उत्तर प्रदेश में कानून व्यवस्था (Law and Order) को सुदृढ़ बनाए रखने और आम जनता में सुरक्षा का भाव पैदा करने के लिए पुलिस लगातार एक्शन मोड में है। 'ऑपरेशन लंगड़ा' के तहत यूपी पुलिस उन तमाम अपराधियों की धरपकड़ कर रही है, जो या तो फरार चल रहे हैं या फिर पुलिस पर हमला करने की जुर्रत कर रहे हैं। राज्य के तीन बड़े जिलों से पुलिस मुठभेड़ और बड़ी गिरफ्तारियों की खबरें सामने आई हैं। इन सफल ऑपरेशनों में मेरठ पुलिस की स्वाट टीम (SWAT Team) से लेकर गाजीपुर और बदायूं के जांबाज पुलिस अधिकारियों ने अपनी कार्यकुशलता का बेहतरीन परिचय दिया है। आइए विस्तार से जानते हैं कि किस जिले में पुलिस ने किस तरह से अपराधियों के मंसूबों पर पानी फेरा।
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1. मेरठ: 25 हजार के इनामी बदमाश 'नीशू' का खेल खत्म, स्वाट टीम को बड़ी कामयाबी

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मेरठ जिले में अपराधियों की रीढ़ तोड़ने के लिए पुलिस लगातार दबिश दे रही है। इसी कड़ी में मेरठ की लोहियानगर पुलिस और स्पेशल वेपन एंड टैक्टिक्स (SWAT) टीम ने एक संयुक्त और बेहद गोपनीय ऑपरेशन चलाते हुए 25,000 रुपये के इनामी बदमाश नीशू उर्फ निशांत को गिरफ्तार कर लिया है। यह अपराधी पिछले कई दिनों से पुलिस को चकमा दे रहा था और इसकी गिरफ्तारी मेरठ पुलिस के लिए एक बड़ी चुनौती बन गई थी।
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क्या था पूरा मामला?

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यह सनसनीखेज मामला 27 मई 2026 का है। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, खुब्बापुर माखनपुर (हाल निवासी ग्राम चन्दसारा, लोहियानगर) के रहने वाले हिमांशु नामक युवक ने थाने में एक लिखित तहरीर दी थी। इस शिकायत में बताया गया था कि पुरानी रंजिश के चलते नीशू उर्फ निशांत ने अपने तीन अन्य साथियों—पुलकित, अरुणेश और मुकेश—के साथ मिलकर वादी (हिमांशु) के मामा रामनाथ पर जानलेवा हमला कर दिया था।
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अपराधियों के हौसले इतने बुलंद थे कि उन्होंने दिनदहाड़े लाठी-डंडों और लोहे की भारी सरिया से रामनाथ को बुरी तरह पीटा। इस बर्बर हमले में रामनाथ गंभीर रूप से घायल हो गए थे, जिन्हें बाद में आनन-फानन में अस्पताल में भर्ती कराया गया था।
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कैसे हुई नीशू की गिरफ्तारी?

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घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने तुरंत थाना लोहियानगर में हत्या के प्रयास (Attempt to Murder) और अन्य गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया था। पुलिस की दबिश के चलते मामले में शामिल दो आरोपी, पुलकित और अरुणेश, पहले ही गिरफ्तार होकर सलाखों के पीछे जा चुके थे। लेकिन मुख्य साजिशकर्ता नीशू उर्फ निशांत लगातार अपनी लोकेशन बदल कर फरार चल रहा था।
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पुलिस ने उस पर शिकंजा कसने के लिए 25 हजार रुपये का इनाम घोषित किया। बीती रात मुखबिर से मिली एक पुख्ता सूचना के आधार पर, लोहिया नगर थाना प्रभारी सुमित तोमर के नेतृत्व में पुलिस और स्वाट टीम ने घेराबंदी की। आरोपी नीशू को चन्दसारा रेलवे हाल्ट के पास से दबोच लिया गया। थाना प्रभारी ने बताया कि आरोपी से पूछताछ की जा रही है और उसके खिलाफ कड़ी विधिक कार्रवाई सुनिश्चित की जा रही है।
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2. बदायूं: 4 साल की मासूम से दरिंदगी करने वाले बुजुर्ग को पुलिस ने मारी गोली

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बदायूं जिले के अलापुर थाना क्षेत्र से एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई थी, जिसने पूरे इलाके में आक्रोश पैदा कर दिया था। यहां एक 4 वर्षीय मासूम बच्ची के साथ दुष्कर्म की खौफनाक वारदात को अंजाम दिया गया। लेकिन पुलिस ने मामले की संवेदनशीलता को समझते हुए त्वरित कार्रवाई की और मुठभेड़ (Encounter) के बाद आरोपी को गिरफ्तार कर लिया।
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दरिंदगी की खौफनाक रात

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जानकारी के मुताबिक, अलापुर थाना क्षेत्र के एक गांव से 25 जून की रात करीब 8:00 बजे एक 4 साल की बच्ची अचानक लापता हो गई थी। परिजनों ने रात भर उसे तलाशा और पुलिस को सूचना दी। गहन खोजबीन के बाद मासूम बच्ची गांव से करीब 1 किलोमीटर दूर एक सुनसान खेत में गंभीर हालत में बरामद हुई। मेडिकल जांच में बच्ची के साथ दुष्कर्म (Rape) की पुष्टि हुई, जिसके बाद पुलिस ने मामले में पॉक्सो एक्ट (POCSO Act) और अन्य कठोर धाराओं के तहत तुरंत एफआईआर (FIR) दर्ज की।
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मुठभेड़ और आरोपी का हश्र

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पुलिस ने अपराधियों को पकड़ने के लिए कई टीमें गठित कीं। जांच के दौरान गांव के ही एक 58 वर्षीय बुजुर्ग अबरार का नाम सामने आया। पुलिस जब अबरार को गिरफ्तार करने पहुंची, तो उसने भागने की कोशिश की और पुलिस टीम पर हमला कर दिया। जवाबी आत्मरक्षा में पुलिस ने फायरिंग की।
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वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) अंकिता शर्मा ने मीडिया को जानकारी देते हुए बताया कि पुलिस की जवाबी फायरिंग में आरोपी अबरार के दोनों पैरों में गोली लगी है। घायल आरोपी को तुरंत पुलिस अभिरक्षा में अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उसका इलाज चल रहा है। एसएसपी ने साफ शब्दों में कहा कि महिलाओं और बच्चियों के खिलाफ अपराध करने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा और मामले में फास्ट ट्रैक कोर्ट के जरिए कठोर सजा दिलाई जाएगी।
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3. गाजीपुर: रात के अंधेरे में गो-तस्करों और पुलिस में मुठभेड़, मुख्य तस्कर को लगी गोली

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अपराधियों के खिलाफ यूपी पुलिस का 'ऑपरेशन लंगड़ा' गाजीपुर जिले में भी पूरी धमक के साथ नजर आया। रविवार देर रात गाजीपुर के बिरनो थाना क्षेत्र में पुलिस और शातिर गो-तस्करों (Cow Smugglers) के बीच आमने-सामने की मुठभेड़ हो गई। इस कार्रवाई में एक तस्कर को गोली लगी है, जबकि उसके दो अन्य साथियों को पुलिस ने रंगे हाथों दबोच लिया है।
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कैसे बिछाया पुलिस ने जाल?

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रविवार रात बिरनो थाना प्रभारी (SHO) शैलेन्द्र प्रताप सिंह अपनी पूरी टीम के साथ जरगो से पलिया मार्ग पर नियमित रात्रि गश्त (Night Patrolling) कर रहे थे। पुलिस को इलाके में असामाजिक तत्वों के सक्रिय होने का इनपुट मिला था। गश्त के दौरान ही पलिया स्थित प्रसिद्ध हनुमान मंदिर के पास पुलिस टीम को सामने से आती हुई एक संदिग्ध पिकअप गाड़ी दिखाई दी।
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बदमाशों ने की फायरिंग, पुलिस का मुंहतोड़ जवाब

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पुलिस ने जैसे ही टार्च और बैरिकेडिंग की मदद से पिकअप को रुकने का इशारा किया, वाहन में सवार बदमाशों में अफरा-तफरी मच गई। पुलिस को देखते ही गो-तस्करों ने जान से मारने की नीयत से पुलिस टीम पर ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू कर दी।
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पुलिस ने भी अद्वितीय साहस का परिचय देते हुए आत्मरक्षा में जवाबी फायरिंग (Retaliatory Firing) की। इस फायरिंग के दौरान मुख्य आरोपी सेराज खान (निवासी नोनहरा) के दाहिने पैर में गोली लग गई और वह वहीं गिर पड़ा। उसे तुरंत पुलिस कस्टडी में लेकर उपचार के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) बिरनो भेजा गया।
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भारी मात्रा में असलहा और गोवंश बरामद

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अंधेरे का फायदा उठाकर भागने की कोशिश कर रहे उसके दो अन्य साथियों को पुलिस की मुस्तैद टीम ने दौड़ाकर मौके से ही दबोच लिया। पकड़े गए दोनों आरोपियों की पहचान संतोष राजभर (निवासी करीमुद्दीनपुर) और दिलमोहन राठौर (निवासी गुलालसराय) के रूप में हुई है।
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बिरनो पुलिस के अनुसार, जांच के दौरान संदिग्ध पिकअप वाहन से 4 गोवंश (Bovines) क्रूरतापूर्वक बांधे हुए मिले, जिन्हें सकुशल मुक्त करा लिया गया है। इसके साथ ही तस्करों के कब्जे से पुलिस ने एक अवैध तमंचा, एक खोखा कारतूस और एक जिंदा कारतूस भी बरामद किया है। पुलिस अब इन तस्करों के पूरे नेटवर्क (Syndicate) और इनके आकाओं का पता लगाने के लिए गहनता से पूछताछ कर रही है।
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मेरठ, बदायूं और गाजीपुर की ये तीन घटनाएं इस बात का स्पष्ट प्रमाण हैं कि उत्तर प्रदेश पुलिस अपराधियों के खिलाफ कितनी मुस्तैद है। चाहे बात पुरानी रंजिश में जानलेवा हमला करने वाले ईनामी बदमाशों की हो, मासूम बच्चियों से दरिंदगी करने वाले हैवानों की, या फिर संगठित अपराध करने वाले गो-तस्करों की—पुलिस की गोली और कानून का डंडा हर अपराधी पर समान रूप से बरस रहा है। यूपी पुलिस की इस ताबड़तोड़ कार्रवाई से राज्य के आम नागरिकों में सुरक्षा का गहरा भाव उत्पन्न हो रहा है और अपराधियों के हौसले पस्त हो रहे हैं।
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