मेरठ (Meerut News): महंगाई और डीजल के बढ़ते दामों से परेशान किसानों के लिए एक राहत भरी खबर है। उत्तर प्रदेश के मेरठ जिले में प्रधानमंत्री किसान ऊर्जा सुरक्षा एवं उत्थान महाभियान (पीएम कुसुम योजना) के तहत अनुदान (Subsidy) पर सोलर पंप प्राप्त करने का सुनहरा अवसर आया है। लेकिन, ध्यान देने वाली बात यह है कि इसके लिए समय बहुत कम बचा है।READ ALSO:-दिल्ली के रामलीला मैदान से कांग्रेस का शंखनाद: 'वोट चोर गद्दी छोड़' रैली में राहुल गांधी ने भरी हुंकार, बोले- 'चुनाव आयोग अब बीजेपी का सहयोगी'
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मेरठ के उप कृषि निदेशक नीलेश चौरसिया ने जानकारी दी है कि योजना के तहत ऑनलाइन आवेदन करने की अंतिम तिथि 15 दिसंबर 2025 है। यानी अन्नदाताओं के पास आवेदन करने के लिए अब महज कुछ ही घंटों का समय शेष है। इस योजना का उद्देश्य किसानों को सिंचाई के लिए बिजली और डीजल पर निर्भरता कम करना और उनकी आय में वृद्धि करना है।
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306 किसानों को मिलेगा लाभ, होगी ई-लॉटरी

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उप कृषि निदेशक ने बताया कि मेरठ जिले के लिए इस बार 306 सोलर पंपों का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। चूंकि यह योजना किसानों के बीच काफी लोकप्रिय है, इसलिए उम्मीद है कि लक्ष्य से अधिक आवेदन प्राप्त होंगे।
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    आवेदन प्रक्रिया: किसान विभागीय वेबसाइट https://agriculture.up.gov.in पर जाकर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं।
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    चयन प्रक्रिया: यदि निर्धारित लक्ष्य से अधिक बुकिंग होती है, तो लाभार्थियों का चयन 'पहले आओ-पहले पाओ' के आधार पर नहीं, बल्कि जनपद स्तरीय गठित समिति की मौजूदगी में ई-लाटरी (E-Lottery) के माध्यम से किया जाएगा। इससे प्रक्रिया में पारदर्शिता बनी रहेगी।
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बोरिंग को लेकर सख्त हैं नियम, डूब सकते हैं पैसे

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योजना का लाभ लेने के लिए किसानों को तकनीकी पहलुओं और नियमों का खास ध्यान रखना होगा। उप कृषि निदेशक ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि आवेदन के समय किसान के खेत में बोरिंग अनिवार्य रूप से होनी चाहिए।
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    सत्यापन: ऑनलाइन बुकिंग के लिए 5,000 रुपये की टोकन मनी जमा करनी होगी।
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    चेतावनी: अगर भौतिक सत्यापन (Physical Verification) के समय किसान के खेत में निर्धारित गहराई और साइज की बोरिंग नहीं पाई जाती है, तो आवेदन निरस्त कर दिया जाएगा और 5000 रुपये की टोकन मनी जब्त कर ली जाएगी।
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बोरिंग और पंप का विवरण: किसानों को अपनी जल स्तर की आवश्यकता के अनुसार पंप का चयन करना चाहिए:
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    2 एचपी (Surface): 22 फीट जल स्तर तक (4 इंच बोरिंग)।
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  3. \r\n
    2 एचपी (Submersible): 50 फीट तक।
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  4. \r\n
  5. \r\n
    3 एचपी (Submersible): 150 फीट तक (6 इंच बोरिंग)।
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  6. \r\n
  7. \r\n
    5 एचपी (Submersible): 200 फीट तक (6 इंच बोरिंग)।
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  8. \r\n
  9. \r\n
    7.5 एचपी और 10 एचपी: 300 फीट तक (8 इंच बोरिंग)।
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  10. \r\n
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बुकिंग कन्फर्म होने पर क्या करें?

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जिला कृषि अधिकारी राजीव कुमार ने बताया कि ई-लॉटरी या बुकिंग प्रक्रिया पूरी होने के बाद, यदि किसान का चयन होता है, तो इसकी सूचना उनके पंजीकृत मोबाइल नंबर पर एसएमएस के जरिए दी जाएगी। मैसेज मिलने के बाद किसान को अपनी बुकिंग कन्फर्म माननी होगी और निर्धारित समय सीमा के भीतर बाकी बची हुई कृषक अंश की धनराशि (सब्सिडी घटाकर) जमा करनी होगी। इसके लिए ऑनलाइन टोकन जनरेट कर चालान के माध्यम से इंडियन बैंक की किसी भी शाखा में या ऑनलाइन पैसा जमा किया जा सकता है।
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बिजली कनेक्शन और स्थान परिवर्तन पर रोक

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पीएम कुसुम योजना का लाभ लेने वाले किसानों के लिए कुछ शर्तें भी लगाई गई हैं ताकि योजना का दुरुपयोग न हो।
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    बिजली कनेक्शन नहीं मिलेगा: जिन किसानों के ट्यूबवेल पर सोलर पंप की सुविधा दी जाएगी, उन्हें भविष्य में उस बोरिंग पर बिजली का कनेक्शन (Electricity Connection) नहीं दिया जाएगा।
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    स्थान परिवर्तन मना: सोलर पंप स्थापित होने के बाद किसान उसका स्थान नहीं बदल सकेंगे। यदि कोई किसान ऐसा करता है, तो उससे अनुदान की पूरी राशि वसूल कर ली जाएगी।
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    डार्क जोन के नियम: जिन क्षेत्रों में भूजल स्तर बहुत नीचे है (अति दोहित क्षेत्र), वहां नए सोलर पंप नहीं लगेंगे। वहां केवल पुराने डीजल पंपों को सोलर में बदला जा सकता है, बशर्ते किसान 'सूक्ष्म सिंचाई तकनीक' (Micro Irrigation) का उपयोग कर रहा हो। इसके लिए उद्यान विभाग का प्रमाण पत्र देना होगा।
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क्यों जरूरी है यह योजना?

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प्रदेश में सिंचाई के लिए आज भी लाखों किसान महंगे डीजल पंपों का इस्तेमाल करते हैं, जिससे खेती की लागत बढ़ जाती है। पीएम कुसुम योजना के तहत सरकार भारी भरकम सब्सिडी देती है, जिससे किसान नाममात्र के खर्च में अपने खेत में सोलर सिस्टम लगवा सकते हैं। इससे न केवल मुफ्त बिजली मिलती है बल्कि पर्यावरण की रक्षा भी होती है।
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मेरठ के किसानों के लिए यह एक बेहतरीन मौका है। 15 दिसंबर की तारीख नजदीक है, इसलिए बिना देरी किए आधिकारिक पोर्टल पर जाकर अपना पंजीकरण सुनिश्चित करें। साथ ही, आवेदन करने से पहले बोरिंग और अन्य तकनीकी शर्तों की जांच अवश्य कर लें ताकि आपकी टोकन मनी सुरक्षित रहे और आपको योजना का लाभ मिल सके।
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