मेरठ में विकास कार्यों की सुस्त रफ्तार और प्रशासनिक लापरवाही का एक अनूठा मामला सामने आया है। शहर की बेहद महत्वपूर्ण वेस्टर्न कचहरी रोड पर सीएम ग्रिड योजना के तहत शुरू हुए निर्माण कार्य को पूरा होने में एक साल बीत चुका है, लेकिन सड़क आज भी अधूरी पड़ी है।
निर्माण कार्य की पहली बरसी पर सामाजिक संस्था से जुड़े अधिवक्ता संदीप पहल और स्थानीय व्यापारियों ने अनोखे अंदाज में विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने सड़क पर पोस्टर लगाए, फूल चढ़ाए और सड़क की 'बरसी' मनाते हुए तीखा रोष व्यक्त किया।
एक साल में सिर्फ 60 फीसदी काम पूरा
वेस्टर्न कचहरी रोड पर करीब दो किलोमीटर लंबी सड़क का निर्माण कार्य एक साल पहले 13 सितंबर 2025 को शुरू हुआ था। इसका शुभारंभ महापौर हरिकांत अहलूवालिया और सांसद अरुण गोविल ने किया था। हालांकि, एक साल का लंबा समय बीत जाने के बावजूद धरातल पर केवल 60 प्रतिशत ही काम पूरा हो पाया है। सड़क पर गहरे गड्ढे, उड़ती धूल और अधूरी पड़ी नालियों के कारण व्यापारी और रोजाना गुजरने वाले राहगीर गंभीर समस्याओं का सामना कर रहे हैं। प्रदर्शनकारियों ने काम की गुणवत्ता पर सवाल उठाते हुए डीपीआर (DPR) के मुताबिक काम न होने और कथित कमीशनखोरी का गंभीर आरोप लगाया है।

ऐतिहासिक और वीआईपी महत्व वाला मार्ग
यह सड़क केवल आम रास्ता नहीं है, बल्कि इसका इतिहास मेरठ के स्वतंत्रता संग्राम और राजनीतिक दिग्गजों से जुड़ा रहा है। कभी इस मार्ग पर चौधरी चरण सिंह, विष्णुशरण दुब्लिश, कॉमरेड भारत सिंह और आसौदा वाले रघुवीर त्यागी जैसे महान व्यक्तित्वों की मौजूदगी रही है। वर्तमान में इसी मार्ग पर बागपत सांसद डॉ. राजकुमार सांगवान और बीजेपी एमएलसी अश्वनी त्यागी का आवास भी स्थित है। इसके अलावा, प्रसिद्ध आरजी गर्ल्स पीजी कॉलेज, कचहरी, मेरठ कॉलेज, कमिश्नरी और कलेक्ट्रेट जैसे प्रमुख संस्थान इसी मार्ग से जुड़े हैं, जहां रोजाना हजारों वकीलों, छात्रों और आम नागरिकों का आना-जाना होता है।
Follow the Khabreelal News channel on WhatsApp Join ›लोगों ने उठाई उच्च स्तरीय जांच की मांग
महत्वपूर्ण संस्थानों और वीआईपी आवासों से जुड़ी इस सड़क की बदहाली देखकर स्थानीय लोगों और व्यापारियों में भारी गुस्सा है। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि जब इतने खास इलाकों और महत्वपूर्ण मार्ग की यह दुर्दशा है, तो शहर के बाकी हिस्सों का क्या हाल होगा। उन्होंने इस पूरे प्रोजेक्ट की निष्पक्ष जांच कराने और जिम्मेदार अधिकारियों व ठेकेदारों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
Sabse pehle comment karne wale banein.