लखनऊ (ख़बरीलाल न्यूज़)। उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार ने राज्य के बुनियादी ढांचे और सडक़ कनेक्टिविटी को एक नया आयाम देते हुए विधानसभा के मॉनसून सत्र में पारित अनुपूरक बजट में एक्सप्रेसवे नेटवर्क के विस्तार के लिए 18,400 करोड़ रुपये से अधिक की बड़ी वित्तीय मंजूरी दी है। वित्त मंत्री सुरेश खन्ना द्वारा पेश किए गए 59,000 करोड़ रुपये के अनुपूरक बजट में प्रदेश के 5 प्रमुख नए एक्सप्रेसवे और लिंक कॉरिडोर को हरी झंडी दिखाई गई है।
\r\n\r\n
 
\r\n\r\n
​इस बजट की सबसे बड़ी घोषणा गंगा एक्सप्रेसवे का मेरठ से हरिद्वार (उत्तराखंड) तक विस्तार और विंध्य क्षेत्र को पूर्वांचल तथा प्रयागराज से जोडने वाले विंध्य एक्सप्रेसवे का निर्माण है। सरकार का मुख्य उद्देश्य राज्य में बन रहे बड़े एक्सप्रेसवे को आपस में जोड़कर एक एकीकृत 'हाई-स्पीड नेटवर्क ग्रिड' तैयार करना है, जिससे औद्योगिक विकास, पर्यटन और माल ढुलाई को अप्रत्याशित रफ्तार मिल सके।
\r\n\r\n
 
\r\n\r\n

​गंगा एक्सप्रेसवे का हरिद्वार तक विस्तार: मेरठ से उत्तराखंड की राह होगी बेहद आसान

\r\n\r\n
​उत्तर प्रदेश के महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट गंगा एक्सप्रेसवे के दूसरे चरण का दायरा अब उत्तराखंड की सीमा तक बढ़ा दिया गया है। बजट में मेरठ से हरिद्वार विस्तार परियोजना के लिए ₹5,780 करोड़ का भारी आवंटन किया गया है।
\r\n\r\n
 
\r\n\r\n
    \r\n
  • \r\n
    ​रूट और कनेक्टिविटी: मेरठ से शुरू होकर यह विस्तारित मार्ग मुजफ्फरनगर और रुड़की (उत्तराखंड) होते हुए सीधा धार्मिक नगरी हरिद्वार से जुड़ेगा।
    \r\n
  • \r\n
  • \r\n
    ​वर्तमान स्थिति: मेरठ से प्रयागराज तक का 594 किलोमीटर लंबा गंगा एक्सप्रेसवे मुख्य चरण के रूप में तैयार किया गया है। अब हरिद्वार विस्तार जुड़ने से यह देश के सबसे लंबे एकीकृत कॉरिडोरों में से एक बन जाएगा।
    \r\n
  • \r\n
  • \r\n
    ​श्रद्धालुओं व यात्रियों को लाभ: दिल्ली-एनसीआर, पश्चिमी यूपी और पूर्वांचल से हरिद्वार-ऋषिकेश जाने वाले श्रद्धालुओं को अब दिल्ली के भारी ट्रैफिक में फंसने की आवश्यकता नहीं होगी। यात्री बिना किसी बाधा के सीधे हाई-स्पीड कॉरिडोर से हरिद्वार पहुंच सकेंगे।
    \r\n
  • \r\n
\r\n\r\n
 
\r\n\r\n

​विंध्य एक्सप्रेसवे: ₹6,580 करोड़ से बदलेगी 6 जिलों की तस्वीर

\r\n\r\n
​राज्य के खनिज-समृद्ध और प्राकृतिक रूप से समृद्ध विंध्य क्षेत्र को मुख्यधारा की अर्थव्यवस्था से मजबूती से जोडने के लिए विंध्य एक्सप्रेसवे का मार्ग प्रशस्त हो गया है। अनुपूरक बजट में इस परियोजना के लिए सबसे बड़ा हिस्सा यानी ₹6,580 करोड़ आवंटित किया गया है।
\r\n\r\n
 
\r\n\r\n
    \r\n
  • \r\n
    ​लंबाई और भौगोलिक चुनौती: यह एक्सप्रेसवे लगभग 333 किलोमीटर लंबा होगा, जिसे पहाड़ी और नदीय क्षेत्रों की जटिल भौगोलिक संरचना के बीच अत्याधुनिक इंजीनियरिंग से तैयार किया जाएगा।
    \r\n
  • \r\n
  • \r\n
    ​लाभान्वित जिले: प्रयागराज, मिर्जापुर, वाराणसी, चंदौली और सोनभद्र (शक्तिनगर) जैसे 6 प्रमुख जिलों को इस एक्सप्रेसवे का सीधा लाभ मिलेगा।
    \r\n
  • \r\n
  • \r\n
    ​औद्योगिक व आर्थिक प्रभाव: सोनभद्र और मिर्जापुर जैसे दूरदराज के खनिज बाहुल्य क्षेत्रों को पूर्वांचल और विंध्य क्षेत्र के हाई-स्पीड नेटवर्क से जोड़ा जाएगा, जिससे भारी उद्योगों और खनन परिवहन में समय और लागत की भारी बचत होगी।
    \r\n
  • \r\n
\r\n\r\n
 
\r\n\r\n

​जेवर लिंक और विंध्य पूर्वांचल स्पर: कनेक्टिविटी का 'मास्टर ग्रिड'

\r\n\r\n
​उत्तर प्रदेश सरकार केवल नए एक्सप्रेसवे ही नहीं बना रही, बल्कि पुराने और नए एक्सप्रेसवे को लिंक स्पर (Link Spurs) के जरिए आपस में जोड़कर पूरे राज्य में ट्रैफिक ग्रिड तैयार कर रही है।
\r\n\r\n
 
\r\n\r\n
    \r\n
  1. \r\n
    ​जेवर लिंक एक्सप्रेसवे: नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट (जेवर) को राज्य के प्रमुख एक्सप्रेसवे नेटवर्क से सीधा जोडने के लिए जेवर लिंक एक्सप्रेसवे को वित्तीय मंजूरी दी गई है। इससे पश्चिमी उत्तर प्रदेश के निर्माण उद्योगों और एग्रो-एक्सपोर्ट को हवाई मार्ग से सीधी कनेक्टिविटी मिलेगी।
    \r\n
  2. \r\n
  3. \r\n
    ​विंध्य पूर्वांचल लिंक एक्सप्रेसवे: सोनभद्र से शुरू होकर चंदौली और गाजीपुर होते हुए पूर्वांचल एक्सप्रेसवे को जोडने वाले इस लिंक स्पर के लिए ₹2,300 करोड़ की भूमि अधिग्रहण राशि रखी गई है।
    \r\n
  4. \r\n
  5. \r\n
    ​अन्य जारी परियोजनाएं: राज्य में पहले से ही पानीपत-गोरखपुर, गोरखपुर-शामली और गोरखपुर-सिलीगुड़ी जैसे बड़े एक्सप्रेसवे कॉरिडोर पर द्रुत गति से काम चल रहा है।
    \r\n
  6. \r\n
\r\n\r\n
 
\r\n\r\n

​एक्सप्रेसवे परियोजनाओं का बजट आवंटन एवं प्रमुख विवरण

\r\n\r\n\r\n \r\n \r\n \r\n \r\n \r\n \r\n \r\n \r\n \r\n \r\n \r\n \r\n \r\n \r\n \r\n \r\n \r\n \r\n \r\n \r\n \r\n \r\n \r\n \r\n \r\n \r\n \r\n \r\n \r\n \r\n \r\n \r\n
\r\n
परियोजना का नाम
\r\n
\r\n
प्रस्तावित बजट (₹ में)
\r\n
\r\n
प्रमुख रूट / जुड़े जिले
\r\n
\r\n
मुख्य उद्देश्य एवं विशेषताएं
\r\n
\r\n
विंध्य एक्सप्रेसवे
\r\n
\r\n
₹6,580 करोड़
\r\n
\r\n
प्रयागराज, मिर्जापुर, वाराणसी, चंदौली, सोनभद्र
\r\n
\r\n
खनिज एवं औद्योगिक क्षेत्रों को हाई-स्पीड कनेक्टिविटी
\r\n
\r\n
गंगा एक्सप्रेसवे (मेरठ-हरिद्वार विस्तार)
\r\n
\r\n
₹5,780 करोड़
\r\n
\r\n
मेरठ, मुजफ्फरनगर, रुड़की, हरिद्वार
\r\n
\r\n
दिल्ली-एनसीआर को बाईपास कर सीधा हरिद्वार-ऋषिकेश लिंक
\r\n
\r\n
विंध्य-पूर्वांचल लिंक स्पर
\r\n
\r\n
₹2,300 करोड़
\r\n
\r\n
सोनभद्र, चंदौली, गाजीपुर
\r\n
\r\n
पूर्वांचल एक्सप्रेसवे से विंध्य क्षेत्र का सीधा संपर्क
\r\n
\r\n
जेवर लिंक एक्सप्रेसवे
\r\n
\r\n
विशेष प्रावधान
\r\n
\r\n
जेवर एयरपोर्ट, यमुना एक्सप्रेसवे लिंक
\r\n
\r\n
नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट से निर्बाध कनेक्टिविटी
\r\n
\r\n\r\n
 
\r\n\r\n

बुनियादी ढांचे से आर्थिक समृद्धि: 'ग्रोथ इंजन' बनता उत्तर प्रदेश

\r\n\r\n
​उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के अनुसार, बेहतर कनेक्टिविटी ही राज्य में निवेश का असली आधार है। कभी देश के पिछड़े राज्यों की श्रेणी में गिना जाने वाला उत्तर प्रदेश आज भारत की ट्रिलियन-डॉलर अर्थव्यवस्था का 'ग्रोथ इंजन' बनकर उभर रहा है।
\r\n\r\n
 
\r\n\r\n
​एक्सप्रेसवे नेटवर्क के किनारे औद्योगिक गलियारे (Industrial Corridors), लॉजिस्टिक्स पार्क और वेयरहाउसिंग हब विकसित किए जा रहे हैं। गंगा एक्सप्रेसवे और विंध्य एक्सप्रेसवे के बनने से न केवल यात्रा का समय आधा रह जाएगा, बल्कि पश्चिमी यूपी से लेकर पूर्वांचल तक स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार और व्यापार के लाखों नए अवसर पैदा होंगे।
विज्ञापन
विज्ञापन