्ज किए गए हैं। इन मुठभेड़ों में 31,000 से ज्यादा अपराधियों को गिरफ्तार कर जेल की सलाखों के पीछे भेजा गया है, जबकि 10,000 से ज्यादा बदमाशों को जवाबी फायरिंग में गोली लगी है (जिसे आम बोलचाल में 'ऑपरेशन लंगड़ा' कहा जाता है)। मुरादाबाद में आशु मोंटी का मारा जाना इसी कड़ी का एक और बड़ा हिस्सा है, जिसने पश्चिमी यूपी के अपराधियों को एक स्पष्ट संदेश दे दिया है कि कानून व्यवस्था से खिलवाड़ करने वालों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा।
Sabse pehle comment karne wale banein.